Business News:Lenskart IPO 31 अक्टूबर को खुलेगा, ₹70,000 करोड़ की वैल्यूएशन पर नजर
लेंसकार्ट का बहुप्रतीक्षित IPO 31 अक्टूबर को खुलने की तैयारी में है, जिसका लक्ष्य ₹70,000 करोड़ की पोस्ट-मनी वैल्यूएशन है। जानें तारीखें, IPO का आकार, प्रमुख निवेशक और कंपनी की वित्तीय स्थिति।
आईवियर सेक्टर की दिग्गज कंपनी लेंसकार्ट सॉल्यूशंस लिमिटेड का इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) 31 अक्टूबर को खुलने की संभावना है। कंपनी इस IPO के जरिए लगभग ₹70,000 करोड़ की पोस्ट-मनी वैल्यूएशन हासिल करने का लक्ष्य बना रही है, जो भारतीय स्टार्टअप इकोसिस्टम में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा। मनीकंट्रोल को सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, कंपनी जल्द ही अपना रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) जमा करेगी, जिसके बाद IPO लॉन्च की प्रक्रिया शुरू होगी।
IPO की मुख्य तारीखें और विवरण
सूत्रों के मुताबिक, लेंसकार्ट का IPO 31 अक्टूबर को खुलेगा और 4 नवंबर को बंद होगा। एंकर निवेशक 30 अक्टूबर को अपनी बोली लगा सकेंगे और हालांकि, इन तारीखों में रजिस्ट्रार की मंजूरी के आधार पर बदलाव हो सकता है। यह IPO भारतीय पूंजी बाजार में एक बड़ी हलचल पैदा करने वाला है,। खासकर तब जब कई अन्य स्टार्टअप्स भी लिस्टिंग की ओर देख रहे हैं। कंपनी ने जुलाई में अपने ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) को जमा किया था, जिसमें IPO के विवरणों का उल्लेख किया गया था।
IPO का आकार और धन का उपयोग
सूत्रों ने बताया कि IPO का कुल आकार ₹7,250 करोड़ से ₹7,350 करोड़ के बीच रहने की उम्मीद है। इस राशि में ₹2,150 करोड़ नए शेयरों के जरिए जुटाए जाएंगे, जबकि प्रमोटर्स और मौजूदा निवेशकों द्वारा ऑफर फॉर सेल (OFS) के तहत 13. 22 करोड़ इक्विटी शेयर बेचे जाएंगे। नए शेयरों से मिलने वाली आय का उपयोग कंपनी अपने विस्तार योजनाओं के लिए करेगी, जिसमें भारत भर में नए स्टोर खोलना, टेक्नोलॉजी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) क्षमताओं में निवेश करना, ब्रांड मार्केटिंग और प्रचार गतिविधियों को बढ़ाना, संभावित अधिग्रहण करना और सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों को पूरा करना शामिल है।
प्रमुख निवेशक और कंपनी की यात्रा
वित्तीय प्रदर्शन और भविष्य की रणनीति
लेंसकार्ट में सॉफ्टबैंक, अबू धाबी इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी (ADIA) और टेमासेक जैसे कई बड़े वैश्विक निवेशकों का निवेश है। इसके अलावा, केकेआर, अल्फा वेव, टीपीजी और केदारा कैपिटल जैसे प्रतिष्ठित फंड्स भी कंपनी में हिस्सेदारी रखते हैं। हाल ही में यह खबर भी आई थी कि दिग्गज निवेशक और एवेन्यू सुपरमार्ट्स (डीमार्ट) के फाउंडर राधाकिशन दमानी और एसबीआई म्यूचुअल फंड, दोनों ही इस IPO में लगभग ₹100 करोड़ का निवेश कर सकते हैं और लेंसकार्ट की स्थापना 2008 में पीयूष बंसल, अमित चौधरी, नेहा बंसल और सुमीत कपाही ने की थी। पीयूष बंसल लोकप्रिय रिएलिटी शो 'शार्क टैंक इंडिया' में एक। प्रमुख जज के रूप में अपनी पहचान बना चुके हैं। कंपनी ने वित्त वर्ष 2025 में शानदार वित्तीय प्रदर्शन दर्ज किया है, जिसमें ₹297 और 3 करोड़ का शुद्ध लाभ कमाया है। यह वित्त वर्ष 2024 में हुए ₹10. 2 करोड़ के घाटे की तुलना में एक महत्वपूर्ण बदलाव है और पिछले दो वर्षों में कंपनी का रेवेन्यू 23% बढ़कर ₹6,652. 5 करोड़ हो गया है, जिसमें 33% की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर (CAGR) देखी गई है। सकल मार्जिन 500 बेसिस पॉइंट्स से अधिक बढ़कर लगभग 69% हो गया है, जो कंपनी की मजबूत परिचालन दक्षता को दर्शाता है। लेंसकार्ट भारत का सबसे बड़ा ओम्नी-चैनल आईवियर ब्रांड बन चुका है, जिसके मार्च 2025 तक भारत, मध्य पूर्व और दक्षिण पूर्व एशिया जैसे बाजारों में 2,723 स्टोर थे। कंपनी वित्त वर्ष 2026 में 450 नए स्टोर खोलने की योजना बना रही है और दक्षिण पूर्व एशिया में अपने विस्तार पर भी जोर दे रही है। अब कंपनी के कुल रेवेन्यू का लगभग 40% हिस्सा भारत के बाहर से आता है, और स्मार्ट आईवियर को इसका अगला बड़ा दांव माना जा रहा है।
IPO के पीछे की निवेश बैंक टीम
ड्राफ्ट पेपर्स के अनुसार, कोटक महिंद्रा कैपिटल, सिटी, एक्सिस कैपिटल, एवेंडस कैपिटल, मॉर्गन स्टेनली और इंटेंसिव फिस्कल सर्विसेज इस IPO पर काम कर रहे प्रमुख इन्वेस्टमेंट-बैंक हैं। सिरिल अमरचंद मंगलदास भारतीय कानून के तहत कंपनी की कानूनी सलाहकार है। यह टीम यह सुनिश्चित करने के लिए काम कर रही है कि IPO की प्रक्रिया सुचारू और सफल रहे।
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