Dollar vs Rupee:डॉलर हुआ रुपए की हुंकार के आगे तार-तार, अब कैसे संभालेगी ट्रंप सरकार

Dollar vs Rupee: करेंसी मार्केट में लगातार दूसरे दिन रुपए ने मजबूती दिखाई और डॉलर के मुकाबले 85.77 पर बंद हुआ। कमजोर डॉलर इंडेक्स, कच्चे तेल की कीमतों में

Apr 15, 2025 - 20:15
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Dollar vs Rupee:डॉलर हुआ रुपए की हुंकार के आगे तार-तार, अब कैसे संभालेगी ट्रंप सरकार

Dollar vs Rupee: करेंसी बाजार में इस हफ्ते की शुरुआत से ही भारतीय रुपया जबरदस्त प्रदर्शन कर रहा है। लगातार दूसरे कारोबारी दिन रुपए ने अपनी ताकत का लोहा मनवाया और अमेरिकी डॉलर को धूल चटा दी। वैश्विक करेंसी के मुकाबले में भी रुपया मजबूती के साथ उभरा है, जिससे यह साफ संकेत मिलते हैं कि आने वाले समय में भी रुपए की रफ्तार थमने वाली नहीं है।

डॉलर इंडेक्स में कमजोरी, ट्रंप के फैसलों का असर

दूसरी ओर, डॉलर इंडेक्स की हालत खस्ता बनी हुई है। यह 100 के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे खिसकने की कगार पर है। जानकारों के अनुसार, डोनाल्ड ट्रंप की ओर से रेसिप्रोकल टैरिफ पर दी गई ढील के चलते अब अन्य टैरिफ क्षेत्रों में भी नरमी की तैयारी है। इससे अंतरराष्ट्रीय व्यापार संतुलन पर असर पड़ रहा है, जो डॉलर की कमजोरी का एक प्रमुख कारण बन रहा है। हालांकि, 10 फीसदी का बेस रेट अभी बरकरार है।

रुपए की मजबूती के पीछे के आंकड़े

मंगलवार को भारतीय रुपया 85.77 प्रति डॉलर के स्तर पर बंद हुआ, जो पिछली क्लोजिंग से 33 पैसे की बढ़त दर्शाता है। शुक्रवार को भी रुपया 58 पैसे मजबूत होकर 86.10 के स्तर पर बंद हुआ था। इस तरह दो कारोबारी सत्रों में कुल मिलाकर 91 पैसे की मजबूती दर्ज की गई है। सोमवार को अंबेडकर जयंती के कारण बाजार बंद रहा।

कई सकारात्मक फैक्टर दे रहे रुपए को बल

  1. थोक मूल्य मुद्रास्फीति में गिरावट: मार्च में थोक मूल्य मुद्रास्फीति 6 महीने के निचले स्तर 2.05% पर आ गई, जो खाद्य पदार्थों की कीमतों में गिरावट के कारण हुआ है।

  2. रिटेल महंगाई में राहत: खुदरा मुद्रास्फीति भी 5 वर्षों के निचले स्तर पर पहुंच गई है, जो आम उपभोक्ता के लिए राहत की खबर है और रुपए के लिए भी सकारात्मक संकेत है।

  3. क्रूड ऑयल की कीमतों में गिरावट: ब्रेंट क्रूड की कीमतें 64.81 डॉलर प्रति बैरल पर आ गई हैं, जो अप्रैल 2021 के बाद का सबसे निचला स्तर है। इससे भारत का आयात बिल घटेगा और रुपए पर दबाव कम होगा।

  4. शेयर बाजार में उछाल: बीएसई सेंसेक्स 1,577 अंकों की छलांग के साथ 76,734 पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी 500 अंकों की बढ़त के साथ 23,328 पर बंद हुआ। इससे निवेशकों का भरोसा बढ़ा है और विदेशी मुद्रा प्रवाह को बल मिला है।

एफआईआई ने दिखाया सतर्क रुख

हालांकि, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने शुक्रवार को 2,519 करोड़ रुपये की बिकवाली की, जिससे रुपए की रफ्तार थोड़ी धीमी पड़ी। लेकिन मैक्रोइकॉनोमिक डेटा और घरेलू सकारात्मक माहौल ने नुकसान की भरपाई कर दी।

विशेषज्ञों की राय

मिराए एसेट शेयरखान के रिसर्च एनालिस्ट अनुज चौधरी के मुताबिक, “कमजोर अमेरिकी डॉलर इंडेक्स और घरेलू इक्विटी बाजारों में तेज उछाल ने रुपए को मजबूती दी है। कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और सकारात्मक आर्थिक संकेतकों ने भी सहयोग किया है। हालांकि, एफआईआई की बिकवाली और इंपोर्टर्स की डॉलर खरीद थोड़ी चिंता पैदा कर सकती है।”

अनुमान है कि निकट भविष्य में रुपया 85.40 से 86 के दायरे में कारोबार कर सकता है।

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