:ट्रंप की नीतियों से दुनिया में कोहराम, क्या भारत-चीन और EU बनाएंगे नया वर्ल्ड ऑर्डर?

डोनाल्ड ट्रंप की पाकिस्तान, वेनेजुएला और ग्रीनलैंड नीतियों ने दुनिया को हिला दिया है। जानें कैसे भारत, चीन और ईयू मिलकर नया वर्ल्ड ऑर्डर बना रहे हैं।

Jan 21, 2026 - 18:35
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:ट्रंप की नीतियों से दुनिया में कोहराम, क्या भारत-चीन और EU बनाएंगे नया वर्ल्ड ऑर्डर?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने दूसरे कार्यकाल का एक साल पूरा कर लिया है और इस दौरान उनकी नीतियों ने पूरी दुनिया में उथल-पुथल मचा दी है। वेनेजुएला पर हालिया सैन्य आक्रमण और ग्रीनलैंड पर कब्जे की उनकी जिद ने न केवल उनके विरोधियों बल्कि सहयोगियों को भी हैरान कर दिया है। ट्रंप की 'अमेरिका फर्स्ट' नीति अब एक ऐसे मोड़ पर पहुंच गई है जहां अमेरिका इंटरनेशनल लिबरल ऑर्डर के खिलाफ खड़ा दिखाई दे रहा है और इसकी वजह से अब यूरोप और नाटो देश भारत व चीन के साथ मिलकर एक नए वर्ल्ड ऑर्डर की संभावनाओं को तलाश रहे हैं। वैश्विक व्यवस्था में आ रहे इस बड़े बदलाव ने वाशिंगटन की साख पर सवालिया निशान लगा दिए हैं।

ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में दक्षिण एशिया की कूटनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। जहां पहले कार्यकाल में ट्रंप पाकिस्तान पर सख्त थे, वहीं अब वह पाक पर मेहरबान नजर आ रहे हैं। ट्रंप ने पाकिस्तान को एक रणनीतिक साझेदार के रूप में चुना है और बलूचिस्तान के 6 ट्रिलियन डॉलर के खनिज भंडारों पर समझौते किए हैं और सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि ट्रंप ने पाकिस्तान पर सिर्फ 19 प्रतिशत टैरिफ लगाया है, जबकि भारत पर 50 प्रतिशत का भारी टैक्स थोप दिया है। इस भेदभावपूर्ण नीति के कारण भारत और अमेरिका के रिश्ते अपने सबसे खराब दौर से गुजर रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप की यह नीति भारत को आर्थिक रूप। से दबाने और पाकिस्तान को एक मोहरे की तरह इस्तेमाल करने की कोशिश है।

पाकिस्तान सिर्फ अमेरिका के लिए एक रणनीतिक टूल

विदेशी मामलों के जानकारों का कहना है कि पाकिस्तान अमेरिका के लिए लोकतांत्रिक या आर्थिक रूप से महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि वह केवल एक रणनीतिक जरूरत है। ट्रंप प्रशासन ईरान और अफगानिस्तान में अपनी धमक बनाए रखना चाहता है और चूंकि अमेरिका अफगानिस्तान से बाहर निकल चुका है, इसलिए उसे इस क्षेत्र में हस्तक्षेप के लिए पाकिस्तान की जमीन और उसकी सेना की जरूरत है। पाकिस्तान इस समय अकेला ऐसा देश है जो ईरान और अफगानिस्तान। में अमेरिका के हितों को साधने में मदद कर सकता है। यही वजह है कि ट्रंप प्रशासन पाकिस्तान की सैन्य लीडरशिप के साथ करीबी बढ़ा रहा है, भले ही इसके लिए उसे भारत जैसे पुराने लोकतांत्रिक साझेदार को नाराज करना पड़े।

भारत की अहमियत और पैक्स सिलिका पहल

भले ही टैरिफ को लेकर तनाव हो, लेकिन अमेरिका के लिए भारत को पूरी तरह नजरअंदाज करना मुमकिन नहीं है और भारत विश्व की चौथी सबसे बड़ी आर्थिक महाशक्ति है और एक मजबूत लोकतंत्र है। अमेरिका ने भारत को 'पैक्स सिलिका' जैसी रणनीतिक पहल में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया है। यह पहल एआई और सेमीकंडक्टर चिप्स के लिए एक सुरक्षित सप्लाई चेन बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई है ताकि चीन के तकनीकी प्रभुत्व को चुनौती दी जा सके और इसके अलावा ट्रंप ने पीएम मोदी को गाजा पीस प्लान बोर्ड में भी जगह दी है। यह दर्शाता है कि अमेरिका भारत को एक महत्वपूर्ण वैश्विक स्तंभ मानता है, भले ही वह व्यापारिक मोर्चे पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहा हो।

वेनेजुएला और ग्रीनलैंड मामले में फंसा अमेरिका

ट्रंप की विदेश नीति का सबसे विवादित हिस्सा वेनेजुएला पर सैन्य हमला और राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को बंदी बनाना रहा है। इस कदम ने रूस, चीन और यहां तक कि यूरोपीय संघ को भी अमेरिका के खिलाफ कर दिया है। इसके बाद ग्रीनलैंड पर नियंत्रण की इच्छा ने आग में घी डालने का काम किया। जब फ्रांस, ब्रिटेन और डेनमार्क जैसे देशों ने इसका विरोध किया, तो। ट्रंप ने उन पर 10 प्रतिशत टैरिफ लगाने की धमकी दे दी। सहयोगियों के खिलाफ इस तरह की आक्रामक भाषा ने नाटो के भीतर दरार पैदा कर दी है। अब यूरोपीय देश यह महसूस करने लगे हैं कि अमेरिका एक भरोसेमंद साथी नहीं रह गया है।

नया वर्ल्ड ऑर्डर: भारत-चीन और ईयू का गठबंधन

अमेरिका की मनमानी और भारी टैरिफ की नीति ने दुनिया को नए विकल्पों की तलाश करने पर मजबूर कर दिया है और अब भारत और यूरोपीय संघ (EU) एक बड़ी ट्रेड डील की ओर बढ़ रहे हैं। यह गठबंधन अमेरिका के लिए एक बड़ा झटका साबित हो सकता है और दुनिया अब एक ऐसे नेतृत्व की ओर देख रही है जो स्थिरता और फ्री ट्रेड को बढ़ावा दे सके। भारत इस समय ग्लोबल साउथ और एशिया में भरोसे का सबसे बड़ा प्रतीक बनकर उभरा है। यदि ट्रंप की नीतियां इसी तरह जारी रहीं, तो 2026 तक वैश्विक शक्ति का केंद्र वाशिंगटन से खिसक कर नई दिल्ली, बीजिंग और ब्रुसेल्स की ओर जा सकता है।

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