India-France Relations:सिर्फ फाइटर जेट ही नहीं, भारत-फ्रांस जानिए एक दूसरे से क्या-क्या मंगाते हैं?

India-France Relations: भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी फ्रांस की 2 दिन की यात्रा पर पेरिस पहुंच गए हैं. पीएम मोदी और फ्रांसीसी राष्ट्रपति के बीच में भारत

Feb 12, 2025 - 06:00
Feb 17, 2025 - 22:23
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India-France Relations:सिर्फ फाइटर जेट ही नहीं, भारत-फ्रांस जानिए एक दूसरे से क्या-क्या मंगाते हैं?

India-France Relations: भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने दो दिवसीय फ्रांस दौरे पर हैं, जहां फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने उनका भव्य स्वागत किया। इस यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी एआई समिट की सह-अध्यक्षता करेंगे, जिसके बाद दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय वार्ता होगी। इस वार्ता में कई महत्वपूर्ण रक्षा समझौतों पर सहमति बनने की संभावना है।

भारत-फ्रांस रक्षा सहयोग

फ्रांस से भारत पहले ही राफेल लड़ाकू विमान का आयात कर चुका है, और अब भारतीय नौसेना के लिए राफेल एम की खरीद की संभावना है। भारत और फ्रांस के रक्षा संबंध 1998 से लगातार मजबूत हुए हैं। पोखरण परमाणु परीक्षण के बाद जब कई पश्चिमी देशों ने भारत पर प्रतिबंध लगाए थे, तब फ्रांस ने इसका समर्थन किया था और प्रतिबंध हटाने में भारत की सहायता की थी।

कारगिल युद्ध और फ्रांसीसी मिराज 2000 फ्रांस से खरीदे गए मिराज 2000 लड़ाकू विमानों ने कारगिल युद्ध के दौरान पाकिस्तान को भारी नुकसान पहुँचाया था। यह विमान परमाणु हथियारों को ले जाने में सक्षम है। फ्रांस ने ही भारत को इनर्शल नेविगेशन सिस्टम प्रदान किया था, जिससे पृथ्वी मिसाइल की सटीकता बढ़ी। अब भारत और फ्रांस मिलकर फाइटर जेट निर्माण की दिशा में भी आगे बढ़ रहे हैं।

भारत-फ्रांस व्यापारिक संबंध

भारत और फ्रांस के बीच व्यापार भी तेजी से बढ़ रहा है। भारत फ्रांस से निम्नलिखित वस्तुएं आयात करता है:

  • फाइटर प्लेन और एयरक्राफ्ट उपकरण

  • हेलीकॉप्टर और एलएनजी

  • टर्बो जेट्स और टर्बाइन

  • नेविगेशन इक्विपमेंट

वहीं, फ्रांस भारत से ये उत्पाद आयात करता है:

  • एटीएफ और डीजल

  • कपड़े, जूते-चप्पल और स्मार्टफोन

  • सोने के गहने और एयरोप्लेन पार्ट्स

  • दवाइयां और केमिकल

भारत में फ्रांसीसी कंपनियां

फ्रांस की कई कंपनियां भारत में कार्यरत हैं, जिनमें प्रमुख हैं:

  • इंजी-सोलर: भारतीय सौर ऊर्जा क्षेत्र में सबसे बड़ी विदेशी निवेशक।

  • पीएसए ग्रुप: तमिलनाडु में पावरट्रेन मैन्युफैक्चरिंग यूनिट।

  • रेनो: चेन्नई में उत्पादन यूनिट और मुंबई में डिजाइन स्टूडियो।

  • स्नाइडर इलेक्ट्रिक: भारत में 28 फैक्टरियों के साथ सक्रिय।

  • साफरान: एयरक्राफ्ट इंजन निर्माण के लिए HAL के साथ संयुक्त उपक्रम।

फ्रांस में भारतीय कंपनियां

भारत की कई कंपनियां भी फ्रांस में अपना कारोबार कर रही हैं:

  • टेक महिंद्रा: फ्रांस में एयरोस्पेस सेक्टर के लिए एक विकास केंद्र।

  • टाटा ग्रुप: टाटा कम्युनिकेशन, टाटा एलेक्सी, टीसीएस, और टाटा स्टील फ्रांस में कार्यरत।

  • मदरसन सुमी: ऑटोमोबाइल कल-पुर्जे निर्माण में सक्रिय।

  • एनटीपीसी और ईडीएफ: संयुक्त रूप से पावर प्रोजेक्ट विकसित कर रही हैं।

संभावित नए समझौते

प्रधानमंत्री मोदी की इस यात्रा के दौरान भारत फ्रांस से नौसेना के लिए राफेल एम फाइटर जेट खरीदने के लिए अरबों डॉलर की डील कर सकता है। इन जेट्स को आईएनएस विक्रांत और आईएनएस विक्रमादित्य पर तैनात करने की योजना है। साथ ही, इनमें अत्याधुनिक मेटेओर एयर-टू-एयर मिसाइल और एंटी-शिप हथियार लगाए जाएंगे।

भारत अपनी समुद्री ताकत बढ़ाने के लिए फ्रांस से और स्कॉर्पिन पनडुब्बियां खरीदने पर भी विचार कर सकता है।

पिनाका रॉकेट सिस्टम की मांग

फ्रांस को भारत का पिनाका रॉकेट सिस्टम काफी पसंद आया है। डीआरडीओ द्वारा विकसित इस सिस्टम से 44 सेकंड में 12 रॉकेट दागे जा सकते हैं, जिनकी मारक क्षमता 7 से 90 किलोमीटर तक है। इसके तीन संस्करण (MK-1, MK-2 और MK-3) विकसित किए जा रहे हैं, जिसमें MK-3 की रेंज और अधिक होगी।

निष्कर्ष

भारत और फ्रांस के बीच रणनीतिक, रक्षा और व्यापारिक संबंध लगातार प्रगाढ़ हो रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यह यात्रा दोनों देशों के बीच आर्थिक और सुरक्षा सहयोग को नई ऊँचाइयों तक ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

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