:नसीमुद्दीन सिद्दीकी का कांग्रेस से इस्तीफा: यूपी में मचा सियासी हड़कंप

यूपी कांग्रेस के प्रांतीय अध्यक्ष नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने 72 समर्थकों के साथ इस्तीफा दिया। जानें क्या है इसके पीछे की असली वजह।

Jan 24, 2026 - 17:35
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:नसीमुद्दीन सिद्दीकी का कांग्रेस से इस्तीफा: यूपी में मचा सियासी हड़कंप

उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। कांग्रेस पार्टी के पश्चिमी क्षेत्र के प्रांतीय अध्यक्ष और पूर्व कद्दावर मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। यह इस्तीफा ऐसे समय में आया है जब कांग्रेस राज्य में। अपनी खोई हुई जमीन वापस पाने की कोशिशों में जुटी थी। सिद्दीकी के साथ करीब 72 अन्य नेताओं और लगभग दो दर्जन पूर्व विधायकों ने भी पार्टी को अलविदा कह दिया है, जिसे यूपी कांग्रेस के लिए एक बड़ा नुकसान माना जा रहा है।

इस्तीफे के पीछे की बड़ी वजह

नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने अपना इस्तीफा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन। खरगे, सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को भेजा है। अपने इस्तीफे में उन्होंने स्पष्ट किया कि वह पार्टी की वर्तमान कार्यशैली और आंतरिक हालातों से काफी समय से असहज महसूस कर रहे थे और उन्होंने कहा कि जिस उद्देश्य के साथ वह कांग्रेस में शामिल हुए थे, वह पूरा नहीं हो पा रहा है। सिद्दीकी के अनुसार, वह जातिवाद और संप्रदायवाद के खिलाफ एक मजबूत लड़ाई लड़ना चाहते थे, लेकिन कांग्रेस के भीतर उन्हें वह मंच और सहयोग नहीं मिल पा रहा था जिसकी उन्हें अपेक्षा थी।

मायावती के कभी बेहद खास थे सिद्दीकी

नसीमुद्दीन सिद्दीकी की गिनती कभी बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के सबसे ताकतवर नेताओं में होती थी। वह मायावती के सबसे भरोसेमंद सिपहसालार माने जाते थे और बसपा सरकार में कई महत्वपूर्ण मंत्रालयों की जिम्मेदारी संभाल चुके थे। हालांकि, बसपा से निष्कासन के बाद उन्होंने कांग्रेस का दामन थामा था। कांग्रेस ने उन्हें पश्चिमी उत्तर प्रदेश की कमान सौंपी थी, लेकिन अब उनके जाने से। पार्टी के मुस्लिम वोट बैंक और सांगठनिक ढांचे पर गहरा असर पड़ने की संभावना है।

72 नेताओं का एक साथ जाना खतरे की घंटी

सिद्दीकी का अकेले जाना उतना बड़ा झटका नहीं होता, जितना उनके साथ 72 वरिष्ठ नेताओं का पार्टी छोड़ना है और इनमें कई ऐसे पूर्व विधायक और पदाधिकारी शामिल हैं जिनका अपने-अपने क्षेत्रों में अच्छा प्रभाव है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इतनी बड़ी संख्या में इस्तीफे कांग्रेस की अंदरूनी कलह और असंतोष को उजागर करते हैं। उत्तर प्रदेश प्रभारी अविनाश पांडेय और प्रदेश अध्यक्ष अजय राय के लिए यह स्थिति संभालना एक बड़ी चुनौती होगी।

क्या होगा अगला कदम?

इस्तीफे के बाद नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि उन्होंने यह फैसला अपने समर्थकों के साथ मशविरा करने के बाद लिया है। उन्होंने फिलहाल किसी नई पार्टी में शामिल होने का खुलासा नहीं किया है, लेकिन उन्होंने संकेत दिया है कि वह जल्द ही अपने। साथियों के साथ बैठक करेंगे और जिस दल के साथ जनता के हितों की लड़ाई लड़ने पर सहमति बनेगी, उसी के साथ आगे बढ़ेंगे। कयास लगाए जा रहे हैं कि वह समाजवादी पार्टी या फिर वापस बसपा की ओर रुख कर सकते हैं, हालांकि अभी कुछ भी स्पष्ट नहीं है।

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