अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला: SIT ने CM योगी को सौंपी प्रारंभिक रिपोर्ट

अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में SIT ने CM योगी को रिपोर्ट सौंपी। 150 लोगों से पूछताछ के बाद 25 संदिग्धों पर कार्रवाई की तैयारी।

Jun 21, 2026 - 20:35
 0  0
अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला: SIT ने CM योगी को सौंपी प्रारंभिक रिपोर्ट

अयोध्या के भव्य राम मंदिर में चढ़ावे और दान राशि में हुई कथित गड़बड़ियों की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) ने रविवार को लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की और इस महत्वपूर्ण बैठक के दौरान SIT ने अपनी जांच की प्रारंभिक रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंप दी है। 6 दिनों तक चली इस गहन जांच के दौरान टीम ने 60 घंटे से ज्यादा समय तक धरातल पर पड़ताल की और 150 से अधिक संदिग्ध लोगों से पूछताछ की है। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि करोड़ों रुपये के चढ़ावे से जुड़े इस संवेदनशील केस में SIT को क्या सबूत मिले हैं और आगे क्या कार्रवाई हो सकती है।

दान राशि में आई भारी गिरावट

जब से चढ़ावा चोरी का मामला सार्वजनिक हुआ है, तब से राम मंदिर में चढ़ावा चढ़ाने वाले भक्तों के व्यवहार में बदलाव देखा जा रहा है। राम भक्त अब दान देने से पहले यह सोचने लगे हैं कि उनकी श्रद्धा की राशि का उपयोग कौन और कैसे कर रहा है। आंकड़ों की बात करें तो पहले सामान्य दिनों में दान पेटियों से 8 लाख रुपये से लेकर 12 लाख रुपये तक की राशि निकलती थी। लेकिन पिछले 5 दिनों के भीतर यह आंकड़ा चौंकाने वाला रहा है, जहां दान पेटियों से केवल 85 हजार रुपये से लेकर 95 हजार रुपये तक का ही चढ़ावा निकला है।

श्रद्धालुओं की संख्या और ट्रस्ट पर भरोसा

हालांकि, इस विवाद का असर राम मंदिर में दर्शन करने वालों की संख्या पर नहीं पड़ा है। जैसे हर रोज हजारों और लाखों की संख्या में राम भक्त दर्शन के लिए आते थे, वैसे ही आज भी आ रहे हैं और भक्तों की भक्ति और श्रद्धा में कोई कमी नहीं आई है, लेकिन श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट पर उनका भरोसा बुरी तरह से डगमगा गया है। इसी अविश्वास के कारण अब दान पात्रों के पैसों की गिनती पहले से कहीं ज्यादा चौकन्ना होकर की जा रही है। वर्तमान में भी चढ़ावे की गिनती का कार्य ट्रस्ट के सदस्य अनिल मिश्रा की देख-रेख में ही संपन्न हो रहा है।

दान पेटियों की गिनती की प्रक्रिया

राम मंदिर परिसर में कुल 35 दान पेटियां लगाई गई हैं, जिन्हें रोजाना दो बार खोला जाता है। इस पूरी प्रक्रिया के दौरान पारदर्शिता बनाए रखने के लिए ट्रस्ट और बैंक के 4 कर्मचारी अनिवार्य रूप से उपस्थित रहते हैं। रुपयों की गिनती का काम दो अलग-अलग शिफ्टों में किया जाता है। पहली शिफ्ट सुबह 8 बजे शुरू होती है और दोपहर 2 बजे तक चलती है। इसके बाद दूसरी शिफ्ट दोपहर 2 बजे से शुरू होकर रात 8 बजे तक चलती है। प्रत्येक शिफ्ट में लगभग 20 लोग इस कार्य को पूरा करने के लिए तैनात रहते हैं।

जांच का दायरा और संदिग्धों पर कार्रवाई

राम मंदिर से लगभग 200 मीटर की दूरी पर स्थित यात्री सुविधा केंद्र के तहखाने में चढ़ावे की गिनती का मुख्य केंद्र बनाया गया है। इस गिनती कक्ष के ठीक बगल में ही ट्रस्ट के सदस्य अनिल मिश्रा का केबिन स्थित है। SIT ने अपनी जांच के दौरान अनिल मिश्रा से भी पूछताछ की है। कथित चढ़ावा चोरी के इस मामले में अब तक 150 लोगों से सवाल-जवाब किए जा चुके हैं। माना जा रहा है कि जांच के घेरे में आए 25 लोग ऐसे हैं जिन पर जल्द ही बड़ी कार्रवाई हो सकती है।

अधिकारियों और कर्मचारियों पर पाबंदी

मामले की गंभीरता को देखते हुए फिलहाल श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पदाधिकारियों के जिले से बाहर जाने पर रोक लगा दी गई है। इसके साथ ही, जिन कर्मचारियों के नाम इस कथित चढ़ावा चोरी के मामले में सामने आए हैं, उन्हें भी अयोध्या से बाहर जाने की अनुमति नहीं दी गई है और sIT की यह रिपोर्ट अब मुख्यमंत्री के पास है, जिसके आधार पर आने वाले दिनों में मंदिर प्रशासन और सुरक्षा व्यवस्था में बड़े बदलाव की उम्मीद की जा रही है।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow