Imran Khan:पाकिस्तान में गृह युद्ध का काउंटडाउन शुरू: इमरान की बहनें जेल पहुंचीं, मुनीर के नोटिफिकेशन पर बड़ा फैसला संभव

पाकिस्तान में गृह युद्ध का काउंटडाउन शुरू। इमरान खान की बहनें अडियाला जेल पहुंचीं, PTI का बड़ा विरोध मार्च। आसिम मुनीर के CDF नोटिफिकेशन पर नवाज-शहबाज की बैठक में बड़ा फैसला संभव।

Dec 2, 2025 - 14:35
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Imran Khan:पाकिस्तान में गृह युद्ध का काउंटडाउन शुरू: इमरान की बहनें जेल पहुंचीं, मुनीर के नोटिफिकेशन पर बड़ा फैसला संभव

पाकिस्तान में राजनीतिक तनाव अपने चरम पर पहुंच गया है, जिससे देश में गृह युद्ध जैसी स्थिति की आशंका गहरा गई है। पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की गिरफ्तारी और जेल में कथित अत्याचारों को लेकर उनके समर्थकों में भारी आक्रोश है और इस बीच, लाहौर में पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ और वर्तमान प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के बीच एक महत्वपूर्ण बैठक हुई है, जिसमें आसिम मुनीर के चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDF) नोटिफिकेशन को लेकर बड़े फैसले की उम्मीद की जा रही है। यह घटनाक्रम पाकिस्तान के भविष्य के लिए निर्णायक साबित हो सकता है।

इमरान खान की कैद और अत्याचार के आरोप

रावलपिंडी की अडियाला जेल में बंद इमरान खान पिछले 29 दिनों से सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आए हैं, जिससे उनके स्वास्थ्य और सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। इमरान खान की बहन नोरीन नियाज़ी ने एक बड़ा बयान जारी करते हुए दावा किया है कि जेल में इमरान पर बहुत जुल्म हो रहा है। उन्होंने कहा कि इमरान को कैद-ए-तन्हाई में रखकर उन पर अत्याचार किया जा रहा है। नोरीन नियाज़ी ने यह भी मांग की है कि मुनीर किसी एक व्यक्ति से भी इमरान को मिलवा दें तो बात नहीं बिगड़ेगी, जिससे यह स्पष्ट होता है कि परिवार और समर्थक इमरान से मुलाकात की अनुमति चाहते हैं और यह आरोप पाकिस्तान के मानवाधिकार रिकॉर्ड पर सवाल खड़े करते हैं और राजनीतिक अस्थिरता को और बढ़ावा दे रहे हैं। इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के नेता और कार्यकर्ता अडियाला जेल की तरफ एक बड़ा विरोध मार्च निकालने की तैयारी में हैं। इमरान समर्थक गाड़ियों से अडियाला जेल की तरफ निकल गए हैं और। जेल में इमरान से उनके परिवार की मुलाकात की मांग कर रहे हैं।

PTI के सांसद और विधायक, जिनमें खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री सोहेले अफरीदी भी शामिल हैं, इस मार्च का नेतृत्व करेंगे। पहले वे इस्लामाबाद में हाई कोर्ट का घेराव करेंगे और उसके बाद रावलपिंडी स्थित। अडियाला जेल की ओर बढ़ेंगे, जहां वे इमरान की बहनों के साथ विरोध प्रदर्शन करेंगे। इस विरोध मार्च को कुचलने के लिए आसिम मुनीर ने चप्पे-चप्पे पर भारी संख्या में सुरक्षा बल तैनात कर दिए हैं। रावलपिंडी जाने वाले सभी रास्तों को बंद कर दिया गया है और अडियाला जेल के बाहर भी भारी सुरक्षा बल की तैनाती है, जिससे आज इस्लामाबाद से लेकर रावलपिंडी तक भयंकर टकराव की आशंका है।

मुनीर के CDF नोटिफिकेशन पर सस्पेंस

आसिम मुनीर के चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDF) नोटिफिकेशन को लेकर सस्पेंस गहराता जा रहा है। पाकिस्तानी मीडिया के हवाले से खबर है कि शहबाज शरीफ नवाज शरीफ से मिलने लाहौर पहुंचे हैं, जहां इस नोटिफिकेशन पर बड़ा फैसला हो सकता है और इमरान के करीबी पत्रकार ने दावा किया है कि पाकिस्तान आर्मी में अभी चार पद खाली हैं: CDF, आर्मी के वाइस चीफ, स्ट्रेटेजिक कमांड के हेड और ISI चीफ। CDF के लिए आसिम मुनीर नोटिफिकेशन का इंतजार कर रहे हैं, जबकि स्ट्रेटेजिक कमांड के हेड की पोस्ट काफी अहम है, जिसके पास पाकिस्तान के एटम बम की हिफाजत की जिम्मेदारी है। इस बीच, मुनीर के बेहद खास और पाकिस्तान के गृहमंत्री मोहसिन नकवी का बयान सामने आया है, जिसमें उन्होंने कहा है कि CDF के नोटिफिकेशन का कोई मसला नहीं है और नोटिफिकेशन की देरी पर सवाल उठाने वालों से कोई फर्क नहीं पड़ता। यह बयान स्थिति को और जटिल बना रहा है।

परिवार की मुलाकात की मांग और सरकार का रुख

इमरान खान की बहनें अडियाला जेल पहुंच चुकी हैं और उनके साथ 6 वकील भी हैं, जो इमरान से मुलाकात की अनुमति चाहते हैं और इमरान समर्थक आज की मुलाकात पर अड़े हैं, लेकिन मुनीर और शहबाज किसी भी सूरत में समर्थकों की इमरान से मुलाकात नहीं करवाना चाहते हैं। पाकिस्तानी मीडिया का दावा है कि 'नोटिफिकेशन तक इमरान से किसी की मुलाकात नहीं' होगी। यह स्थिति तनाव को और बढ़ा रही है, क्योंकि एक तरफ परिवार और समर्थक मुलाकात पर अड़े हैं, वहीं दूसरी तरफ सरकार और सेना इसे रोकने पर तुली हुई है। इस्लामाबाद-रावलपिंडी में धारा 144 लागू कर दी गई है, जो किसी भी बड़े जमावड़े को रोकने के लिए है।

आने वाले समय में संभावित परिणाम

पाकिस्तान में यह राजनीतिक गतिरोध एक गंभीर संकट का रूप ले चुका है। आसिम मुनीर के CDF नोटिफिकेशन पर होने वाला फैसला, इमरान खान की रिहाई या मुलाकात की अनुमति, और PTI के विरोध प्रदर्शनों का परिणाम, ये सभी कारक देश के भविष्य की दिशा तय करेंगे। यदि टकराव बढ़ता है और सरकार तथा सेना विरोध प्रदर्शनों को बलपूर्वक कुचलने का प्रयास करती है, तो इससे गृह युद्ध जैसी स्थिति और गहरा सकती है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय भी पाकिस्तान की इस आंतरिक स्थिति पर करीब से नजर रख रहा है, क्योंकि एक परमाणु शक्ति संपन्न देश में ऐसी अस्थिरता के दूरगामी परिणाम हो सकते हैं। आने वाले कुछ घंटे और दिन पाकिस्तान के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित होंगे।

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