कैराना सांसद इकरा हसन पर बड़ी कार्रवाई, सहारनपुर पुलिस ने दर्ज की FIR

सहारनपुर में डीआईजी कार्यालय के बाहर सड़क जाम करने के मामले में कैराना सांसद इकरा हसन और 6 अन्य पर एफआईआर दर्ज की गई है। पूरी खबर पढ़ें।

May 22, 2026 - 12:35
 0  5
कैराना सांसद इकरा हसन पर बड़ी कार्रवाई, सहारनपुर पुलिस ने दर्ज की FIR

उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में पुलिस ने कैराना से समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन के खिलाफ एक बड़ी कानूनी कार्रवाई करते हुए एफआईआर दर्ज की है। यह मामला शामली जिले के गांव जसाला के एक युवक मोनू की मौत से जुड़ा है, जिसने अब राजनीतिक मोड़ ले लिया है। पुलिस का आरोप है कि सांसद इकरा हसन और उनके समर्थकों ने डीआईजी कार्यालय के बाहर सड़क जाम कर यातायात व्यवस्था को पूरी तरह से बाधित कर दिया था। इस मामले में सांसद के अलावा 6 अन्य लोगों को नामजद किया गया है, जबकि 20 से 25 अज्ञात लोगों को भी आरोपी बनाया गया है। इस घटना के बाद से क्षेत्र में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है और पुलिस प्रशासन पूरी तरह से सतर्क है।

घटना का विवरण और पुलिस की कार्रवाई

यह पूरा मामला 19 मई का है, जब दोपहर के करीब 2 बजकर 15 मिनट पर सिविल लाइन चौकी प्रभारी को सूचना मिली कि डीआईजी कार्यालय के सामने कुछ लोग सड़क जाम कर रहे हैं। इस सूचना पर पुलिस की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और वहां पहुंचने पर पुलिस ने देखा कि सांसद इकरा हसन अपने समर्थकों के साथ सड़क पर मौजूद थीं और विरोध प्रदर्शन कर रही थीं। पुलिस के अनुसार, इस प्रदर्शन के कारण सड़क पर वाहनों की लंबी कतारें लग गई थीं और आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए तुरंत अतिरिक्त बल की मांग की और प्रदर्शनकारियों से बातचीत शुरू की।

एफआईआर में दी गई जानकारी के अनुसार, मौके पर मौजूद पुलिस टीम ने प्रदर्शनकारियों को समझाने और सड़क से हटने का काफी प्रयास किया, लेकिन प्रदर्शनकारी अपनी मांग पर अड़े रहे और उन्होंने जाम खोलने से इनकार कर दिया और इस दौरान वहां मौजूद ट्रैफिक पुलिस ने भी यातायात सुचारू करने की कोशिश की, लेकिन प्रदर्शनकारियों द्वारा किए जा रहे हंगामे के कारण ट्रैफिक व्यवस्था बहाल करने में बाधा उत्पन्न हुई। पुलिस का कहना है कि इस कृत्य से न केवल जनता को परेशानी हुई, बल्कि सरकारी कार्य में भी रुकावट पैदा की गई। पुलिस ने बार-बार चेतावनी दी कि सड़क जाम करना कानूनन अपराध है, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने इसे अनसुना कर दिया।

नामजद आरोपी और कानूनी धाराएं

इस मामले में सब-इंस्पेक्टर संजय कुमार शर्मा की तहरीर पर पुलिस ने गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है और एफआईआर में सांसद इकरा हसन के साथ-साथ पूर्व राज्यमंत्री मांगेराम कश्यप, तेजपाल सिंह, अजय, अनुज, शीशपाल और सत्यपाल को नामजद किया गया है। इसके अलावा, भीड़ में शामिल 20 से 25 अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने इन सभी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई की है। यह मामला अब पूरी तरह से कानूनी प्रक्रिया के अधीन है और पुलिस साक्ष्यों को जुटाने में लगी हुई है।

दर्ज की गई एफआईआर के मुताबिक, आरोपियों पर बीएनएस की धारा 191 (2), 221, 132 और 126 (2) के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस अब इस मामले की गहनता से जांच कर रही है और वीडियो फुटेज व अन्य साक्ष्यों के आधार पर अज्ञात आरोपियों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है। जसाला गांव के युवक मोनू की मौत के मामले में न्याय की मांग को लेकर किया गया यह प्रदर्शन अब कानूनी पचड़ों में फंस गया है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि किसी को भी कानून हाथ में लेने और सार्वजनिक व्यवस्था को बाधित करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। आने वाले दिनों में इस मामले में और भी खुलासे होने की संभावना है।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow