IND vs AUS:रोहित-कोहली के आगे ऑस्ट्रेलिया का सरेंडर, सिडनी में जीत के साथ सीरीज का अंत

सिडनी में भारत ने ऑस्ट्रेलिया को 9 विकेट से हराया. कप्तान रोहित शर्मा (121*) और विराट कोहली (74*) ने 168 रन की शानदार साझेदारी की. हर्षित राणा ने 4/39 विकेट लिए. सीरीज का अंत जीत के साथ.

Oct 25, 2025 - 17:35
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IND vs AUS:रोहित-कोहली के आगे ऑस्ट्रेलिया का सरेंडर, सिडनी में जीत के साथ सीरीज का अंत

सिडनी में खेले गए वनडे सीरीज के अंतिम और तीसरे मुकाबले में भारतीय क्रिकेट। टीम ने ऑस्ट्रेलिया पर एकतरफा जीत दर्ज करते हुए सीरीज का शानदार अंत किया। भले ही ऑस्ट्रेलिया ने यह सीरीज 2-1 से अपने नाम की हो, लेकिन टीम इंडिया ने आखिरी मैच में अपनी पूरी ताकत झोंकते हुए मेजबानों को 9 विकेट से करारी शिकस्त दी। इस जीत के हीरो कप्तान रोहित शर्मा और पूर्व कप्तान विराट कोहली रहे, जिन्होंने अपनी। दमदार बल्लेबाजी से न सिर्फ टीम को जीत दिलाई, बल्कि फैंस का भी भरपूर मनोरंजन किया। युवा तेज गेंदबाज हर्षित राणा ने अपनी धारदार गेंदबाजी से। ऑस्ट्रेलिया की बल्लेबाजी को ध्वस्त करने में अहम भूमिका निभाई।

रोहित-कोहली का पुनरुत्थान

इस सीरीज में रोहित शर्मा और विराट कोहली की वापसी पर सभी की निगाहें टिकी थीं। शुरुआती दो मैचों में दोनों ही बड़े स्कोर बनाने में नाकाम रहे थे, जिससे उनके फॉर्म को लेकर चर्चाएं गरम थीं। हालांकि, सिडनी के मैदान पर इन दोनों दिग्गजों ने अपने आलोचकों को करारा जवाब दिया। रोहित शर्मा ने 125 गेंदों पर 121 रन की नाबाद शतकीय पारी खेली, जिसमें 13 चौके और 3 छक्के शामिल थे और वहीं, विराट कोहली ने 81 गेंदों पर 74 रन की शानदार नाबाद पारी खेली, जिसमें 7 चौके शामिल थे। इन दोनों ने मिलकर 168 रन की मैच-विनिंग साझेदारी की, जो वनडे क्रिकेट में उनकी 19वीं शतकीय साझेदारी थी। इस प्रदर्शन ने फैंस को पुराने दिनों की याद दिला दी और यह साबित किया कि बड़े मैचों में ये सितारे अब भी टीम के लिए मैच विजेता साबित हो सकते हैं।

हर्षित राणा की घातक गेंदबाजी

कप्तान रोहित शर्मा और विराट कोहली के बल्ले ने महफिल लूटी, लेकिन उससे पहले जीत की नींव युवा तेज गेंदबाज हर्षित राणा ने रखी। टीम इंडिया में उनके चयन को लेकर कुछ आलोचनाएं हुई थीं, लेकिन इस दिल्ली के युवा पेसर ने सिडनी में अपने प्रदर्शन से सभी को गलत साबित कर दिया। हर्षित ने ऑस्ट्रेलिया के मध्यक्रम को झकझोरते हुए 4 विकेट अपने नाम किए, जिसमें ट्रेविस हेड, मैथ्यू शॉर्ट और मैथ्यू रेनशॉ जैसे महत्वपूर्ण बल्लेबाजों के विकेट शामिल थे और उन्होंने 39 रन देकर 4 विकेट झटके और ऑस्ट्रेलियाई टीम को बड़े स्कोर तक पहुंचने से रोका। उनकी यह प्रभावशाली गेंदबाजी टीम के लिए भविष्य के लिए एक सकारात्मक संकेत है।

ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजी का पतन

टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी ऑस्ट्रेलियाई टीम ने ट्रेविस हेड (29) और मिचेल मार्श (41) के साथ 61 रन की मजबूत शुरुआत की और मोहम्मद सिराज ने इस साझेदारी को तोड़कर भारत को पहली सफलता दिलाई। इसके बाद अक्षर पटेल ने भी एक विकेट लिया। हालांकि, मैथ्यू शॉर्ट (30) और मैथ्यू रेनशॉ (56) ने पारी को संभालने की कोशिश की और कुछ देर तक भारतीय गेंदबाजों को परेशान किया। लेकिन हर्षित राणा के आते ही ऑस्ट्रेलियाई पारी लड़खड़ा गई। हर्षित ने वॉशिंगटन सुंदर (2/44) के साथ मिलकर लगातार विकेट झटके और। ऑस्ट्रेलियाई टीम को 47 ओवर में मात्र 237 रन पर ऑलआउट कर दिया। यह भारतीय गेंदबाजों का एक अनुशासित प्रदर्शन था, जिसने मेजबान टीम को कम स्कोर पर रोक दिया। 237 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय टीम ने शुभमन गिल (24) और। रोहित शर्मा के साथ मिलकर तेज शुरुआत की, दोनों ने 62 गेंदों में 69 रन जोड़े। गिल के आउट होने के बाद, विराट कोहली क्रीज पर आए, जो पिछले दो मैचों में खाता खोलने में नाकाम रहे थे। लेकिन इस बार कोहली ने निराश नहीं किया और पहली गेंद पर ही रन लेकर अपना आत्मविश्वास बढ़ाया। इसके बाद रोहित और कोहली ने मिलकर ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों पर दबाव बनाया और बिना किसी परेशानी के रन बटोरे और रोहित ने अपना 33वां वनडे शतक पूरा किया, जबकि कोहली ने अपना 75वां अर्धशतक जड़ा। दोनों ने मिलकर 170 गेंदों में 168 रन की अटूट साझेदारी की और भारतीय टीम को सिर्फ 39 ओवर में 9 विकेट से शानदार जीत दिला दी और इस जीत ने न केवल भारत को सीरीज में क्लीन स्वीप होने से बचाया, बल्कि आगामी महत्वपूर्ण टूर्नामेंटों से पहले टीम के आत्मविश्वास को भी बढ़ाया।

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