Indian Economy:पक्ष-विपक्ष में भारत की इकोनॉमी पर ऐसी जंग, दुनिया देखकर हो रही दंग

Indian Economy: देश की इकोनॉमी और उसकी ग्रोथ को लेकर विपक्ष की ओर से सवाल खड़े किए गए हैं. कांग्रेस के सीनियर लीडर मल्लिकार्जुन खड़गे ने देश की इकोनॉमी के तमाम

Nov 3, 2024 - 06:00
Nov 5, 2024 - 09:07
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Indian Economy:पक्ष-विपक्ष में भारत की इकोनॉमी पर ऐसी जंग, दुनिया देखकर हो रही दंग

Indian Economy: भारत की अर्थव्यवस्था को लेकर केंद्र और राज्य स्तर पर सरकार और विपक्ष के बीच तीखी बहस चल रही है। केंद्रीय राजनीति में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) सत्ता में है और कांग्रेस विपक्ष की भूमिका में है। दोनों ही पार्टियों के बीच आर्थिक नीतियों को लेकर एक नई जंग छिड़ गई है, जो केंद्र और राज्यों में अलग-अलग रूपों में देखने को मिल रही है। जहां केंद्र में केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी कांग्रेस के आरोपों का पलटवार करते हुए भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती का दावा कर रहे हैं, वहीं कर्नाटक में कांग्रेस के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार राज्य की आर्थिक प्रगति पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को करारा जवाब दे रहे हैं।

हरदीप सिंह पुरी का कांग्रेस पर पलटवार

केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे पर तीखा हमला किया। पुरी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर खरगे द्वारा मोदी सरकार पर लगाए गए आरोपों का आंकड़ों के जरिए जवाब दिया। खरगे ने शुक्रवार को पीएम मोदी पर झूठ, छल, जालसाजी, लूट, और प्रचार जैसे विशेषणों का उपयोग करते हुए विभिन्न मुद्दों पर सवाल उठाए थे, जिनमें रोजगार के वादे, मुद्रास्फीति, जीएसटी और भूख सूचकांक पर भारत की खराब रैंकिंग शामिल थी।

पुरी ने खरगे के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी देश में हो रहे सकारात्मक परिवर्तनों को नजरअंदाज कर रही है। उन्होंने बताया कि मोदी सरकार की नीतियों के चलते 24 करोड़ भारतीय बहुआयामी गरीबी से बाहर निकले हैं। इसके तहत 11 करोड़ से अधिक शौचालयों का निर्माण, 12 करोड़ घरों में नल जल कनेक्शन, 10 करोड़ मुफ्त रसोई गैस कनेक्शन, 51 करोड़ बैंक खाते और पूंजीगत व्यय में तीन गुना वृद्धि शामिल है। उन्होंने जीएसटी, स्टार्टअप इंडिया, और पीएलआई जैसी योजनाओं का हवाला देते हुए कहा कि ये सुधार भारतीय अर्थव्यवस्था को मजबूत बना रहे हैं और भारत 2047 तक अपने विकास के लक्ष्यों को हासिल करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

पुरी ने यह भी कहा कि मोदी सरकार ने वैश्विक बाजार में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भारी वृद्धि के बावजूद देश में कीमतों को स्थिर बनाए रखा। उन्होंने कांग्रेस की पिछली यूपीए सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि उनके समय में 1.41 लाख करोड़ रुपये के तेल बॉन्ड जारी किए गए थे, जिसके कारण देश को 3.2 लाख करोड़ रुपये चुकाने पड़े। पुरी के इस बयान के जरिए सरकार ने यह दावा किया कि मोदी सरकार की नीतियां देश को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य की ओर ले जा रही हैं।

कर्नाटक में आर्थिक विकास पर जुबानी जंग

कर्नाटक में जहां कांग्रेस सत्ता में है, वहां प्रदेश की विकास दर को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के बीच जुबानी जंग देखने को मिल रही है। मोदी ने एक्स पर पोस्ट कर कर्नाटक सरकार पर विकास की बजाय “आंतरिक राजनीति और लूट” पर ध्यान देने का आरोप लगाया था।

शिवकुमार ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कर्नाटक की आर्थिक प्रगति राष्ट्रीय औसत से अधिक है। उन्होंने सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MOSPI) के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि 2023-24 में राज्य की जीडीपी वृद्धि दर 10.2 प्रतिशत है, जो कि राष्ट्रीय औसत 8.2 प्रतिशत से अधिक है। शिवकुमार ने मोदी के इस बयान को तथ्यों से परे बताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री को अपने सोशल मीडिया टीम की बजाय विश्वसनीय स्रोतों पर भरोसा करना चाहिए। इस बीच, राज्य के सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री प्रियांक खड़गे ने भी मोदी की आलोचना करते हुए कहा कि पीएम गलत आंकड़ों के आधार पर बयान दे रहे हैं।

निष्कर्ष

भारत में अर्थव्यवस्था के मुद्दे पर राजनीतिक दलों के बीच यह तकरार एक गंभीर विषय की ओर संकेत करती है, जहां हर पार्टी अपने दृष्टिकोण से देश की आर्थिक स्थिति को जनता के सामने रखने की कोशिश कर रही है। केंद्र में जहां बीजेपी अपनी नीतियों को मजबूती का प्रतीक बताने में जुटी है, वहीं कर्नाटक में कांग्रेस सरकार राज्य की विकास दर को राष्ट्रीय औसत से अधिक दिखाकर अपनी नीतियों की सफलता का दावा कर रही है। इस जुबानी जंग के बीच आम जनता के लिए यह महत्वपूर्ण हो जाता है कि वे सही तथ्यों और आंकड़ों के आधार पर किसी निष्कर्ष पर पहुंचें।

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