शेयर बाजार में कोहराम: 5 दिग्गज कंपनियों के 1 लाख करोड़ डूबे, TCS को सबसे ज्यादा नुकसान

भारतीय शेयर बाजार में इस हफ्ते भारी गिरावट रही, जिससे टॉप 10 में से 5 कंपनियों का मार्केट कैप 1 लाख करोड़ रुपये घट गया। टीसीएस और रिलायंस को बड़ा नुकसान हुआ।

Aug 16, 2026 - 16:35
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शेयर बाजार में कोहराम: 5 दिग्गज कंपनियों के 1 लाख करोड़ डूबे, TCS को सबसे ज्यादा नुकसान

भारतीय शेयर बाजार में बीते कारोबारी सप्ताह के दौरान निवेशकों के लिए भारी उथल-पुथल का माहौल बना रहा। लगातार जारी उतार-चढ़ाव के बीच सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही प्रमुख सूचकांकों ने लाल निशान में अपना कारोबार बंद किया और इस गिरावट का सबसे व्यापक असर देश की टॉप 10 सबसे मूल्यवान कंपनियों के बाजार पूंजीकरण पर देखने को मिला है। एक तरफ जहां बाजार के दिग्गज माने जाने वाले पांच बड़े शेयरों के मार्केट कैप में करीब 1 लाख करोड़ रुपये की भारी-भरकम सेंध लग गई, वहीं दूसरी तरफ कुछ चुनिंदा कंपनियों ने इस मुश्किल दौर में भी अपने निवेशकों की झोली भरने का काम किया। बाजार में बिकवाली का दबाव इतना अधिक था कि कई बड़े शेयरों के भाव नीचे आ गए, जिससे निवेशकों की संपत्ति में बड़ी कमी दर्ज की गई।

सेंसेक्स और निफ्टी में दर्ज की गई बड़ी गिरावट

बीते कारोबारी सप्ताह के दौरान शेयर बाजार में नरमी का रुख पूरी तरह से हावी रहा। अगर आंकड़ों पर विस्तार से नजर डालें तो बीएसई सेंसेक्स में 489 दशमलव 92 अंकों यानी करीब 0 दशमलव 62 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी इस बाजार दबाव से अछूता नहीं रहा और यह 204 दशमलव 65 अंक या 0 दशमलव 83 प्रतिशत के नुकसान के साथ बंद हुआ। इन गिरावट के आंकड़ों ने बाजार में निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि प्रमुख सूचकांकों का लाल निशान में बंद होना बाजार की कमजोरी को दर्शाता है और पूरे हफ्ते बाजार में खरीदारों की तुलना में बिकवाल अधिक सक्रिय नजर आए, जिसके कारण सूचकांकों पर दबाव बना रहा।

5 दिग्गज कंपनियों को लगी 1 लाख करोड़ की चपत

शेयर बाजार के इस झटके ने देश की सबसे बड़ी कंपनियों की बाजार वैल्यू को काफी प्रभावित किया है। टॉप 10 में से जिन पांच कंपनियों को सबसे ज्यादा नुकसान उठाना पड़ा, उनमें रिलायंस इंडस्ट्रीज, एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) और आईटी क्षेत्र की दिग्गज कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) शामिल हैं। इन पांचों कंपनियों का कुल मार्केट कैप लगभग 1 लाख करोड़ रुपये घट गया है। सबसे गहरी चोट टीसीएस को लगी है, जिसका बाजार पूंजीकरण 34263 करोड़ 28 लाख रुपये गिरकर 853506 करोड़ 85 लाख रुपये रह गया है। इसी तरह, देश की सबसे मूल्यवान कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज को भी 31869 करोड़ 13 लाख रुपये का बड़ा नुकसान हुआ, जिससे इसका कुल वैल्यूएशन 1770056 करोड़ 6 लाख रुपये पर आ गया है।

