यूपी में चुनाव आयोग का विशेष कैंप, वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने का बड़ा मौका
उत्तर प्रदेश में वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने के लिए चुनाव आयोग के विशेष कैंप लगे हैं। फर्स्ट टाइम वोटर्स और छूटे हुए मतदाता आवेदन कर सकते हैं।
उत्तर प्रदेश में वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने के लिए आज विशेष कैंप लगाए गए हैं। इस विशेष कैंप का मुख्य उद्देश्य स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन यानी एसआईआर की प्रक्रिया के बाद छूटे हुए वोटर्स के नामों को दोबारा जोड़ने की तैयारी करना है। ऐसे तमाम मतदाता जिनका नाम किसी कारणवश वोटर लिस्ट से छूट गया है, वे अपना फॉर्म 6 भरकर वोटर लिस्ट में अपना नाम दर्ज कराने के लिए आवेदन कर सकते हैं। उत्तर प्रदेश में आज चुनाव आयोग द्वारा ये स्पेशल कैंप इसलिए लगाए गए हैं ताकि राज्य में कोई भी पात्र वोटर अपने मताधिकार से वंचित न रह जाए।
पूरे प्रदेश में सक्रिय हैं बूथ-स्तरीय अधिकारी
पूरे उत्तर प्रदेश में आज एक लाख 77 हजार बीएलओ इन विशेष कैंपों में अपनी ड्यूटियों पर तैनात होकर बैठे हैं। जो नागरिक अभी तक मतदाता नहीं बने हैं या जो नए यानी फर्स्ट टाइम वोटर हैं, वे इन कैंपों में सीधे आकर फॉर्म 6 भरकर देश के जिम्मेदार मतदाता बन सकते हैं। इसके लिए उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में विशेष रूप से कैंप आयोजित किए गए हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार, सभी बूथ-स्तरीय अधिकारी यानी बीएलओ सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक अपने निर्धारित और तय मतदान केंद्रों पर पूरी तरह मौजूद रहेंगे।
इन अधिकारियों के पास एएसडी यानी अनुपस्थित, स्थानांतरित या मृत और नो-मैपिंग वाली मतदाता सूचियां उपलब्ध होंगी। इस विशेष शिविर के दौरान वे नागरिकों से फॉर्म 6, फॉर्म 6ए, फॉर्म 7 और फॉर्म 8 स्वीकार करेंगे। नागरिक अपनी सभी प्रकार की चुनावी औपचारिकताओं को यहीं पूरा कर सकते हैं।
लाखों ऐसे वोटर्स की तलाश और एसआईआर प्रक्रिया
उत्तर प्रदेश में चुनाव आयोग एक बार फिर लगभग 2 करोड़ 89 लाख ऐसे वोटर्स की गहन जांच करने की कोशिश में जुटा है, जिनका नाम एसआईआर शुरू होने के ठीक पहले वोटर लिस्ट में मौजूद था, लेकिन एसआईआर की फाइनल लिस्ट से उनका नाम गायब हो गया था। चुनाव आयोग ने इन सभी लोगों को एएसडीडी यानी ऐब्सेंट, शिफ्टेड, डेड या डुप्लीकेट वोटर मानते हुए एसआईआर की फाइनल ड्राफ्ट लिस्ट से उनके नाम काट दिए थे। अब पहली बार वोटर बनने वाले युवाओं के साथ-साथ इन 2 करोड़ 89 लाख मतदाताओं की तलाश में भी यह विशेष अभियान चलाया जा रहा है.
सवा करोड़ लोग अभी तक नहीं बन पाए हैं वोटर
सामने आए आंकड़ों के मुताबिक, वर्तमान में करीब सवा करोड़ लोग ऐसे हैं जो किसी न किसी वजह से अभी तक वोटर नहीं बन पाए हैं। इनमें नौ लाख महिलाएं ऐसी शामिल हैं जिनकी शादी होकर नए घरों में आई हैं और मायके में उनका नाम मतदाता सूची से काट दिया गया है, लेकिन अभी तक ससुराल में उनका नाम नहीं जुड़ा है। इसके अलावा जिन लोगों के नाम, पते या अन्य विवरण में कुछ गलतियां हैं, उन्हें भी इन शिविरों के माध्यम से सुधरवाया जा सकता है।
ऑनलाइन भी जमा किए जा सकते हैं फॉर्म
राज्य के सभी नागरिकों से यह अपील की गई है कि वे शनिवार के दिन अपने निर्धारित मतदान केंद्रों पर अवश्य जाएं और मतदाता सूची में अपना नाम अच्छी तरह जांच लें। जिन नागरिकों की आयु 18 वर्ष पूरी हो चुकी है या जो जल्द ही 18 वर्ष के होने वाले हैं, और जिनका नाम अभी तक मतदाता सूची में शामिल नहीं किया गया है, वे अपने नजदीकी मतदान केंद्र पर जाकर बीएलओ को सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ अपना संबंधित फॉर्म जमा कर सकते हैं।
पात्र नागरिक नए मतदाता पंजीकरण के लिए फॉर्म 6, मतदाता सूची से नाम हटवाने के लिए फॉर्म 7 और विवरण में सुधार या नाम दूसरे स्थान पर स्थानांतरित करने के लिए फॉर्म 8 जमा कर सकते हैं। यदि मतदाता मतदान केंद्र पर जाने में असमर्थ हैं तो वे चाहें तो फॉर्म 6, 7 और 8 को ऑनलाइन भी आसानी से जमा कर सकते हैं। in पर विजिट कर सकते हैं।
राजनीतिक दलों की सक्रियता और रणनीतियां
इस पूरे अभियान को लेकर बीजेपी और सपा ने भी अपनी पूरी ताकत झोंक दी है और कसर नहीं छोड़ी है। भारतीय जनता पार्टी और समाजवादी पार्टी दोनों ने अपने बूथ लेवल एजेंट्स यानी बीएलए को सख्त टारगेट देकर ज्यादा से ज्यादा नाम वोटर लिस्ट में जुड़वाने के निर्देश दिए हैं। समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने अपने सभी बीएलए को हर विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र में पूरी तरह सक्रिय रहकर कम से कम 27,000 नए और वैध वोट बढ़वाने का बड़ा टारगेट सौंपा है।
समाजवादी पार्टी का मुख्य इरादा इस अभियान के जरिए प्रदेश भर में करीब एक करोड़ नए वोटर्स को अपनी पार्टी के पक्ष में जोड़ने का है। वहीं दूसरी ओर, भारतीय जनता पार्टी ने भी अपने सभी बीएलए को माइक्रो-लेवल पर यानी बेहद सूक्ष्म स्तर पर काम करने के कड़े निर्देश दिए हैं ताकि पार्टी का कोई भी समर्थक पीछे न छूटे।
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