पेरिस बहुत जल्द बनेगा मुस्लिम सिटी… फ्रांस में भड़की हिंसा पर ट्रंप ने इमैनुएल मैक्रों को घेरा और दी बड़ी चेतावनी

फ्रांस में हिंसक प्रदर्शनों और कर्फ्यू के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अप्रवासन को दोषी ठहराया और पेरिस के मुस्लिम शहर बनने की चेतावनी दी है।

Oct 20, 2026 - 09:35
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पेरिस बहुत जल्द बनेगा मुस्लिम सिटी… फ्रांस में भड़की हिंसा पर ट्रंप ने इमैनुएल मैक्रों को घेरा और दी बड़ी चेतावनी

फ्रांस इस समय देशव्यापी हिंसक विरोध-प्रदर्शनों, आगजनी और कड़े कर्फ्यू की चपेट में है। इस गंभीर स्थिति के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खुलकर अपनी बात रखी है और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों को आड़े हाथ लिया है। राष्ट्रपति ट्रंप ने दावा किया है कि पेरिस बहुत जल्द एक मुस्लिम शहर बन जाएगा और उन्होंने देशभर में फैली इस भयानक हिंसा के लिए सीधे तौर पर आप्रवासन यानी इमिग्रेशन को जिम्मेदार ठहराया है और कहा है कि यह स्थिति सीमाओं की अनदेखी का परिणाम है।

मीडिया से बात करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फ्रांस की मौजूदा स्थिति पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि पेरिस बहुत जल्द एक मुस्लिम शहर बन जाएगा। इमैनुएल को बहुत पहले ही अपनी सीमाएं बंद कर देनी चाहिए थीं। मैंने उनसे ऐसा करने के लिए कहा था। फ्रांस के हालात बहुत दुखद हैं। फ्रांस में जो कुछ भी हो रहा है, उसका संबंध आप्रवासन से है, न कि स्कूलों या किसी और चीज़ से। यह पूरी तरह से आप्रवासन का मामला है। मैंने राष्ट्रपति मैक्रों से कहा था कि अपनी सीमाएं बंद कर दें। ट्रंप के इन तीखे बयानों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर राजनीतिक हलकों में हलचल पैदा कर दी है।

डोनाल्ड ट्रंप की यह तीखी टिप्पणी ऐसे समय में सामने आई है जब पिछले सप्ताह के अंत में हुए हिंसक दंगों के बाद फ्रांसीसी प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को बेहद कड़ा कर दिया है। इन भीषण दंगों के दौरान देश भर के सिटी हॉल, महत्वपूर्ण सार्वजनिक इमारतों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को विशेष रूप से निशाना बनाया गया था। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इन हिंसक घटनाओं के बाद से अब तक कम से कम 2400 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इसके अलावा, अधिकारियों का अनुमान है कि लगभग 3000 बिजनेसेस को भारी नुकसान पहुंचा है या उनमें बड़े पैमाने पर लूटपाट की गई है, जिससे देश की अर्थव्यवस्था और व्यापारिक ढांचे को तगड़ा झटका लगा है।

फ्रांस में गहराया राजनीतिक संकट

इस अभूतपूर्व अशांति और हिंसा के कारण फ्रांस में एक बड़ा राजनीतिक संकट भी पैदा हो गया है। पेरिस पुलिस ने राजधानी के अत्यंत संवेदनशील माने जाने वाले प्लेस डे ला रिपब्लिक और लेस हालेस शॉपिंग डिस्ट्रिक्ट इलाके में सोमवार रात 11 बजे से मंगलवार सुबह 6 बजे तक के लिए सख्त कर्फ्यू लागू कर दिया। इसके अलावा, रात 8 बजे से ही किसी भी प्रकार के प्रदर्शनों और लोगों के सार्वजनिक रूप से इकट्ठा होने पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कई अन्य प्रमुख शहरों में भी इसी तरह की पाबंदियां लागू की गईं, जिनमें नाबालिगों के लिए रात का कर्फ्यू भी शामिल है, ताकि युवाओं को हिंसा में शामिल होने से रोका जा सके।

देश की इस गंभीर स्थिति पर सफाई देते हुए प्रधानमंत्री सेबेस्टियन लेकोर्नू ने पुलिस की कार्रवाई का पुरजोर बचाव किया। उन्होंने कहा कि भारी हिंसा और संपत्ति के बड़े पैमाने पर नुकसान के बावजूद यह एक चमत्कार है कि इस दौरान किसी की भी जान नहीं गई। हालांकि, इस भारी अशांति और अराजकता के कारण देश में गहरा राजनीतिक संकट खड़ा हो गया, जिसके चलते गृह मंत्री लॉरेंट नुनेज ने रविवार को अपना इस्तीफा प्रधानमंत्री को सौंप दिया। हालांकि, राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने हिंसा के इस दौर में कानून और व्यवस्था को बनाए रखने के लिए लीडरशिप के अपने पद पर बने रहने को बेहद जरूरी मानते हुए इस इस्तीफे को खारिज कर दिया।

पुलिस की कार्रवाई पर उठे गंभीर सवाल

राष्ट्रपति मैक्रों ने गृह मंत्री लॉरेंट नुनेज को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे भविष्य के लिए योजना बनाने और खुफिया जानकारी जुटाने में हुई प्रशासनिक कमियों के मामले में पूरी पारदर्शिता सुनिश्चित करें। इसके साथ ही उन्होंने पुलिस के काम करने की नई नीतियों को जल्द से जल्द लागू करने के सख्त आदेश दिए। खुद गृह मंत्री नुनेज ने भी यह माना कि कुछ बड़े शहरों में स्थानीय अधिकारियों का स्थिति पर से नियंत्रण पूरी तरह से खत्म हो गया था। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि तबाही के इस विशाल पैमाने ने पुलिस की कार्रवाई और सुरक्षा तंत्र में मौजूद गंभीर कमियों को उजागर कर दिया है, जिससे प्रशासनिक अमले की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लग गए हैं।

इस पूरे घटनाक्रम के बीच, नेशनल रैली के अध्यक्ष जॉर्डन बार्डेला ने सरकार और राष्ट्रपति मैक्रों पर सीधा हमला बोला और उन्होंने सरकार पर देश की आम जनता की सुरक्षा करने में पूरी तरह से विफल रहने का गंभीर आरोप लगाया। बार्डेला ने देश के वोटर्स से यह अपील की कि वे आने वाले समय में सरकार को पूरी तरह से जवाबदेह ठहराने के लिए अपने वोट की ताकत का भरपूर इस्तेमाल करें, जिससे देश में राजनीतिक बदलाव की सुगबुगाहट तेज हो गई है। फ्रांस के हालात फिलहाल बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं और सुरक्षा बल लगातार स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए गश्त कर रहे हैं।

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