कतर ने कैद किए ईरान के 3 फाइटर पायलट, 6 महीने से नहीं मिली कोई जानकारी

ईरान ने खुलासा किया है कि कतर ने मार्च से 3 ईरानी फाइटर पायलटों को कैद कर रखा है। ये पायलट अमेरिकी बेस पर हमले के दौरान पकड़े गए थे।

Aug 16, 2026 - 08:35
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कतर ने कैद किए ईरान के 3 फाइटर पायलट, 6 महीने से नहीं मिली कोई जानकारी

मध्य-पूर्व में जारी तनावपूर्ण स्थिति के बीच एक बड़ी खबर सामने आई है, जिसमें यह खुलासा हुआ है कि कतर ने पिछले 6 महीनों से ईरान के 3 सैन्य पायलटों को अपनी कैद में रखा हुआ है। इस बात की जानकारी ईरान की फ़ार्स न्यूज़ एजेंसी ने शनिवार को दी है और इस खुलासे ने ईरान और कतर के बीच के कूटनीतिक संबंधों और क्षेत्र में जारी सैन्य संघर्षों को एक नया मोड़ दे दिया है। यह पूरा मामला मार्च के महीने में शुरू हुआ था, जब एक सैन्य अभियान के दौरान ईरानी विमानों को निशाना बनाया गया था।

मार्च का अभियान और Su-24 विमानों का गिरना

फ़ार्स न्यूज़ एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, यह घटना उस समय की है जब मार्च में ईरान के 2 Su-24 फाइटर जेट कतर में स्थित एक अमेरिकी सैन्य बेस पर हमला करने के मिशन पर थे। इस ऑपरेशन के दौरान इन विमानों को गिरा दिया गया, जिसके बाद कतरी सेना ने 3 ईरानी सैन्य पायलटों को हिरासत में ले लिया। तब से लेकर अब तक, यानी पिछले 6 महीनों से, ये तीनों पायलट कतर की कैद में हैं और उनके बारे में बहुत कम जानकारी सार्वजनिक की गई है।

पकड़े गए पायलटों की पहचान का खुलासा

ईरान की ओर से इन तीनों पायलटों की पहचान सार्वजनिक कर दी गई है। आर्म्ड फोर्स के जनरल स्टाफ की 'सर्च कमेटी फॉर द मिसिंग' के कमांडर मोहम्मद बाघरजादेह ने बताया कि कतर की कैद में मौजूद इन 3 पायलटों के नाम जवाद सालेही, अब्दुल-मजीद दश्तियन और इमरान बेह्रुशियन हैं। इन तीनों को कतरी सेना ने मार्च से ही अपनी हिरासत में रखा हुआ है और अब ईरान इस मामले को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उठाने की तैयारी कर रहा है।

कैद में पायलटों की स्थिति और संपर्क पर पाबंदी

कमांडर मोहम्मद बाघरजादेह ने दावा किया है कि कतर की सरकार ने इन तीनों पायलटों पर कड़े प्रतिबंध लगा रखे हैं। उन्होंने बताया कि इन तीनों को न तो आपस में मिलने दिया जा रहा है और न ही उन्हें अपने परिवार के सदस्यों से बात करने की अनुमति दी गई है और इसके अलावा, इस मामले को देख रहे ईरानी अधिकारियों को भी इन पायलटों से संपर्क करने से रोका गया है। कतर की ओर से इन पायलटों के स्वास्थ्य या उनकी वर्तमान स्थिति के बारे में भी कोई आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की जा रही है।

रेड क्रॉस से मदद की मांग और जिनेवा कन्वेंशन का हवाला

ईरानी अधिकारियों ने अब इस मामले में अंतरराष्ट्रीय हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने मांग की है कि 'इंटरनेशनल कमिटी ऑफ द रेड क्रॉस' को कतर की कैद में मौजूद इन पायलटों से मिलने की अनुमति दी जाए। फ़ार्स की रिपोर्ट में कहा गया है कि तीसरे जिनेवा कन्वेंशन के नियमों के तहत, इंटरनेशनल रेड क्रॉस को कतर में ईरानी पायलटों से जल्द से जल्द मिलना चाहिए। ईरान चाहता है कि रेड क्रॉस इन पायलटों के स्वास्थ्य की जांच करे और उनकी सुरक्षित रिहाई के लिए आवश्यक परिस्थितियां बनाने में मदद करे।

पायलट माजिद काजेमी का शव और डीएनए टेस्ट

इस पूरे घटनाक्रम में एक और दुखद पहलू पिछले महीने सामने आया था। ईरानी सेना ने जानकारी दी थी कि उसने ईरानी पायलट माजिद काजेमी का शव बरामद कर लिया है। माजिद काजेमी भी मार्च की शुरुआत में कतर के अल-उदीद एयर बेस पर हुए उसी ऑपरेशन का हिस्सा थे, जिसमें अन्य पायलट पकड़े गए थे। ईरान की सेना ने स्पष्ट किया कि डीएनए टेस्ट के माध्यम से काजेमी की मौत की पुष्टि की गई है और वह उन Su-24 पायलटों में शामिल थे जो इस खतरनाक मिशन पर भेजे गए थे।

अमेरिकी पायलट का रेस्क्यू और कतर की चुप्पी

इसी संघर्ष के दौरान एक और महत्वपूर्ण घटना घटी थी, जहां अमेरिका ने अपने एक F-15E विमान के दूसरे पायलट को ईरान के भीतर से ढूंढ निकाला था। अमेरिकी सेना ने भीषण गोलीबारी के बीच एक सफल रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर अपने पायलट को सुरक्षित बचा लिया था। एक तरफ जहां अमेरिकी पायलट को बचा लिया गया, वहीं दूसरी तरफ ईरानी पायलट पिछले 6 महीनों से कतर की कैद में हैं। फिलहाल, ईरान द्वारा लगाए गए इन गंभीर आरोपों पर कतर की सरकार की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया या बयान सामने नहीं आया है।

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