भारतीय नौसेना को मिला एक और MH-60R सीहॉक हेलीकॉप्टर, अमेरिका के साथ रक्षा साझेदारी मजबूत

भारतीय नौसेना को कोच्चि में लॉकहीड मार्टिन से एक और MH-60R सीहॉक हेलीकॉप्टर मिला है, जो भारत-अमेरिका रक्षा साझेदारी को और मजबूत करता है।

Jul 17, 2026 - 16:35
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भारतीय नौसेना को मिला एक और MH-60R सीहॉक हेलीकॉप्टर, अमेरिका के साथ रक्षा साझेदारी मजबूत

भारतीय नौसेना की समुद्री ताकत में एक और बड़ा इजाफा हुआ है। अमेरिकी एयरोस्पेस कंपनी लॉकहीड मार्टिन द्वारा निर्मित एक और MH-60R सीहॉक नेवल हेलीकॉप्टर आधिकारिक तौर पर भारत को सौंप दिया गया है। भारत में अमेरिकी दूतावास ने शुक्रवार को इस महत्वपूर्ण घटनाक्रम की जानकारी साझा की। यह डिलीवरी पिछले सप्ताह कोच्चि में की गई, जो भारत और अमेरिका के बीच बढ़ते रक्षा सहयोग का एक और प्रमाण है और यह हेलीकॉप्टर भारतीय नौसेना के बेड़े को आधुनिक बनाने और हिंद महासागर क्षेत्र में रणनीतिक क्षमताओं को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

भारत-अमेरिका रक्षा साझेदारी की मजबूती

MH-60R सीहॉक हेलीकॉप्टर का भारत पहुंचना दोनों देशों के बीच मजबूत होती रक्षा साझेदारी का एक बड़ा सबूत माना जा रहा है। अमेरिकी दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट के माध्यम से इस उपलब्धि की जानकारी दी। दूतावास ने बताया कि लॉकहीड मार्टिन द्वारा बनाया गया यह उन्नत हेलीकॉप्टर पिछले सप्ताह कोच्चि में भारतीय नौसेना को सौंपा गया था। इसके साथ ही यह भी जानकारी दी गई कि इस सप्ताह 2 और हेलीकॉप्टर भारत पहुंचने वाले हैं। अमेरिकी दूतावास ने भारत-अमेरिका रक्षा संबंधों के निरंतर मजबूत होने पर प्रसन्नता व्यक्त की है और इसे दोनों देशों के बीच उच्च स्तरीय सैन्य सहयोग और उपकरण साझा करने का एक उत्कृष्ट उदाहरण बताया है।

7995 करोड़ रुपये की बड़ी डिफेंस डील

इन हेलीकॉप्टर्स की खरीद एक व्यापक रक्षा समझौते का हिस्सा है। दिसंबर 2025 में, अमेरिका ने भारत के साथ रक्षा सहयोग को लेकर एक महत्वपूर्ण कदम उठाने की घोषणा की थी, जब भारत ने अपने MH-60R सीहॉक हेलीकॉप्टर बेड़े के लिए सस्टेनमेंट पैकेज पर हस्ताक्षर किए थे। भारत ने इन हेलीकॉप्टर्स को 2020 में फॉरेन मिलिट्री सेल्स सौदे के तहत खरीदा था। भारतीय रक्षा मंत्रालय ने लॉकहीड मार्टिन से 24 MH-60R हेलीकॉप्टर्स की खरीद के लिए लगभग 7995 करोड़ भारतीय रुपये के सौदे को मंजूरी दी थी। अमेरिकी मुद्रा में इस सौदे की कीमत लगभग 946 मिलियन अमेरिकी डॉलर है। यह निवेश भारत की समुद्री सीमाओं को सुरक्षित करने और संभावित विरोधियों पर तकनीकी बढ़त बनाए रखने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

ऑपरेशन सिंदूर में हेलीकॉप्टर का पराक्रम

MH-60R सीहॉक हेलीकॉप्टर्स ने पहले ही वास्तविक ऑपरेशनों में अपनी कार्यक्षमता और शक्ति का प्रदर्शन किया है। पूर्व भारतीय नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी ने इन हेलीकॉप्टर्स की जमकर तारीफ की है। उन्होंने विशेष रूप से ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख करते हुए कहा कि इन हेलीकॉप्टर्स का उपयोग उस ऑपरेशन में किया गया था और उन्होंने वही परिणाम दिए जिसकी उनसे अपेक्षा की गई थी और ऑपरेशन सिंदूर में इनकी सफलता यह दर्शाती है कि ये हेलीकॉप्टर किसी भी चुनौतीपूर्ण और मांग वाली स्थिति में भारतीय नौसेना के लिए कितने विश्वसनीय और सामरिक रूप से फायदेमंद साबित हो सकते हैं।

MH-60R सीहॉक की तकनीकी विशेषताएं और ताकत

MH-60R सीहॉक एक बहुउद्देशीय समुद्री हेलीकॉप्टर है जो कई तरह के मिशनों को अंजाम देने में सक्षम है। यह एंटी-सरफेस मिशन, एंटी-सबमरीन वॉरफेयर, खोज और बचाव, समुद्री निगरानी और जहाज से जुड़े ऑपरेशनों के लिए विशेष रूप से डिजाइन किया गया है। यह हेलीकॉप्टर लंबी दूरी के सेंसर और आधुनिक हथियारों से लैस है। यह पनडुब्बियों का पता लगाने, समुद्री व्यापारिक मार्गों की सुरक्षा करने और विमान वाहक समूहों को सुरक्षा प्रदान करने में सक्षम है। MH-60R को पहली बार 2021 में भारतीय नौसेना में शामिल किया गया था और तब से यह नौसेना की मारक क्षमता को लगातार बढ़ा रहा है, जिससे भारत की समुद्री रक्षा रणनीति को मजबूती मिली है।

दुश्मन के ठिकानों को नष्ट करने में सक्षम

समुद्री सतह पर होने वाले खतरों से निपटने के लिए MH-60R सीहॉक बेहद घातक है। यह हल्के टॉरपीडो, मशीन गन और AGM-114 हेलफायर मिसाइलों से लैस हो सकता है। इसकी उन्नत तकनीक इसे दुश्मन के समुद्री लक्ष्यों को तुरंत पहचानने और उन्हें नष्ट करने की शक्ति प्रदान करती है। जहाजों से संचालित होने और लंबी दूरी की निगरानी करने की इसकी क्षमता यह सुनिश्चित करती है कि भारतीय नौसेना हिंद महासागर क्षेत्र में एक प्रमुख शक्ति बनी रहे और किसी भी समुद्री खतरे का सटीकता और गति के साथ जवाब दे सके।

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