अमरनाथ यात्रा 2026: 12 दिनों में 3 लाख श्रद्धालुओं ने रचा इतिहास

अमरनाथ यात्रा 2026 में 12 दिनों में 3 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने दर्शन कर रिकॉर्ड बनाया। शिवलिंग पिघलने के बाद भी भक्तों की संख्या में 37 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

Jul 15, 2026 - 16:35
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अमरनाथ यात्रा 2026: 12 दिनों में 3 लाख श्रद्धालुओं ने रचा इतिहास

श्री अमरनाथ यात्रा 2026 ने इतिहास के पन्नों में एक नया अध्याय लिख दिया है और हर दिन नए रिकॉर्ड बन रहे हैं। इस पावन यात्रा के शुरुआती 12 दिनों में ही 3 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने बाबा बर्फानी के दर्शन कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। बाबा के दर्शन के लिए लाखों की भीड़ उमड़ रही है और यह संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। 57 दिनों की इस लंबी यात्रा के शुरुआती दिनों में ही बर्फ का शिवलिंग पिघल जाने के बावजूद, श्रद्धालुओं की आस्था और संख्या ऐतिहासिक स्तर पर पहुंच गई है। पिछले सालों की तुलना में इस बार श्रद्धालुओं की संख्या में 37 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जो इस यात्रा के प्रति लोगों के अटूट विश्वास को दर्शाती है।

उपराज्यपाल ने की सेवा प्रदाताओं की सराहना

पवित्र अमरनाथ यात्रा के सफल संचालन को देखते हुए उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने इसमें बहुमूल्य योगदान देने वाले सभी अधिकारियों, सेवा प्रदाताओं और स्वयंसेवकों की जमकर सराहना की है। उपराज्यपाल ने अपने बयान में कहा कि इन सभी के समर्पण और कड़ी मेहनत ने बाबा बर्फानी के हर भक्त के लिए इस पवित्र यात्रा को सुगम, सुरक्षित और यादगार बना दिया है। प्रशासन और विभिन्न विभागों के बीच बेहतर तालमेल की वजह से ही इतनी बड़ी संख्या में पहुंच रहे श्रद्धालुओं का प्रबंधन सुचारू रूप से किया जा रहा है और सुरक्षा बलों और चिकित्सा टीमों की तैनाती ने भी यात्रियों के आत्मविश्वास को बढ़ाया है।

आस्था के सामने फीका पड़ा शिवलिंग का पिघलना

इस साल की अमरनाथ यात्रा को इसलिए भी ऐतिहासिक माना जा रहा है क्योंकि इसने श्रद्धालुओं की संख्या के सभी पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। बाबा बर्फानी के रूप में पूजी जाने वाली बर्फ की आकृति मई 2026 में लगभग 7 फीट ऊंची थी, लेकिन यात्रा के शुरुआती पांच दिनों में ही यह पिघल गई। इसके बावजूद, लोगों की आस्था या भक्ति में कोई कमी नहीं आई है और श्रद्धालुओं का मानना है कि पवित्र गुफा की परम पवित्रता और दैवीय ऊर्जा पूरी तरह से बनी हुई है, चाहे बर्फ की आकृति की भौतिक स्थिति कैसी भी हो। यही कारण है कि पवित्र गुफा में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या प्रतिदिन 15,000 से 20,000 के बीच बनी हुई है।

14वें जत्थे की रवानगी और विस्तृत आंकड़े

अमरनाथ तीर्थयात्रियों का 14वां जत्था आज जम्मू के भगवती नगर यात्री निवास से रवाना हुआ। इस जत्थे में कुल 6,251 श्रद्धालु शामिल थे जो बालटाल और पहलगाम के दो मुख्य बेस कैंपों के लिए निकले। आंकड़ों के अनुसार, 2,985 तीर्थयात्री छोटे बालटाल रूट से गए, जबकि 3,266 श्रद्धालुओं ने पारंपरिक पहलगाम रूट को चुना। इस विशाल काफिले में कुल 230 गाड़ियां शामिल थीं, जिनमें 137 बसें, 34 मीडियम मोटर वाहन (MMV) और 59 लाइट मोटर वाहन (LMV) शामिल थे। इस जत्थे की संरचना भी काफी विविध थी, जिसमें 4,439 पुरुष, 1,614 महिलाएं, 13 बच्चे, 78 साधु, 53 साध्वियां, एक बाल साधु, तीन ट्रांसजेंडर तीर्थयात्री और 50 विदेशी पुरुष तीर्थयात्री शामिल थे।

पंजीकरण और यात्रा का समापन

देश भर में कुल एडवांस रजिस्ट्रेशन का आंकड़ा 4 लाख को पार कर चुका है और यह प्रक्रिया अभी भी जारी है। सुरक्षा और बुनियादी ढांचे को लेकर तमाम चुनौतियों के बावजूद, न तो श्रद्धालु और न ही श्राइन बोर्ड पीछे हटे हैं। बोर्ड बिना किसी रुकावट के 57 दिनों की पूरी तीर्थयात्रा का आयोजन कर रहा है। श्रीनगर यात्रा ट्रांज़िट कैंप, बालटाल और नुमवान यात्रा बेस कैंप पर हर दिन हजारों श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। यह यात्रा 28 अगस्त, 2026 को रक्षाबंधन के पावन अवसर पर समाप्त होगी। उल्लेखनीय है कि यात्रा की शुरुआत में बाबा बर्फानी की पहली आरती का अलौकिक वीडियो सामने आया था, जिसे दुनियाभर के करोड़ों शिव भक्तों ने देखा और सराहा था।

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