ब्रिटेन चुनाव: नाइजेल फराज के खिलाफ कूड़ेदान वाला उम्मीदवार, जानें कौन है काउंट बिनफेस

क्लैक्टन उपचुनाव में नाइजेल फराज और काउंट बिनफेस के बीच अनोखे मुकाबले की विस्तृत रिपोर्ट। जानें कूड़ेदान की पोशाक वाले उम्मीदवार के बारे में।

Aug 12, 2026 - 20:35
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ब्रिटेन चुनाव: नाइजेल फराज के खिलाफ कूड़ेदान वाला उम्मीदवार, जानें कौन है काउंट बिनफेस

यूनाइटेड किंगडम के क्लैक्टन उपचुनाव में इन दिनों एक बेहद ही दिलचस्प और अनोखा मुकाबला देखने को मिल रहा है। जहां एक तरफ पारंपरिक राजनीति के दिग्गज अपनी नीतियों और वादों के साथ मैदान में हैं, वहीं दूसरी ओर एक ऐसा उम्मीदवार भी है जिसने अपने पहनावे और अंदाज से पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा है। काउंट बिनफेस नाम का यह उम्मीदवार चुनाव प्रचार के दौरान कूड़ेदान जैसी पोशाक पहनता है और खुद को एक एलियन यानी दूसरे ग्रह का प्राणी बताता है। उनका यह अनोखा अंदाज न केवल लोगों का मनोरंजन कर रहा है, बल्कि राजनीतिक व्यवस्था पर कटाक्ष भी कर रहा है। काउंट बिनफेस इस बार रिफॉर्म यूके के कट्टरपंथी नेता नाइजेल फराज के खिलाफ चुनाव मैदान में ताल ठोक रहे हैं।

कौन हैं काउंट बिनफेस उर्फ जॉन हार्वे?

कूड़ेदान की पोशाक के पीछे जो असली चेहरा है, वह 46 वर्षीय जॉन हार्वे का है। हार्वे पेशे से एक लेखक और कॉमेडियन हैं और उन्हें राजनीति में हास्य का तड़का लगाने के लिए जाना जाता है। यह पहली बार नहीं है जब जॉन हार्वे किसी बड़े नेता के खिलाफ चुनाव लड़ रहे हैं। उनका चुनावी इतिहास काफी पुराना और रोचक रहा है। वे लंबे समय से अलग-अलग मजाकिया नामों और किरदारों के जरिए चुनावों में हिस्सा लेते रहे हैं। उनका मुख्य उद्देश्य हास्य के माध्यम से राजनीतिक विसंगतियों को उजागर करना होता है।

लॉर्ड बकेटहेड से काउंट बिनफेस तक का सफर

जॉन हार्वे के चुनावी सफर की शुरुआत काफी पहले हुई थी। साल 2017 के आम चुनाव में उन्होंने तत्कालीन प्रधानमंत्री थेरेसा मे के खिलाफ चुनाव लड़कर सुर्खियां बटोरी थीं। उस समय वे लॉर्ड बकेटहेड के नाम से मैदान में उतरे थे। हालांकि, बाद में इस नाम को लेकर एक कॉपीराइट विवाद पैदा हो गया, जिसके कारण उन्हें यह नाम छोड़ना पड़ा। इसके बाद साल 2018 में उन्होंने एक नया किरदार गढ़ा, जिसे काउंट बिनफेस का नाम दिया गया। काउंट शब्द का इस्तेमाल राजशाही की एक उपाधि के रूप में किया जाता है, जबकि बिन का अर्थ कूड़ेदान होता है। इस तरह उनके नाम का अर्थ कूड़ेदान के चेहरे वाला काउंट निकलता है और साल 2019 में उन्होंने बोरिस जॉनसन के खिलाफ भी चुनाव लड़ा था और वे लंदन के मेयर चुनाव सहित कई अन्य उपचुनावों में भी अपनी किस्मत आजमा चुके हैं।

क्लैक्टन सीट का समीकरण और नाइजेल फराज की चुनौती

क्लैक्टन उपचुनाव में काउंट बिनफेस का मुकाबला नाइजेल फराज से है, जिन्हें इस सीट पर बेहद मजबूत दावेदार माना जा रहा है। हाल ही में आए एक सर्वे के आंकड़ों के अनुसार, नाइजेल फराज को करीब 73 प्रतिशत वोट मिलने का अनुमान जताया गया है। इस चुनाव की एक खास बात यह भी है कि लेबर पार्टी, कंजर्वेटिव पार्टी और लिबरल डेमोक्रेट जैसी बड़ी पार्टियों ने इस सीट पर अपने उम्मीदवार नहीं उतारे हैं। ऐसे में मुकाबला मुख्य रूप से नाइजेल फराज और अन्य निर्दलीय या छोटे दलों के उम्मीदवारों के बीच सिमट गया है। इस चुनाव में कुल 33 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं।

अनोखे वादे और चुनावी घोषणापत्र

काउंट बिनफेस के चुनावी वादे भी उनके पहनावे की तरह ही निराले और मजाकिया हैं और वे अपने प्रचार के दौरान कहते हैं कि यदि वे चुनाव जीतते हैं, तो वे कम से कम एक सस्ता घर जरूर बनवाएंगे। उनके आर्थिक वादे भी काफी चर्चा में हैं, जिसमें वे कहते हैं कि वे आपका टैक्स कम करेंगे और बाकी सभी लोगों का टैक्स बढ़ा देंगे। इसके अलावा, वे मशहूर गायिका एडेल को सरकारी संपत्ति घोषित करने की बात भी मजाकिया लहजे में कहते हैं। उनके ये वादे मतदाताओं के बीच हंसी और चर्चा का विषय बने हुए हैं।

जमानत राशि बचाने की चुनौती

काउंट बिनफेस के लिए इस सीट पर जीत हासिल करना भले ही एक कठिन चुनौती हो, लेकिन उनका एक छोटा सा लक्ष्य भी है। ब्रिटेन के चुनावी नियमों के अनुसार, प्रत्येक उम्मीदवार को 500 पाउंड की जमानत राशि जमा करनी होती है। यदि कोई उम्मीदवार कुल वोटों का 5 प्रतिशत या उससे अधिक हासिल करने में सफल रहता है, तो उसकी यह 500 पाउंड की राशि वापस कर दी जाती है। काउंट बिनफेस के लिए 5 प्रतिशत वोट हासिल करना एक बड़ी कामयाबी मानी जाएगी, क्योंकि इससे उनकी जमानत राशि सुरक्षित हो जाएगी।

हास्य और राजनीति का संगम

इस चुनाव में केवल काउंट बिनफेस ही अकेले मजाकिया उम्मीदवार नहीं हैं। ऑफिशियल मॉन्स्टर रेविंग लूनी पार्टी के भी तीन उम्मीदवार इस चुनावी मैदान में सक्रिय हैं। इस पार्टी की स्थापना साल 1983 में हुई थी और तब से यह पार्टी चुनावों में हास्य और व्यंग्य के जरिए राजनीतिक व्यवस्था की कमियों पर सवाल उठाती रही है। यह पार्टी और काउंट बिनफेस जैसे उम्मीदवार ब्रिटेन की लोकतांत्रिक प्रक्रिया में एक अलग रंग भरते हैं।

ब्रिटेन की राजनीति में बड़ा बदलाव

क्लैक्टन उपचुनाव के बीच ब्रिटेन की राष्ट्रीय राजनीति में भी बड़े उलटफेर देखने को मिले हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार, कीर स्टार्मर ने प्रधानमंत्री के पद से अपना इस्तीफा दे दिया है। उनके इस्तीफे के बाद, ग्रेटर मैनचेस्टर के पूर्व मेयर एंडी बर्नहैम को ब्रिटेन का नया प्रधानमंत्री नियुक्त किया गया है। देश के नेतृत्व में आए इस बदलाव ने राजनीतिक माहौल को और भी गरमा दिया है।

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