बड़ा राजनीतिक धमाका, रामपुर जेल में आजम खान से मिले अखिलेश यादव, बोले- करप्ट अफसरों को बनाया जा रहा हथियार
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने रामपुर जेल पहुंचकर आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम से मुलाकात की। जानिए इस बड़ी राजनीतिक मुलाकात से जुड़ी सभी खास बातें।
उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर बड़ा भूचाल आ गया है जब समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव सीधे रामपुर जिला जेल पहुंच गए। यहाँ उन्होंने पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री आजम खान तथा उनके बेटे अब्दुल्ला आजम खान से लंबी मुलाकात की और इस हाई-प्रोफाइल मुलाकात के बाद अखिलेश यादव सीधे आजम खान के घर पहुंचे, जहाँ उन्होंने उनकी पत्नी तंजीन फातिमा और बड़े बेटे अदीब से भी मुलाकात की। उत्तर प्रदेश की सियासत के लिहाज से इस मुलाकात को बेहद अहम माना जा रहा है क्योंकि राज्य में आगामी राजनीतिक समीकरणों को साधने के लिए इस तरह के दौरों के गहरे मायने निकाले जा रहे हैं।
जेल में दाखिल होने से पहले का पूरा घटनाक्रम
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार अखिलेश यादव गुरुवार को आजम खान से मुलाकात करने के लिए रामपुर जिला जेल पहुँचे। दोपहर ठीक 1 बजकर 42 मिनट पर अखिलेश यादव का काफिला और वह खुद जेल के अंदर दाखिल हुए। इससे ठीक पहले, करीब डेढ़ बजे उनका हेलीकॉप्टर जौहर विश्वविद्यालय परिसर में बने हेलीपैड पर उतरा था। जौहर विश्वविद्यालय के हेलीपैड पर उतरते ही आजम खान की पत्नी तंजीन फातिमा, उनके बड़े बेटे अदीब और स्थानीय समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया और इसके बाद अखिलेश यादव विशेष रूप से तैयार कारों के काफिले में सवार होकर सीधे रामपुर जिला जेल के लिए रवाना हुए, जहाँ प्रशासनिक अमला पूरी तरह मुस्तैद था।
एक साल के भीतर आजम खान से तीसरी बड़ी मुलाकात
राजनीतिक गलियारों में इस बात की चर्चा जोरों पर है कि अखिलेश यादव की पिछले एक साल के भीतर आजम खान से यह तीसरी मुलाकात है और इससे पहले 9 अक्टूबर 2025 को अखिलेश यादव खुद रामपुर पहुँचे थे और रामपुर जिला जेल में ही आजम खान से लंबी मुलाकात की थी। उस समय दोनों वरिष्ठ नेताओं के बीच करीब दो घंटे तक बंद कमरे में गंभीर मंत्रणा और बातचीत हुई थी। इसके बाद, नवंबर 2025 का वह दौर आया जब खुद आजम खान अपने बेटे अब्दुल्ला आजम के साथ विशेष रूप से लखनऊ पहुँचे थे और अखिलेश यादव से मुलाकात की थी। उस लखनऊ की मुलाकात के दौरान आजम खान ने सार्वजनिक रूप से कहा था कि वह अपनी दास्तां और अपना दर्द बताने आए हैं। अब 22 अक्टूबर 2026 को अखिलेश यादव एक बार फिर रामपुर की धरती पर पहुँचे हैं और आजम खान से मिलने जेल गए हैं। इस बार जेल के भीतर मुलाकात के साथ-साथ आजम खान के आधिकारिक आवास पर जाने और उनके परिवार के अन्य सदस्यों से मिलने का भी पूरा कार्यक्रम तय था और दिलचस्प बात यह है कि इस पूरी घटना से ठीक दो महीने पहले समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ और कद्दावर नेता शिवपाल यादव ने भी रामपुर जेल का दौरा किया था और आजम खान तथा उनके बेटे अब्दुल्ला से मुलाकात की थी। शिवपाल यादव ने भी जेल के बाद आजम खान के घर जाकर तंजीन फातिमा से मुलाकात की थी।
पैन कार्ड मामले में क्यों जेल में बंद हैं आजम और अब्दुल्ला
कानूनी मोर्चे पर बात करें तो आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम वर्तमान में फर्जी पैन कार्ड मामले में रामपुर जिला जेल में सजा काट रहे हैं और इस बहुचर्चित मामले में स्थानीय एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट ने दोनों पिता-पुत्र को सात-सात साल की कठोर सजा सुनाई है। इस अदालत के फैसले के खिलाफ आजम खान की तरफ से उच्च न्यायालय यानी हाईकोर्ट में अपील दाखिल की गई है, और उनके समर्थक तथा परिवार के लोग लगातार हाईकोर्ट से राहत मिलने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं और याद दिला दें कि पिछली मुलाकातों के बाद अखिलेश यादव ने मीडिया के सामने आजम खान को समाजवादी पार्टी का एक बेहद पुराना, मजबूत और अहम नेता बताया था। उन्होंने यह भी कहा था कि पार्टी और संगठन के साथ आजम खान का हमेशा से एक गहरा साया रहा है। अखिलेश यादव ने तर्कों के साथ आजम खान को पार्टी का एक बड़ा दरख्त यानी पेड़ बताया था और यह घोषणा की थी कि यह एक बहुत बड़ी राजनीतिक लड़ाई है, जिसे पार्टी के सभी लोग मिलकर लड़ेंगे और इंसाफ की इस राह में पीछे नहीं हटेंगे।
रामपुर में कड़े सुरक्षा इंतजाम और नेताओं के बयान
अखिलेश यादव के रामपुर पहुँचने की सूचना मिलते ही शहर में सियासी सरगर्मी अपने चरम पर पहुँच गई और आजम खान के आधिकारिक आवास, समाजवादी पार्टी के जिला कार्यालय और रामपुर जिला जेल के आसपास सुबह से ही भारी संख्या में लोगों और समर्थकों की भीड़ जुटने लगी थी। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन की कई टीमों को मौके पर तैनात किया गया था। सीओ सिटी के नेतृत्व में भारी मात्रा में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी, जबकि सुरक्षा और एहतियात के तौर पर एक फायर ब्रिगेड की टीम भी लगातार मौके पर मौजूद रही। शहर भर में अखिलेश यादव के स्वागत में बड़े-बड़े पोस्टर और बैनर लगाए गए थे। उनके इस महत्वपूर्ण दौरे से पहले कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ सांसद इमरान मसूद का भी एक बड़ा बयान सामने आया था, जिसमें उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा था कि आजम खान उनकी पार्टी के भी नेता हैं और इस मुश्किल वक्त में अखिलेश यादव को उनसे जरूर मिलना चाहिए। इस पूरी मुलाकात और राजनीतिक घटनाक्रम ने एक बार फिर उत्तर प्रदेश के सियासी पारे को गर्मा दिया है।
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