मिडिल ईस्ट में भीषण तनाव: अमेरिका और ईरान के बीच भारी गोलाबारी से सीजफायर पर संकट
अमेरिका ने ईरान के 90 ठिकानों पर हवाई हमले किए हैं, जिससे मिडिल ईस्ट में सीजफायर समझौता टूटने की कगार पर है। ट्रंप ने युद्धविराम खत्म होने की चेतावनी दी है।
मिडिल ईस्ट में एक बार फिर युद्ध के बादल गहरा गए हैं क्योंकि अमेरिका और ईरान के बीच सीधी सैन्य भिड़ंत तेज हो गई है और इस ताजा गोलाबारी ने उस अंतरिम समझौते को खतरे में डाल दिया है जिसका उद्देश्य क्षेत्र में जारी संघर्ष को समाप्त करना था। गुरुवार को अमेरिका ने ईरान के खिलाफ नए और बड़े हवाई हमले किए, जिससे कई शहरों में भारी धमाकों की आवाज सुनी गई। ईरान के सरकारी मीडिया के अनुसार, ये धमाके बुशहर और दक्षिणी बंदरगाह शहरों सहित कई महत्वपूर्ण स्थानों पर हुए हैं और बुशहर वही स्थान है जहां ईरान का मुख्य न्यूक्लियर पावर प्लांट कॉम्प्लेक्स स्थित है। स्थानीय अधिकारी एहसान जहानियन ने पुष्टि की है कि अमेरिकी विमानों ने दोपहर के समय इस परमाणु संयंत्र के बेहद करीब हमला किया, जिससे पूरे क्षेत्र में दहशत फैल गई है।
ट्रंप की चेतावनी और सीजफायर का अंत
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस स्थिति पर कड़ा रुख अपनाते हुए संकेत दिया है कि नाजुक युद्धविराम अब समाप्त हो चुका है। तुर्की में नाटो शिखर सम्मेलन के बाद ट्रंप ने सोशल मीडिया पर कई वीडियो साझा किए जिनमें ईरान में हुए धमाकों को दिखाया गया था और ट्रंप ने स्पष्ट रूप से कहा कि यह कार्रवाई होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों पर किए गए ईरानी हमलों का बदला है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ईरान ने अपनी गतिविधियां नहीं रोकीं तो हालात और भी खराब हो जाएंगे और ट्रंप ने ईरान के नागरिक बुनियादी ढांचे, जैसे बिजली और डिसेलिनेशन प्लांट पर हमला करने और खार्ग द्वीप पर कब्जा करने की अपनी पुरानी धमकियों को भी दोहराया। गौरतलब है कि खार्ग द्वीप से ही ईरान का लगभग 90 प्रतिशत तेल निर्यात होता है, और इस पर हमले का मतलब ईरान की अर्थव्यवस्था को पूरी तरह तबाह करना होगा।
क्षेत्रीय देशों पर हमले और जवाबी कार्रवाई
अमेरिका के इन हमलों के जवाब में तेहरान ने मिडिल ईस्ट में अमेरिका के सहयोगी देशों को निशाना बनाना शुरू कर दिया है। बहरीन में, जहां अमेरिकी नौसेना के 5वें बेड़े का मुख्यालय है, गुरुवार को कम से कम तीन बार सायरन बजे। इसके अलावा कुवैत और कतर को भी मिसाइलों से निशाना बनाया गया और कुवैत की सेना ने जानकारी दी है कि उन्होंने तीन बैलिस्टिक मिसाइलों, एक क्रूज मिसाइल और 10 ड्रोन को मार गिराया है, हालांकि मलबे की चपेट में आने से एक व्यक्ति घायल हो गया है। जॉर्डन में भी दोपहर के समय सायरन की आवाजें सुनी गईं, जहां अमेरिका ने अपने सैनिक और लड़ाकू विमान तैनात कर रखे हैं और जॉर्डन सरकार के प्रवक्ता मोहम्मद अल-मोमानी ने कहा कि ईरान की ओर से किए गए सभी हमलों को सफलतापूर्वक रोक दिया गया था, जबकि ईरान के सरकारी टीवी ने दावा किया कि रिवोल्यूशनरी गार्ड ने जॉर्डन में अमेरिकी ठिकाने पर मिसाइलें दागी हैं।
