Sarabjit Kaur:पाक में फंसी सरबजीत की मार्मिक गुहार: 'मेरे पास न कपड़े हैं, न पैसा, मुझे वापस बुला लो'

पाकिस्तान में लापता हुई भारतीय सिख महिला सरबजीत कौर ने एक भावुक ऑडियो क्लिप में भारत वापस बुलाने की गुहार लगाई है। वह उत्पीड़न, आर्थिक तंगी और जान के खतरे का दावा कर रही हैं। जानें सरबजीत की पूरी कहानी और उनकी मार्मिक अपील।

Jan 16, 2026 - 14:35
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Sarabjit Kaur:पाक में फंसी सरबजीत की मार्मिक गुहार: 'मेरे पास न कपड़े हैं, न पैसा, मुझे वापस बुला लो'

सोशल मीडिया पर एक भावुक ऑडियो क्लिप के वायरल होने के बाद पाकिस्तान में लापता हुई भारतीय सिख महिला सरबजीत कौर का मामला एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है और पंजाब के कपूरथला जिले के अमनपुरी गांव की निवासी सरबजीत कौर पिछले वर्ष पाकिस्तान में धार्मिक तीर्थयात्रा के दौरान रहस्यमय तरीके से लापता हो गई थीं। बाद में यह खबर सामने आई कि उन्होंने एक पाकिस्तानी युवक से विवाह कर लिया है। अब, इस वायरल ऑडियो में सरबजीत कथित तौर पर अपने पूर्व पति से भारत वापस ले जाने की मार्मिक गुहार लगा। रही हैं, जिसमें वह पाकिस्तान में अपने साथ हो रहे लगातार उत्पीड़न और अपनी दयनीय स्थिति का वर्णन कर रही हैं।

पाकिस्तान में विवाह और गिरफ्तारी

सरबजीत कौर ने पाकिस्तान पहुंचने के ठीक एक दिन बाद। ही स्थानीय मुस्लिम युवक नासिर हुसैन से विवाह कर लिया था। नासिर हुसैन पाकिस्तान के शेखूपुरा जिले का निवासी है, जो लाहौर से लगभग 50 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यह विवाह एक महत्वपूर्ण घटना थी, क्योंकि सरबजीत एक भारतीय नागरिक थीं जो धार्मिक तीर्थयात्रा पर पाकिस्तान गई थीं और निकाह समारोह से पहले, सरबजीत कौर को 'नूर' नाम दिया गया था। विवाह के बाद, सरबजीत को पाकिस्तानी अधिकारियों द्वारा गिरफ्तार कर लिया गया और लाहौर के एक। सरकारी शेल्टर होम, जिसे दारुल अमान के नाम से जाना जाता है, में भेज दिया गया। यह घटनाक्रम उनके पाकिस्तान में रहने की परिस्थितियों को और जटिल बनाता है, क्योंकि एक। भारतीय नागरिक का पाकिस्तान में विवाह के बाद गिरफ्तार होना कई सवाल खड़े करता है। इससे पहले, एक वीडियो में कौर ने स्वयं यह भी कहा था कि उन्होंने अपने वीजा की अवधि बढ़वाने के लिए इस्लामाबाद में राजनयिक मिशन से संपर्क किया था और पाकिस्तानी नागरिकता के लिए भी आवेदन किया था और उन्होंने स्पष्ट किया था कि वह तलाकशुदा हैं और हुसैन से शादी करना चाहती थीं, और इसी उद्देश्य से वह पाकिस्तान आई थीं। उन्होंने यह भी कहा था कि उन्होंने हुसैन से खुशी-खुशी शादी की है।

लाहौर हाई कोर्ट का हस्तक्षेप

अपनी गिरफ्तारी और दारुल अमान भेजे जाने के बाद, सरबजीत कौर और उनके पति नासिर हुसैन ने लाहौर हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। उन्होंने एक याचिका दायर कर आरोप लगाया कि पुलिस ने शेखूपुरा के फरीकाबाद स्थित उनके घर पर अवैध रूप से छापा मारा था और उन पर शादी खत्म करने का दबाव बनाया जा रहा था। इस याचिका पर सुनवाई करते हुए, लाहौर हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति फारूक हैदर ने पुलिस को दंपति को परेशान न करने का स्पष्ट आदेश दिया था। यह आदेश दंपति के लिए एक अस्थायी राहत लेकर आया था, जिससे उन्हें उम्मीद थी कि अब वे शांति से रह पाएंगे और अदालत का यह हस्तक्षेप उनके अधिकारों की रक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण कदम था, और यह दर्शाता है कि उन्होंने अपनी स्थिति को कानूनी रूप से चुनौती देने का प्रयास किया था।

अदालती आदेशों के बावजूद कार्रवाई

पंजाब सरकार के एक सूत्र ने पीटीआई को बताया कि लाहौर हाई कोर्ट के स्पष्ट आदेश के बावजूद, पुलिस ने कथित तौर पर दंपति को फिर से हिरासत में ले लिया। इस कार्रवाई के तहत, सरबजीत कौर को एक बार फिर दारुल अमान भेज दिया गया, जबकि उनके पति नासिर हुसैन को पुलिस हिरासत में रखा गया और उन पर मामला दर्ज किया गया। यह घटनाक्रम अदालती आदेशों की अवहेलना का एक गंभीर आरोप है। और पाकिस्तान में कानून प्रवर्तन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाता है। सूत्र ने यह भी बताया कि पाकिस्तानी अधिकारी सरबजीत को भारत डिपोर्ट करना चाहते हैं। पहले भी सरबजीत कौर को डिपोर्ट करने की कोशिश की गई थी, लेकिन। उस समय अटारी-वाघा सीमा बंद होने के कारण यह संभव नहीं हो सका था। यह स्थिति सरबजीत के भविष्य को लेकर अनिश्चितता पैदा करती है, क्योंकि वह एक तरफ अपने पति के साथ रहना चाहती हैं, वहीं दूसरी ओर पाकिस्तानी अधिकारी उन्हें भारत वापस भेजना चाहते हैं।

