दीपिका पादुकोण और सोनम वांगचुक के वायरल पोस्ट का सच: फर्जी निकला समर्थन का दावा
दीपिका पादुकोण द्वारा सोनम वांगचुक के समर्थन में पोस्ट करने का दावा फर्जी निकला है। जानें जंतर-मंतर पर चल रहे अनशन और दिल्ली हाई कोर्ट की टिप्पणी के बारे में पूरी जानकारी।
सोशल मीडिया के गलियारों में इन दिनों एक स्क्रीनशॉट बड़ी तेजी से घूम रहा है, जिसमें यह दावा किया जा रहा है कि मशहूर अभिनेत्री दीपिका पादुकोण ने शिक्षाविद् और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के अनशन के समर्थन में अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर एक पोस्ट साझा किया और फिर उसे हटा दिया। हालांकि, इस दावे की जब गहराई से जांच की गई तो यह पूरी तरह से झूठा और निराधार साबित हुआ है। इस बात का कोई भी पुख्ता प्रमाण नहीं मिला है कि दीपिका ने कभी भी ऐसी कोई स्टोरी अपने आधिकारिक अकाउंट से साझा की थी। वायरल हो रहा यह स्क्रीनशॉट पूरी तरह से फर्जी है और इसे डिजिटल तरीके से एडिट किया गया है।
फर्जी पोस्ट की सच्चाई और छेड़छाड़ के सबूत
राजनीतिक संदेशों से भरे इस कथित स्क्रीनशॉट में यह दिखाने की कोशिश की गई है कि दीपिका ने सोनम वांगचुक से जुड़े एक पोस्ट को री-शेयर किया और उसके साथ एक भावुक नोट भी लिखा। ' इसके साथ ही इसमें दीपिका के नाम का इस्तेमाल करते हुए लोकतंत्र और देश के राजनीतिक नेतृत्व पर सवाल उठाने वाली बातें भी लिखी गई हैं। हकीकत यह है कि दीपिका के आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर ऐसा कोई भी पोस्ट कभी नहीं देखा गया। स्क्रीनशॉट को ध्यान से देखने पर इसमें साफ तौर पर छेड़छाड़ के सबूत मिलते हैं, जो इसे फर्जी साबित करते हैं।
दीपिका पादुकोण को निशाना बनाने का पुराना इतिहास
यह पहली बार नहीं है जब दीपिका पादुकोण के नाम का सहारा लेकर कोई भ्रामक जानकारी या फर्जी खबर फैलाई गई हो। पिछले कुछ महीनों के भीतर यह दूसरी बार है जब उन्हें लेकर कोई फर्जी पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। इससे पहले मार्च के महीने में भी एक झूठा स्क्रीनशॉट फैलाया गया था, जिसमें यह दावा किया गया था कि उन्होंने रणवीर सिंह की फिल्म 'धुरंधर: द रिवेंज' का रिव्यू पोस्ट किया है, जो बाद में पूरी तरह मनगढ़ंत और गलत साबित हुआ था। दीपिका पहले भी कई बार राजनीतिक चर्चाओं के केंद्र में रही हैं, विशेषकर साल 2020 में उनकी जेएनयू यात्रा के बाद, जिसके कारण उनकी फिल्म 'छपाक' की रिलीज के समय काफी राजनीतिक प्रतिक्रियाएं देखने को मिली थीं।
सोनम वांगचुक का आंदोलन और फिल्मी सितारों का समर्थन
वर्तमान में सोनम वांगचुक दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट-यूजी 2026 पेपर लीक मामले को लेकर अनशन पर बैठे हुए हैं। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा है। इस संवेदनशील मुद्दे पर जहां बॉलीवुड के कई बड़े सितारों ने चुप्पी साध रखी है, वहीं फिल्म जगत की कुछ जानी-मानी हस्तियों ने खुलकर वांगचुक का समर्थन किया है और फिल्म निर्माता अनुराग कश्यप ने सोशल मीडिया पर उन्हें बेहद बहादुर बताया और इस मुद्दे पर फिल्म इंडस्ट्री की खामोशी को निराशाजनक करार दिया। उनके अलावा नसीरुद्दीन शाह, रत्ना पाठक शाह, जीनत अमान, अभय देओल, रुबीना दिलैक, स्वारा भास्कर और अतुल कुलकर्णी जैसे कलाकार भी उनके समर्थन में आगे आए हैं।
दिल्ली हाई कोर्ट का रुख और स्वास्थ्य संबंधी चिंताएं
गुरुवार को दिल्ली हाई कोर्ट ने भूख हड़ताल पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की सुरक्षा और उनकी गिरती सेहत को लेकर दायर एक जनहित याचिका पर सुनवाई की। वांगचुक पिछले 19 दिनों से जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल पर हैं और लगातार यह खबरें आ रही हैं कि उनका वजन काफी कम हो गया है और वह शारीरिक रूप से बहुत कमजोर हो गए हैं। याचिका में मांग की गई है कि अनशन पर बैठे वांगचुक की सुरक्षा और स्वास्थ्य का पूरा ख्याल रखा जाए। ' इसके साथ ही कोर्ट ने आदेश दिया है कि उन्हें किसी भी प्रकार की मेडिकल सहायता की जरूरत पड़ने पर तुरंत उपलब्ध कराई जाए।
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