जान-माल का नुकसान और सैन्य आंकड़े
ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, पिछले दो दिनों में हुए अमेरिकी हवाई हमलों में कम से कम 14 लोग मारे गए हैं और 78 अन्य घायल हुए हैं। बताया जा रहा है कि हताहत होने वालों में ज्यादातर सशस्त्र बलों के सदस्य थे। अमेरिकी सेना की सेंट्रल कमांड ने पुष्टि की है कि उसने ईरान के भीतर कुल 90 ठिकानों को निशाना बनाया है। सेना द्वारा जारी फुटेज में एयरपोर्ट रनवे और मिसाइल लॉन्चरों पर सटीक हमले होते देखे जा सकते हैं और अमेरिका का कहना है कि इन हमलों का मुख्य उद्देश्य ईरान की उस सैन्य क्षमता को कम करना है जिससे वह होर्मुज स्ट्रेट में अंतरराष्ट्रीय जहाजों की आवाजाही के लिए खतरा पैदा कर सकता है। 28 फरवरी को युद्ध शुरू होने से पहले तक दुनिया के कुल व्यापार का पांचवां हिस्सा तेल और गैस इसी रास्ते से गुजरता था।
बुनियादी ढांचे पर हमला और खामेनेई का अंतिम संस्कार
इस बार अमेरिकी हमलों में पहली बार ईरान के पुलों को भी निशाना बनाया गया है। सरकारी मीडिया के अनुसार, उत्तर-पूर्वी गोलिस्तान प्रांत में एक रेलवे पुल और मशहद जाने वाले रास्ते पर दो अन्य पुलों पर हमले किए गए। यह हमला उस समय हुआ जब मशहद में सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार के लिए हजारों लोग जमा थे। खामेनेई, जिन्होंने 37 साल तक ईरान पर शासन किया, युद्ध की शुरुआती गोलाबारी में मारे गए थे और उन्हें शुक्रवार तड़के उनके गृहनगर मशहद में सुपुर्द-ए-खाक किया गया। इस बीच, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने सऊदी अरब, तुर्की, ओमान और पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर से फोन पर बात की है, जो इस युद्ध में मुख्य मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे हैं। हालांकि, संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गलीबाफ ने सख्त लहजे में कहा है कि अमेरिका को अपनी दादागिरी की कीमत चुकानी पड़ेगी और हमले का जवाब हमले से दिया जाएगा।
आर्थिक प्रभाव और होर्मुज स्ट्रेट की स्थिति
होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही पर इस तनाव का सीधा असर दिख रहा है। समुद्री डेटा कंपनी लॉयड्स लिस्ट इंटेलिजेंस के अनुसार, जून में इस रास्ते से कम से कम 576 जहाज गुजरे, जबकि मई में यह संख्या केवल 233 थी। तुलनात्मक रूप से देखें तो जून 2025 में 3100 से ज्यादा जहाज इस रास्ते से गुजरे थे। ट्रंप के इस बयान ने कि अंतरिम युद्धविराम समझौता अब खत्म हो गया है, वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए चिंता पैदा कर दी है। अंतिम समझौते पर बातचीत खामेनेई के अंतिम संस्कार के बाद शुरू होनी थी, जिसमें होर्मुज स्ट्रेट को पूरी तरह खोलने और ईरान के परमाणु कार्यक्रम जैसे जटिल मुद्दों पर चर्चा होनी थी और लेकिन वर्तमान स्थिति को देखते हुए ऐसा लगता है कि यह क्षेत्र एक बार फिर बड़े युद्ध की चपेट में आ सकता है।
What's Your Reaction?