होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान और अमेरिका में समझौता, हॉटलाइन और संपर्क केंद्र बनाने पर बनी सहमति

ईरान और अमेरिका के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य के लिए हॉटलाइन और समन्वय केंद्र पर सहमति बनी है। ईरान ने कहा कि अब यह मार्ग ईरानी प्रबंधन के तहत चलेगा।

Jun 23, 2026 - 09:35
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होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान और अमेरिका में समझौता, हॉटलाइन और संपर्क केंद्र बनाने पर बनी सहमति

स्विट्जरलैंड में अमेरिका के साथ हुई शांति वार्ता के बाद ईरान के मुख्य वार्ताकार मोहम्मद बाकिर गालिबाफ ने एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) अब युद्ध से पहले जैसी स्थिति में कभी नहीं लौट सकता। तेहरान की ओर से आए इस बयान में कहा गया है कि इस अत्यंत महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग का प्रबंधन अब ईरानी व्यवस्था के तहत किया जाएगा। गालिबाफ ने जानकारी दी कि अमेरिका और ईरान एक समन्वय व्यवस्था बनाने पर सहमत हुए हैं, जिसमें एक टेलीफोन हॉटलाइन और एक संपर्क केंद्र शामिल होगा।

टेलीफोन हॉटलाइन और समन्वय केंद्र का गठन

गालिबाफ के अनुसार, ईरान इस रणनीतिक जलमार्ग के लिए एक टेलीफोन हॉटलाइन स्थापित करने पर सहमत हो गया है। इस हॉटलाइन का मुख्य उद्देश्य वहां से गुजरने वाले जहाजों को लेकर अमेरिका और अन्य देशों के साथ होने वाली किसी भी गलतफहमी को रोकना और उसे सुलझाना है। सीएनएन (CNN) की रिपोर्ट के मुताबिक, यदि किसी जहाज को रास्ते को लेकर कोई भ्रम या समस्या होती है, तो वह इस केंद्र से संपर्क कर सकेगा और यह व्यवस्था समुद्री यातायात की सुरक्षा बढ़ाने और जहाजों की आवाजाही को सुचारु रखने में सहायक सिद्ध होगी। ईरान ने यह भी कहा है कि वह अंतर्राष्ट्रीय कानूनों का पालन करेगा और किसी भी समस्या या गलतफहमी को दूर करने के लिए तुरंत कार्रवाई करेगा।

हॉटलाइन की आवश्यकता और ईरान का रुख

हॉटलाइन की जरूरत पर विस्तार से बताते हुए गालिबाफ ने कहा कि जैसे लेबनान या अन्य क्षेत्रों में समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं, वैसी ही स्थिति होर्मुज में भी बन सकती है और उन्होंने पिछली कुछ रातों में हुई झड़पों का भी जिक्र किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस हॉटलाइन का उद्देश्य उन मुद्दों को हल करना है जहां अमेरिका को कोई आपत्ति हो या किसी जहाज को स्पष्टीकरण की आवश्यकता हो। सोमवार को स्विट्जरलैंड से लौटते समय गालिबाफ ने मीडिया से यह भी कहा कि ईरान ने कभी अमेरिकियों पर भरोसा नहीं किया है और न ही भविष्य में करेगा। उनके अनुसार, अब यह महत्वपूर्ण जलमार्ग पूरी तरह से ईरानी इंतजामों के तहत संचालित होगा।

समुद्री यातायात और आर्थिक प्रभाव

फरवरी में युद्ध की शुरुआत के दौरान ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद कर दिया था और हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन के बीच शांति समझौते पर हस्ताक्षर होने के बाद इसे फिर से खोल दिया गया। इस कदम से वैश्विक बाजार में तेल की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। मैरीनट्रैफिक (MarineTraffic) के आंकड़ों के अनुसार, पिछले 24 घंटों में कम से कम 24 जहाज इस महत्वपूर्ण जलमार्ग से गुजरे हैं। इनमें फारस की खाड़ी से बाहर निकलने वाले 8 टैंकर और 2 कार्गो शिप शामिल थे, जबकि खाड़ी के अंदर जाने वाले जहाजों में 8 टैंकर और 6 कार्गो शिप दर्ज किए गए।

डोनाल्ड ट्रंप का दावा और अमेरिकी नियंत्रण

दूसरी ओर, ओवल ऑफिस में पत्रकारों से बात करते हुए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका होर्मुज जलडमरूमध्य के मामले में बहुत अच्छा प्रदर्शन कर रहा है। ट्रंप ने कहा, "होर्मुज जलडमरूमध्य पर हमारा पूर्ण नियंत्रण है। हमारे पास नौसेना है और हमने जो नाकाबंदी की थी, वह बम गिराने से कहीं अधिक प्रभावी साबित हुई है। कल हमने होर्मुज से अब तक के सबसे अधिक तेल का परिवहन किया।

होर्मुज जलडमरूमध्य का सामरिक महत्व

होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक माना जाता है। यहां से कच्चे तेल और गैस की एक विशाल मात्रा की आपूर्ति की जाती है। आंकड़ों के अनुसार, दुनिया भर के कुल तेल व्यापार का लगभग 20% हिस्सा इसी मार्ग से होकर गुजरता है। युद्ध के दौरान जब ईरान ने इस मार्ग को बंद किया था, तब वैश्विक ऊर्जा बाजार में भारी चिंता पैदा हो गई थी और तेल की कीमतों पर इसका सीधा असर पड़ा था। अब नई समन्वय व्यवस्था और हॉटलाइन के माध्यम से इस मार्ग पर स्थिरता लाने का प्रयास किया जा रहा है।

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