Share Market News:जरूरत में दोस्त काम न आए, इस वजह से डूब रहे हैं शेयर बाजार में पैसे!
Share Market News: भारतीय शेयर बाजार में निवेशकों के भयंकर बिकवाली हो रही है. फरवरी महीने में ही सेंसेक्स 2 हजार अंकों से ज्यादा टूट गया है. विदेशी दोस्त साथ
Share Market News: घरेलू शेयर बाजार में पिछले कुछ महीनों से लगातार गिरावट देखी जा रही है। दलाल स्ट्रीट पर निवेशकों की चिंता बढ़ती जा रही है, क्योंकि प्रमुख सूचकांक लगातार लाल निशान में बंद हो रहे हैं। इस महीने भी बाजार में भारी बिकवाली दर्ज की गई, जिससे सेंसेक्स करीब 2200 अंक तक टूट गया।
सेंसेक्स में भारी गिरावट
वित्त वर्ष 2025 की शुरुआत में सेंसेक्स 77,505 अंकों पर था, लेकिन बीते शुक्रवार को यह 75,311.06 अंक पर पहुंच गया। अकेले शुक्रवार को ही इसमें 424.90 अंकों की गिरावट आई। इस गिरावट के पीछे कई वैश्विक कारण जिम्मेदार हैं, जिनमें से सबसे महत्वपूर्ण विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) द्वारा भारी बिकवाली है।
एफपीआई की भारी निकासी
आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी निवेशकों ने फरवरी 2025 में अब तक भारतीय शेयर बाजार से 23,710 करोड़ रुपये निकाल लिए हैं। इससे पहले, जनवरी में उन्होंने 78,027 करोड़ रुपये की निकासी की थी। इस प्रकार, 2025 में अब तक एफपीआई भारतीय बाजार से 1,01,737 करोड़ रुपये की निकासी कर चुके हैं।
विदेशी निवेशक क्यों निकाल रहे हैं पैसा?
विशेषज्ञों के अनुसार, एफपीआई द्वारा निकासी के पीछे कई प्रमुख कारण हैं:
-
अमेरिका में संभावित व्यापार युद्ध: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा विभिन्न देशों पर जवाबी शुल्क लगाने और इस्पात तथा एल्युमीनियम के आयात पर नए शुल्क लगाने की संभावना के चलते वैश्विक व्यापार युद्ध की आशंका बढ़ गई है।
-
चीन में सस्ते शेयरों का आकर्षण: चीन के शेयर अपेक्षाकृत सस्ते हैं, जिससे निवेशक भारत से पैसा निकालकर चीन में निवेश कर रहे हैं।
-
अमेरिकी चुनाव का प्रभाव: ट्रंप की चुनावी बढ़त के चलते अमेरिका में निवेश बढ़ा है, जिससे अन्य उभरते बाजारों में पूंजी का बहिर्वाह हो रहा है।
-
भारतीय कंपनियों की आय में अस्थिरता: जब तक भारतीय कंपनियों की आय में सुधार नहीं होता, तब तक विदेशी निवेशकों की वापसी की संभावना कम है।
क्या एफपीआई वापस लौटेंगे?
जियोजीत फाइनेंशियल सर्विसेज के मुख्य निवेश रणनीतिकार वी. के. विजय कुमार का मानना है कि विदेशी निवेशक तब ही वापस आएंगे, जब भारतीय कंपनियों की आय में सुधार होगा। इसका संकेत अगले दो से तीन महीनों में मिलने की उम्मीद है।
भविष्य की संभावनाएं
-
यदि भारतीय कंपनियों के तिमाही नतीजे मजबूत आते हैं, तो बाजार में स्थिरता आ सकती है।
-
वैश्विक स्तर पर व्यापार युद्ध की स्थिति स्पष्ट होने के बाद निवेशकों की धारणा बदल सकती है।
-
भारत सरकार द्वारा विदेशी निवेश को आकर्षित करने के लिए यदि कोई बड़ा कदम उठाया जाता है, तो एफपीआई की वापसी संभव हो सकती है।
निष्कर्ष
घरेलू शेयर बाजार में जारी गिरावट और विदेशी निवेशकों की बिकवाली निवेशकों के लिए चिंता का विषय है। हालांकि, बाजार में उतार-चढ़ाव स्वाभाविक है, और दीर्घकालिक निवेशकों को धैर्य बनाए रखना चाहिए। यदि भारतीय कंपनियों की आर्थिक स्थिति में सुधार होता है, तो आने वाले महीनों में एफपीआई की वापसी की संभावना बढ़ सकती है।
What's Your Reaction?