वायरल ऑडियो में दर्दनाक आपबीती

वायरल ऑडियो क्लिप में सरबजीत कौर की आवाज में दर्द और निराशा साफ झलकती है। वह अपने पूर्व पति से गुहार लगाती हैं कि उन्हें भारत वापस ले जाया जाए और ऑडियो में वह दावा करती हैं कि पाकिस्तान में उनके साथ लगातार उत्पीड़न हो रहा है और उनकी हालत बेहद खराब है। वह यह भी कहती हैं कि भारत लौटने के बाद उन्हें डांटा न जाए, क्योंकि वह पहले से ही पूरी तरह टूट चुकी हैं और किसी भी तरह की फटकार सहने की स्थिति में नहीं हैं। यह मार्मिक अपील उनकी मानसिक और भावनात्मक स्थिति को दर्शाती है। ऑडियो क्लिप में सरबजीत यह भी कहती हैं कि उन्होंने अपने पति और बच्चों के लिए सब कुछ किया, यहां तक कि एक बड़ा घर भी बनवाया, लेकिन अब उनके पास कुछ भी नहीं बचा है। यह उनके त्याग और अब की दयनीय स्थिति के बीच के विरोधाभास को उजागर करता है।

आर्थिक तंगी और जान का खतरा

वायरल ऑडियो में सरबजीत कौर अपनी आर्थिक तंगी का भी जिक्र करती हैं और वह कहती हैं कि भारत में आर्थिक रूप से संपन्न होने के बावजूद, पाकिस्तान में उन्हें एक भी रुपया नहीं मिल रहा है। यह स्थिति उनके लिए और भी कठिन हो जाती है, क्योंकि बिना पैसे के वह अपनी बुनियादी जरूरतों को भी पूरा नहीं कर पा रही हैं। वह आरोप लगाती हैं कि नासिर हुसैन की पहली पत्नी ने उन्हें धोखा दिया और पूरी तरह अकेला छोड़ दिया, जिससे उनकी मुश्किलें और बढ़ गईं।

ऑडियो में सरबजीत अपनी जान को खतरा भी बताती हैं। वह कहती हैं कि भारत में रहते हुए उन्होंने पहले भी जहरीला पदार्थ खाया था और यदि उन्हें इसी तरह परेशान किया गया तो वह ऐसा दोबारा भी कर सकती हैं और यह उनकी हताशा और जानलेवा इरादों को दर्शाता है, जो उनकी गंभीर मानसिक स्थिति का संकेत है। वह अपने बच्चों की याद में टूटती हुई सुनाई देती हैं और पूर्व पति से कहती हैं कि बच्चों को बता दिया जाए कि उनकी मां बेहद दुखी है और उन्हें बहुत याद करती है। सरबजीत यह भी शिकायत करती हैं कि पाकिस्तान पहुंचने के बाद उनके पास न तो गर्म कपड़े हैं और न ही जूते। उनका कहना है कि उनके कपड़े और सामान वहां पहुंचते ही गायब हो गए, जिससे उन्हें ठंड और असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।

तीर्थयात्रा के दौरान लापता होना

सरबजीत कौर 1,932 सदस्यीय भारतीय सिख जत्थे के साथ 4 नवंबर को पाकिस्तान गई थीं। यह जत्था सिख धर्म के संस्थापक गुरु नानक देव की 556वीं जयंती के अवसर पर आयोजित समारोहों में शामिल होने के लिए अटारी-वाघा सीमा पार कर गया था। दस दिनों की इस तीर्थयात्रा में जत्थे ने गुरुद्वारा पंजा साहिब, गुरुद्वारा सच्चा सौदा और गुरुद्वारा दरबार साहिब जैसे ऐतिहासिक सिख धर्मस्थलों के दर्शन किए। जब जत्था 13 नवंबर को भारत लौटा, तो सरबजीत कौर उसके साथ वापस नहीं आईं, जिससे उनका मामला रहस्यमय बन गया और उनकी अनुपस्थिति ने उनके परिवार और भारतीय अधिकारियों के लिए चिंता पैदा कर दी थी, और तभी से उनकी स्थिति को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।

जासूसी के आरोप और राष्ट्रीय सुरक्षा

सरबजीत कौर के मामले में एक और गंभीर मोड़ तब आया जब पंजाब विधानसभा के पूर्व सदस्य महिंदर पाल सिंह ने लाहौर उच्च न्यायालय में एक याचिका दायर की। इस याचिका में उन्होंने आरोप लगाया कि यह संदेह है कि सरबजीत कौर एक भारतीय जासूस हैं और उन्होंने यह भी तर्क दिया कि वीजा की अवधि समाप्त होने के बाद पाकिस्तान में रहना एक अवैध कृत्य है, और यह मामला पाकिस्तान की राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा है। ये आरोप सरबजीत के लिए स्थिति को और भी जटिल बना देते हैं, क्योंकि अब उन्हें न केवल अपनी व्यक्तिगत समस्याओं से जूझना पड़ रहा है, बल्कि उन पर राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े गंभीर आरोप भी लगाए जा रहे हैं। इन आरोपों ने उनके भारत वापसी की संभावनाओं को भी प्रभावित। किया होगा और उनके मामले को एक नया आयाम दिया है।

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