अखिलेश यादव ने ओपी राजभर को बताया अफ़वाही मंत्री भ्रष्टाचार के लगाए गंभीर आरोप

अखिलेश यादव ने ओपी राजभर को अफ़वाही मंत्री बताते हुए भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं। जानें सपा और सुभासपा के बीच छिड़ी इस जुबानी जंग की पूरी कहानी।

Jun 18, 2026 - 12:35
 0  0
अखिलेश यादव ने ओपी राजभर को बताया अफ़वाही मंत्री भ्रष्टाचार के लगाए गंभीर आरोप

उत्तर प्रदेश की राजनीति में जुबानी जंग तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के प्रमुख और कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर पर सीधा हमला बोला है। अखिलेश यादव ने राजभर को अफवाह फैलाने वाला मंत्री बताते हुए उनके विभाग में ट्रांसफर-पोस्टिंग और ठेकों के नाम पर भारी भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं। यह विवाद तब शुरू हुआ जब राजभर ने दावा किया कि समाजवादी पार्टी में बहुत जल्द बड़ी टूट होने वाली है और अखिलेश यादव को अपने सांसदों को बचाने की कोशिश करनी चाहिए।

राजभर का दावा: सपा में होगी बड़ी टूट

गुरुवार को उत्तर प्रदेश के मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने एक बार फिर दोहराया कि समाजवादी पार्टी में निश्चित रूप से फूट पड़ेगी। उन्होंने अखिलेश यादव को सुझाव दिया कि उन्हें सोशल मीडिया पर समय बिताने के बजाय अपने सांसदों को बचाओ अभियान शुरू करना चाहिए। राजभर ने दावा किया कि सपा के बागी सांसदों का एक बड़ा गुट जल्द ही बलिया के एक कद्दावर नेता के नेतृत्व में सबके सामने आएगा। उन्होंने कहा कि पार्टी के भीतर असंतोष चरम पर है और जल्द ही इसका परिणाम सबके सामने होगा।

अखिलेश यादव का 'पंचायती-समाचार' और भ्रष्टाचार के आरोप

राजभर के दावों पर पलटवार करते हुए अखिलेश यादव ने अपने एक्स हैंडल पर एक लंबा पोस्ट साझा किया। उन्होंने राजभर को अफ़वाही मंत्री संबोधित करते हुए लिखा कि पंचायती-समाचार के अनुसार, टिकटार्थियों के बाद अब अधिकारी और ठेकेदार मिलकर ढुंढाई पंचायत कर रहे हैं। अखिलेश ने आरोप लगाया कि कल तक तो मंत्री जी को केवल वो भावी प्रत्याशी ढूंढ रहे थे जिनसे इन्होंने टिकट के नाम पर एडवांस वसूल लिया था, लेकिन अब जब सबको पता चल गया है कि 30 सीट की बात महज एक अफवाह है, तो स्थिति बदल गई है।

अखिलेश यादव ने आगे लिखा कि अब एई, जेई और एएमए अधिकारी और विभागीय ठेकेदार भी मंत्री जी को ढूंढने के लिए पंचायत कर रहे हैं। आरोप है कि इन अधिकारियों और ठेकेदारों से ट्रांसफर-पोस्टिंग और कॉन्ट्रैक्ट दिलवाने के नाम पर एडवांस वसूला गया है। अखिलेश ने तंज कसते हुए कहा कि जिस काली-कमाई के पैसे के बल पर इनके बड़े बोल निकल रहे हैं, अब वही पैसा इनके खिलाफ पंचायत बैठा रहा है। उन्होंने राजभर के पंचायती राज विभाग में बड़े घोटाले की ओर इशारा किया है।

राजभर का पलटवार: ब्राह्मणों के अपमान का मुद्दा

ओम प्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव के आरोपों का जवाब देते हुए जातिगत कार्ड खेला। उन्होंने कहा कि जिस तरह से सपा कार्यालय में एक कॉन्फ्रेंस के बहाने ब्राह्मणों का अपमान किया गया, उससे बागी बलिया के लोगों को गहरी चोट पहुंची है। राजभर ने कहा कि पार्टी में फूट की योजना तो पहले से ही बनी हुई थी, लेकिन इस घटना ने आग में घी डालने का काम किया है। उन्होंने अखिलेश को सलाह दी कि वे ट्विटर और प्रेस कॉन्फ्रेंस वाली लीडरशिप छोड़कर अपने कुनबे को बचाने पर ध्यान दें। राजभर ने यह भी कहा कि पूरे सैफई परिवार ने उनकी एक प्रतिक्रिया पर सफाई देने में अपना कीमती समय बर्बाद किया है।

शिवपाल यादव ने राजभर को बताया गैर-गंभीर

इस पूरे विवाद में सपा के वरिष्ठ नेता शिवपाल यादव ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी और उन्होंने कहा कि भाजपा और उनके सहयोगी दल केवल झूठ बोलने और षड्यंत्र रचने का काम करते हैं। शिवपाल ने स्पष्ट किया कि समाजवादी पार्टी का कोई भी सांसद टूटने वाला नहीं है और उन्होंने राजभर पर निशाना साधते हुए कहा कि ये लोग केवल अपनी टीआरपी बढ़ाने और चुनाव के समय सीटों की सौदेबाजी के लिए इस तरह की बातें करते हैं। शिवपाल ने यहां तक कह दिया कि उन्हें लगता है कि राजभर को ऐसे ट्वीट करने के लिए पैसे मिलते हैं। उन्होंने दावा किया कि 2027 में अखिलेश यादव के नेतृत्व में सपा की सरकार बनेगी और ओम प्रकाश राजभर को पूरे प्रदेश में कोई भी गंभीरता से नहीं लेता है।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow