Muhurat Trading: दिवाली पर सेंसेक्स-निफ्टी में तेजी, निवेशकों के लिए 5 खास बातें

दिवाली मुहूर्त ट्रेडिंग में सेंसेक्स 63 और निफ्टी 25 अंक चढ़ा। ऑटो, मीडिया, आईटी में तेजी। जानें मुहूर्त ट्रेडिंग का महत्व और निवेशकों के लिए 5 महत्वपूर्ण टिप्स।

Oct 21, 2025 - 15:35
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Muhurat Trading: दिवाली पर सेंसेक्स-निफ्टी में तेजी, निवेशकों के लिए 5 खास बातें

दिवाली के शुभ अवसर पर, 21 अक्टूबर को आयोजित मुहूर्त ट्रेडिंग सत्र में भारतीय शेयर बाजार ने सकारात्मक रुझान दिखाया और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 63 अंक की बढ़त के साथ 84,426 पर बंद हुआ। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी भी 25 अंकों की तेजी के साथ 25,869 के स्तर पर बंद होने में कामयाब रहा। इस विशेष सत्र में ऑटो, मीडिया और आईटी सेक्टर के शेयरों में अच्छी खरीदारी देखी गई, जबकि PSU बैंक और रियल्टी सेक्टर के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई।

मुहूर्त ट्रेडिंग की परंपरा

आमतौर पर शाम को होने वाली मुहूर्त ट्रेडिंग इस बार दोपहर 1:45 बजे से 2:45 बजे तक एक घंटे के लिए आयोजित की गई और यह परंपरा लगभग 69 साल पुरानी है और हिंदू मान्यताओं के अनुसार, मुहूर्त एक ऐसा समय होता है जब ग्रहों की चाल निवेश के लिए अनुकूल मानी जाती है। शेयर बाजार के निवेशक इस दिन को नए निवेश की शुरुआत के लिए बेहद शुभ मानते हैं, और कई लोग इसे देवी लक्ष्मी के प्रतीक के रूप में स्टॉक खरीदने का अवसर मानते हैं।

निवेशकों के लिए 5 महत्वपूर्ण बातें

शेयर बाजार में निवेश करते समय कुछ महत्वपूर्ण सिद्धांतों का पालन करना चाहिए:1 और

अनुशासन बनाए रखें:

पोर्टफोलियो में बार-बार बड़े बदलाव करने से बचें। यदि आवश्यक हो, तो छोटे और विचारशील बदलाव करें। 2.

निवेश को ट्रैक करें:

अपने विभिन्न एसेट क्लास में किए गए निवेश को नियमित रूप से ट्रैक करें। यदि आप इसे स्वयं नहीं कर सकते, तो वित्तीय सलाहकार की मदद लें और 3.

नुकसान में न बेचें शेयर:

बाजार के उतार-चढ़ाव से घबराएं नहीं। यदि कंपनी के फंडामेंटल मजबूत हैं, तो लंबी अवधि में बाजार आमतौर पर ठीक हो जाता है। 4 और

पोर्टफोलियो डायवर्सिफिकेशन:

अस्थिर बाजार में अपने पोर्टफोलियो को स्थिर रखने का सबसे अच्छा तरीका विविधीकरण (डायवर्सिफिकेशन) है। अपने पैसे को विभिन्न एसेट क्लास (जैसे शेयर, सोना) में बांटें और 5.

स्टॉक बास्केट बनाएं:

कुछ चुनिंदा शेयरों का एक समूह बनाकर उनमें निवेश करने से जोखिम कम होता है। उदाहरण के लिए, यदि आप 25,000 रुपये का निवेश करना चाहते। हैं, तो उसे पांच अलग-अलग शेयरों में 5-5 हजार रुपये करके लगाएं।

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