ईरान का ट्रंप को करारा जवाब: एनरिच यूरेनियम ट्रांसफर से इनकार, बताया मिट्टी जैसा पवित्र

ईरान ने डोनाल्ड ट्रंप के यूरेनियम ट्रांसफर के दावे को खारिज करते हुए इसे 'मिट्टी जैसा पवित्र' बताया है और किसी भी समझौते से इनकार किया है।

Apr 18, 2026 - 17:35
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ईरान का ट्रंप को करारा जवाब: एनरिच यूरेनियम ट्रांसफर से इनकार, बताया मिट्टी जैसा पवित्र

ईरान ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस दावे की हवा निकाल दी है, जिसमें उन्होंने कहा था कि तेहरान अपने यूरेनियम संवर्धन को छोड़ने और परमाणु कार्यक्रम से पीछे हटने को तैयार हो गया है। ईरान ने स्पष्ट किया है कि ऐसा करने का सवाल ही नहीं उठता। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दावे को धता बताते हुए ईरान ने अपने एनरिच यूरेनियम को कहीं भी और किसी को भी स्थानांतरित करने से साफ इनकार कर दिया है।

संवर्धित यूरेनियम को बताया 'ईरान की मिट्टी जैसा पवित्र'

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाग़ई ने डोनाल्ड ट्रंप के हालिया दावों को सिरे से खारिज करते हुए एक कड़ा बयान जारी किया है। ” ईरान ने किसी भी तीसरे देश को अपना यूरेनियम देने से साफ इनकार कर दिया है। ईरान के विदेश मंत्रालय का यह बयान ट्रंप के उस दावे के जवाब में आया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि ईरान ने अपने संवर्धित यूरेनियम स्टॉक को अमेरिका या किसी तीसरे देश को सौंपने पर सहमति जताई है।

परमाणु कार्यक्रम और राष्ट्रीय संप्रभुता पर अडिग तेहरान

ईरानी प्रवक्ता इस्माइल बाग़ई ने ट्रंप के दावों को पूरी तरह गलत और झूठा करार दिया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि संवर्धित यूरेनियम ईरान की संप्रभुता और राष्ट्रीय गरिमा का प्रतीक है, जिसे कभी भी किसी बाहरी दबाव में छोड़ा नहीं जा सकता। बाग़ई ने आगे कहा कि ट्रंप प्रशासन द्वारा फैलाई जा रही ऐसी खबरें मनोवैज्ञानिक युद्ध और मीडिया अभियान का हिस्सा हैं। उनका उद्देश्य ईरान पर दबाव बनाना और चल रही बातचीत को प्रभावित करना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम के अधिकारों पर कभी समझौता नहीं करेगा। शांतिपूर्ण यूरेनियम संवर्धन ईरान का वैध अधिकार है, जो परमाणु अप्रसार संधि (NPT) के तहत सुरक्षित है।

होर्मुज जलडमरूमध्य और अमेरिकी नाकाबंदी का तनाव

यह बयान ऐसे समय में आया है, जब अमेरिका-ईरान के बीच युद्धविराम नाजुक स्थिति में है। ट्रंप ने हाल ही में ईरान को नई धमकी देते हुए कहा है कि अगर स्थायी समझौता नहीं हुआ तो युद्धविराम बढ़ाने की संभावना कम है और नाकाबंदी जारी रहेगी। इससे पहले ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को व्यावसायिक जहाजों के लिए खोलने की घोषणा की थी, लेकिन बाद में चेतावनी दी कि अगर अमेरिकी नाकाबंदी जारी रही तो स्थिति बदल सकती है। ईरानी अधिकारी लगातार जोर दे रहे हैं कि कोई भी समझौता ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा, परमाणु अधिकार और क्षेत्रीय संप्रभुता को ध्यान में रखकर ही संभव है। इसलिए ईरान ने नाकाबांदी जारी रहने पर होर्मुज को दोबारा अवरुद्ध कर दिया है।

मुख्य बिंदु:

बाग़ई ने अंत में कहा कि अमेरिका की तरफ से की जा रही दावेबाजी वास्तविकता से दूर है और ईरान अपनी मिट्टी और अपने संवर्धित यूरेनियम दोनों की रक्षा करने के लिए पूरी तरह दृढ़ है। यह बयान ईरान की कूटनीतिक मजबूती को दर्शाता है। तेहरान स्पष्ट संदेश दे रहा है कि वह किसी भी तरह की रियायत नहीं देगा, भले ही अमेरिका नाकाबंदी और सैन्य दबाव बढ़ाए। विश्लेषकों का मानना है कि यह बयान आगामी बातचीत में ईरान की मजबूत स्थिति को रेखांकित करता है। ईरान बार-बार दोहरा रहा है कि संवर्धित यूरेनियम उसके राष्ट्रीय गौरव का मुद्दा है, जिसे मिट्टी की तरह पवित्र माना जाता है।

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