Pakistan:अडियाला जेल में इमरान खान की हत्या की आशंका: बेटे ने मांगा 'जीवित होने का सबूत'

इमरान खान के बेटे कासिम खान ने अडियाला जेल में अपने पिता के जीवित होने का सबूत मांगा है, क्योंकि पिछले छह हफ्तों से परिवार को उनसे मिलने नहीं दिया जा रहा है। हत्या या धीमा जहर दिए जाने की आशंकाएं बढ़ रही हैं।

Nov 29, 2025 - 21:35
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Pakistan:अडियाला जेल में इमरान खान की हत्या की आशंका: बेटे ने मांगा 'जीवित होने का सबूत'

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के बेटे कासिम खान ने सरकार से अपने पिता के 'जीवित होने का सबूत' पेश करने की खुली मांग की है। यह मांग ऐसे समय में आई है जब पिछले करीब एक महीने से अधिक समय से इमरान खान से न तो परिवार को मिलने दिया जा रहा है, न वकीलों को और न ही पार्टी नेताओं को और इस अभूतपूर्व अलगाव ने जेल में उनकी हत्या या 'धीमा जहर' दिए जाने की आशंकाओं को तेज कर दिया है, जिससे देश और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता का माहौल है।

इमरान खान की कैद और अलगाव

इमरान खान मई 2023 से विभिन्न मामलों में अडियाला जेल में बंद हैं। उनकी कैद को 845 दिन हो चुके हैं, और इस दौरान। उनसे परिवार की मुलाकातें पहले ही बेहद सीमित कर दी गई थीं। लेकिन पिछले छह हफ्तों से, उन्हें पूरी तरह से एकांत कारावास में डाल दिया गया है, जिसे उनके बेटे ने 'मौत की कोठरी' बताया है और इस अमानवीय एकांत कारावास पर अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों ने भी गंभीर चिंता जताई है, जो पाकिस्तान में मानवाधिकारों की स्थिति पर सवाल खड़े करता है।

कासिम खान की भावुक अपील

शुक्रवार शाम को सोशल मीडिया पर कासिम खान ने एक भावुक पोस्ट। में लिखा, 'हम इमरान खान के जीवित होने का सबूत मांगते हैं। ' उन्होंने अपनी पोस्ट में पिता की स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की और कासिम ने बताया कि पिछले छह हफ्तों से उनके पिता को पूरी तरह से एकांत कारावास में रखा गया है, और इस दौरान कोई पारदर्शिता नहीं बरती गई है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अदालत के स्पष्ट आदेश के बावजूद उनकी बहनों को भी उनसे मिलने नहीं दिया जा रहा है, न ही फोन पर बात हुई है और न ही उनके जिंदा होने का कोई प्रमाण मिला है।

सरकार पर गंभीर आरोप

कासिम खान ने पाकिस्तानी सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि यह कोई सुरक्षा प्रोटोकॉल नहीं है, बल्कि यह उनके पिता की हालत छिपाने और परिवार को यह जानने से रोकने की जानबूझकर की गई कोशिश है कि वह सुरक्षित हैं या नहीं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इस तरह की गोपनीयता और अलगाव से केवल संदेह और चिंताएं ही बढ़ती हैं, खासकर जब एक पूर्व प्रधानमंत्री को इस तरह से रखा जा रहा हो और यह आरोप पाकिस्तान की न्याय प्रणाली और मानवाधिकारों के प्रति सरकार के रवैये पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

सरकार को चेतावनी और जिम्मेदारी

कासिम ने पाकिस्तानी सरकार और उसके 'संचालकों' को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर इमरान खान को कुछ भी होता है, तो पाकिस्तानी सरकार और उसके पीछे के 'संचालक' उनकी सुरक्षा तथा इस अमानवीय अलगाव के हर परिणाम के लिए कानूनी, नैतिक और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पूरी तरह जिम्मेदार होंगे। यह चेतावनी इस बात का संकेत है कि परिवार और पार्टी इस मामले को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी उठाने के लिए तैयार हैं।

परिवार और समर्थकों का विरोध

इमरान खान की तीन बहनें, खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री, पीटीआई कार्यकर्ता और समर्थक पिछले कई दिनों से रावलपिंडी की अडियाला जेल के बाहर डेरा डाले हुए हैं। वे अपने नेता से मुलाकात की मांग कर रहे हैं और उन्होंने धमकी दी। है कि अगर जल्द मुलाकात की इजाजत नहीं दी गई तो देशव्यापी प्रदर्शन होंगे। एक बहन ने तो यहाँ तक कहा कि 'अगर इमरान को कुछ हुआ तो जिम्मेदार लोग और उनके परिवार यहाँ और विदेशों में भी सुरक्षित नहीं रहेंगे,' जो स्थिति की गंभीरता को दर्शाता है।

अदालत में याचिका और स्वास्थ्य संबंधी चिंताएं

शुक्रवार को ही इमरान की बहन अलीमा खानम ने इस्लामाबाद हाईकोर्ट में अदियाला जेल अधीक्षक और अन्य अधिकारियों के खिलाफ कोर्ट की अवमानना याचिका दायर की। इस याचिका में 24 मार्च के हाईकोर्ट आदेश का हवाला दिया गया है, जिसमें सप्ताह में दो मुलाकातों की इजाजत बहाल की गई थी, लेकिन जिसका पालन नहीं किया जा रहा है। पीटीआई का दावा है कि इमरान खान का वजन तेजी से घट रहा है, आंखों की रोशनी कमजोर हो रही है और उन्हें धीरे-धीरे जहर दिए जाने की आशंका है। पार्टी ने चेतावनी दी है कि अगर तुरंत मुलाकात की इजाजत नहीं दी गई तो पूरे। देश में सड़कें ब्लॉक कर दी जाएंगी, जिससे देश में राजनीतिक अस्थिरता और बढ़ सकती है।

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