महाराष्ट्र सरकार का बड़ा फैसला: दोषी या जांच के घेरे में आए विधायकों-सांसदों को नहीं मिलेगा विशेष प्रोटोकॉल

महाराष्ट्र सरकार ने नया GR जारी कर दोषी या जांच के घेरे में आए विधायकों-सांसदों के लिए विशेष प्रोटोकॉल खत्म कर दिया है।

Apr 29, 2026 - 18:35
 0  2
महाराष्ट्र सरकार का बड़ा फैसला: दोषी या जांच के घेरे में आए विधायकों-सांसदों को नहीं मिलेगा विशेष प्रोटोकॉल

महाराष्ट्र सरकार ने मंगलवार को एक नया शासन निर्णय (GR) जारी किया है, जिसके तहत सरकारी अधिकारियों के लिए प्रोटोकॉल नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। इस नए आदेश के अनुसार, सरकारी अधिकारियों को अब उन जनप्रतिनिधियों के लिए अपनी कुर्सी से खड़े होने या उन्हें विशेष सम्मान देने की आवश्यकता नहीं होगी, जो अपराधी घोषित हो चुके हैं या किसी अदालती अथवा विभागीय जांच के सिलसिले में सरकारी दफ्तर पहुंचे हैं। यह निर्णय प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लिया गया है।

इन स्थितियों में लागू होगा नया नियम

संशोधन के मुताबिक, कुछ विशेष परिस्थितियों में अधिकारियों को पारंपरिक प्रोटोकॉल का पालन करने की आवश्यकता नहीं होगी। इसमें वे मामले प्रमुखता से शामिल हैं, जब कोई निर्वाचित प्रतिनिधि यानी विधायक या सांसद किसी आपराधिक या अन्य मामले में दोषी पाया गया हो। इसके अतिरिक्त, यदि किसी जनप्रतिनिधि को किसी जांच या सुनवाई में एक पक्षकार के तौर पर बुलाया गया हो, तब भी अधिकारियों पर प्रोटोकॉल लागू नहीं होगा। चुनाव संबंधी प्रक्रियाओं, जैसे नामांकन दाखिल करने, छंटनी या सुनवाई के लिए सरकारी कार्यालय में उपस्थित होने पर भी अधिकारियों को विशेष प्रोटोकॉल फॉलो करने की जरूरत नहीं होगी।

आम नागरिक जैसा होगा व्यवहार

मुख्य सचिव राजेश अग्रवाल द्वारा हस्ताक्षरित इस आधिकारिक आदेश में स्पष्ट किया गया है कि ऐसी स्थितियों में अधिकारियों से यह अपेक्षा की जाती है कि वे जनप्रतिनिधियों के साथ सामान्य नागरिकों की तरह व्यवहार करें। उनके लिए किसी विशेष प्रोटोकॉल का पालन करने के बजाय, अधिकारियों को कानून और नियमों के दायरे में रहकर पूरी निष्पक्षता बरतनी चाहिए। सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, यह बदलाव इसलिए किया गया है क्योंकि जो व्यक्ति जांच का सामना कर रहा है, उसके आने पर खड़े होना या अत्यधिक शिष्टाचार दिखाना सुनवाई के परिणाम को प्रभावित कर सकता है।

पुराने नियम और बदलाव का आधार

इससे पहले 20 नवंबर, 2025 को तत्कालीन मुख्य सचिव राजेश कुमार ने निर्देश जारी किए थे, जिसमें कहा गया था कि जब भी कोई विधायक या सांसद किसी बैठक के लिए आए या वहां से जाए, तो अधिकारियों को उनके सम्मान में खड़े होकर अभिवादन करना अनिवार्य होगा। अब नए संशोधन ने इन नियमों को सीमित कर दिया है ताकि सरकारी अधिकारी पूरी तरह निष्पक्ष रहें।

यह नया नियम सुनिश्चित करता है कि जांच का सामना कर रहे किसी भी व्यक्ति के प्रति अत्यधिक शिष्टाचार न दिखाया जाए, जिससे प्रशासनिक प्रक्रिया की शुचिता बनी रहे और शासन का मानना है कि यह कदम अधिकारियों को बिना किसी दबाव या प्रभाव के अपना कर्तव्य निभाने में मदद करेगा।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow