Russia-Ukraine War:PM मोदी को जेलेंस्की ने किया फोन, पुतिन-ट्रंप की मुलाकात से पहले क्या हुई बात?

Russia-Ukraine War: यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की ने प्रधानमंत्री मोदी से हालिया घटनाक्रमों पर विस्तृत चर्चा की. ज़ेलेंस्की ने भारत के समर्थन के लिए आभार व्यक्त किया है. वहीं पीएम मोदी ने शांतिपूर्ण समाधान की आवश्यकता पर ज़ोर दिया और यूक्रेन के साथ

Aug 11, 2025 - 22:35
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Russia-Ukraine War:PM मोदी को जेलेंस्की ने किया फोन, पुतिन-ट्रंप की मुलाकात से पहले क्या हुई बात?

Russia-Ukraine War: 15 अगस्त 2025 को होने वाली अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की बहुप्रतीक्षित बैठक से पहले, यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने वैश्विक नेताओं के साथ अपनी कूटनीतिक पहुंच को मजबूत करने के लिए सक्रिय कदम उठाए हैं। सोमवार को जेलेंस्की ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी साझा की कि उन्होंने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ एक लंबी और सार्थक बातचीत की। इस बातचीत में द्विपक्षीय सहयोग, युद्ध की वर्तमान स्थिति और वैश्विक कूटनीतिक परिदृश्य पर विस्तृत चर्चा हुई।

जेलेंस्की और मोदी की बातचीत

जेलेंस्की ने एक्स पर लिखा, “भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मेरी लंबी बातचीत हुई। हमने सभी महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की, जिसमें हमारे द्विपक्षीय सहयोग और समग्र कूटनीतिक स्थिति शामिल हैं। मैं प्रधानमंत्री का हमारे लोगों के प्रति उनके गर्मजोशी भरे समर्थन के लिए आभारी हूं।” इस बातचीत में जेलेंस्की ने रूसी हमलों से यूक्रेन के शहरों और गांवों को हुए नुकसान के बारे में विस्तार से बताया। विशेष रूप से, उन्होंने ज़ापोरिज्जिया के बस अड्डे पर हाल ही में हुए रूसी हमले का जिक्र किया, जिसमें दर्जनों लोग घायल हुए। जेलेंस्की ने इस हमले को रूस की युद्धविराम की संभावनाओं को कमजोर करने वाली रणनीति का हिस्सा बताया।

प्रधानमंत्री मोदी ने भी इस बातचीत पर अपनी प्रतिक्रिया एक्स पर साझा की। उन्होंने लिखा, “राष्ट्रपति जेलेंस्की से बात करके और हाल के घटनाक्रमों पर उनके विचार जानकर मुझे खुशी हुई। मैंने संघर्ष के जल्द और शांतिपूर्ण समाधान की आवश्यकता पर भारत की दृढ़ स्थिति से उन्हें अवगत कराया। भारत इस संबंध में हर संभव योगदान देने के साथ-साथ यूक्रेन के साथ द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।”

रूस पर प्रतिबंधों की रणनीति

बातचीत के दौरान, जेलेंस्की ने रूस पर लगे प्रतिबंधों के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि रूसी ऊर्जा, विशेष रूप से तेल, के निर्यात को सीमित करना आवश्यक है ताकि युद्ध को जारी रखने की रूस की वित्तीय और सामरिक क्षमता को कम किया जा सके। यह कदम युद्ध को समाप्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हो सकता है।

सितंबर में संभावित मुलाकात

जेलेंस्की ने यह भी बताया कि वह और प्रधानमंत्री मोदी सितंबर 2025 में संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान एक व्यक्तिगत बैठक की योजना बना रहे हैं। इसके साथ ही, दोनों नेताओं ने आपसी यात्राओं और कूटनीतिक आदान-प्रदान को बढ़ाने पर सहमति जताई है। यह मुलाकात भारत और यूक्रेन के बीच संबंधों को और गहरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हो सकती है।

वैश्विक परिप्रेक्ष्य में भारत की भूमिका

भारत ने इस युद्ध में एक संतुलित और शांतिपूर्ण दृष्टिकोण अपनाया है। प्रधानमंत्री मोदी ने बार-बार युद्ध के शांतिपूर्ण समाधान की वकालत की है और भारत ने मानवीय सहायता के माध्यम से यूक्रेन का समर्थन भी किया है। जेलेंस्की के साथ इस हालिया बातचीत से यह स्पष्ट होता है कि भारत वैश्विक मंच पर एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक भूमिका निभाने के लिए तैयार है।

15 अगस्त को होने वाली ट्रंप-पुतिन बैठक से पहले जेलेंस्की की यह कूटनीतिक सक्रियता न केवल यूक्रेन की स्थिति को मजबूत करती है, बल्कि वैश्विक शांति और स्थिरता के लिए भारत जैसे देशों की भूमिका को भी रेखांकित करती है।

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