बैंकिंग सेक्टर में भी रही भारी बिकवाली

बाजार की इस गिरावट में बैंकिंग सेक्टर के शेयरों में भी भारी बिकवाली का दौर देखने को मिला और देश के सबसे बड़े सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक, भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) का मार्केट कैप 25891 करोड़ 88 लाख रुपये कम हो गया। निजी क्षेत्र के बड़े बैंकों की बात करें तो एचडीएफसी बैंक की वैल्यूएशन में 7165 करोड़ 37 लाख रुपये की गिरावट आई, जबकि आईसीआईसीआई बैंक का मार्केट कैप 2792 करोड़ 65 लाख रुपये घट गया। इन बड़े वित्तीय संस्थानों के मार्केट कैप में आई यह कमी बाजार के समग्र प्रदर्शन पर भारी पड़ी और निवेशकों के सेंटिमेंट को प्रभावित किया। बैंकिंग शेयरों में आई इस गिरावट ने निफ्टी बैंक इंडेक्स पर भी नकारात्मक असर डाला।

LIC और एयरटेल ने विपरीत बाजार में भी कराई कमाई

बाजार में एक तरफ जहां निराशा और गिरावट का माहौल था, वहीं कुछ शेयरों ने अपने निवेशकों को शानदार रिटर्न देकर राहत पहुंचाई। टॉप 10 में शामिल बाकी पांच कंपनियों के मार्केट कैप में कुल 55149 करोड़ 45 लाख रुपये का जबरदस्त इजाफा हुआ है। इनमें सबसे ज्यादा फायदा भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) को हुआ है। एलआईसी का मार्केट कैप 26438 करोड़ 49 लाख रुपये की छलांग लगाकर 523330 करोड़ 31 लाख रुपये के स्तर पर पहुंच गया। इसके अलावा, टेलीकॉम सेक्टर की दिग्गज कंपनी भारती एयरटेल की वैल्यूएशन में भी 20592 करोड़ 13 लाख रुपये की तगड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई। अन्य लाभ कमाने वाली कंपनियों में बजाज फाइनेंस (3548 करोड़ 79 लाख रुपये), लार्सन एंड टुब्रो (2490 करोड़ 66 लाख रुपये) और एफएमसीजी क्षेत्र की दिग्गज हिंदुस्तान यूनिलीवर (2079 करोड़ 38 लाख रुपये) शामिल रहीं।

रिलायंस इंडस्ट्रीज अभी भी नंबर वन पर बरकरार

इस भारी उठापटक और मार्केट कैप में आई कमी के बावजूद, रिलायंस इंडस्ट्रीज अभी भी देश की सबसे मूल्यवान कंपनी के ताज पर मजबूती से काबिज है और बाजार पूंजीकरण के आधार पर वर्तमान रैंकिंग में रिलायंस इंडस्ट्रीज पहले स्थान पर है। इसके बाद क्रमशः भारती एयरटेल, एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई), टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस), बजाज फाइनेंस, लार्सन एंड टुब्रो (एलएंडटी), भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) और हिंदुस्तान यूनिलीवर (एचयूएल) का नंबर आता है। यह रैंकिंग दर्शाती है कि बाजार की गिरावट के बावजूद रिलायंस का दबदबा कायम है।

प्राइमरी मार्केट में नई कंपनियों की होगी एंट्री

शेयर बाजार में पुराने दिग्गज भले ही इस समय दबाव में नजर आ रहे हों, लेकिन नए हफ्ते में निवेशकों के लिए कमाई के कुछ नए विकल्प खुलने जा रहे हैं और प्राइमरी मार्केट में निवेश करने वालों के लिए यह सप्ताह काफी हलचल भरा रहने वाला है। 17 अगस्त को मेनबोर्ड सेगमेंट में नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) पर धूत ट्रांसमिशन के साथ-साथ मोलबायो डायग्नोस्टिक्स की लिस्टिंग होने जा रही है। इसके ठीक अगले दिन, यानी 18 अगस्त को मिल्की मिस्ट डेयरी फूड के शेयर भी बाजार में अपने कदम रखेंगे। सिलसिला यहीं नहीं रुकेगा, 19 अगस्त को बिहारी लाल इंजीनियरिंग और शिपरॉकेट के शेयर भी एनएसई और बीएसई पर अपनी शुरुआत करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। इन नई लिस्टिंग से बाजार में एक नई ऊर्जा आने की उम्मीद है, जिस पर रिटेल निवेशकों की खास नजर रहेगी।

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