उत्तराखंड में जोशीमठ के पास हेलिकॉप्टर क्रैश, बद्रीनाथ से लौट रहे 6 की मौत

उत्तराखंड के जोशीमठ के पास बद्रीनाथ से लौट रहा हेलिकॉप्टर क्रैश होने से पायलट समेत 6 लोगों की मौत हो गई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हादसे पर दुख जताया है।

Oct 30, 2026 - 16:35
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उत्तराखंड में जोशीमठ के पास हेलिकॉप्टर क्रैश, बद्रीनाथ से लौट रहे 6 की मौत

उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्र में एक बेहद दर्दनाक और भीषण विमान हादसा सामने आया है, जहां जोशीमठ के पास एक हेलिकॉप्टर क्रैश होने से कुल छह लोगों की मौत हो गई है। यह दुखद घटना उस समय घटी जब हेलिकॉप्टर पवित्र धाम बद्रीनाथ से दर्शन कराकर वापस लौट रहा था। इस वीभत्स दुर्घटना ने एक बार फिर से पर्वतीय इलाकों में हवाई यात्रा की सुरक्षा और वहां की कठिन भौगोलिक परिस्थितियों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। शुरुआती जानकारी के अनुसार, इस हेलिकॉप्टर में पायलट समेत कुल छह लोग सवार थे, जिनमें पांच यात्री भी शामिल थे। हादसे की भनक लगते ही प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया और आनन-फानन में बचाव दलों को घटनास्थल के लिए रवाना किया गया।

लापता होने की खबर से शुरू हुआ था सर्च ऑपरेशन

घटना की कड़ियों को जोड़ते हुए सामने आया है कि बद्रीनाथ धाम से दर्शन करने के पश्चात वापस लौट रहा यह हेलिकॉप्टर अचानक जोशीमठ क्षेत्र में लापता हो गया था और विमान का संपर्क मार्ग से कट जाना और रडार या संचार माध्यमों से ओझल होना अधिकारियों के लिए चिंता का विषय बन गया था। इसी दौरान, जोशीमठ के मारवाड़ी क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले चाई गांव की पहाड़ी के नजदीक हेलिकॉप्टर का संपर्क पूरी तरह से टूट गया। प्रशासन और स्थानीय लोगों द्वारा पहले यह आशंका जताई जा रही थी कि शायद हेलिकॉप्टर किसी तकनीकी खराबी या खराब मौसम के कारण कहीं उतरा हो या लापता हो गया हो। लेकिन जैसे-जैसे समय बीतता गया और सघन सर्च ऑपरेशन चलाया गया, वैसे-वैसे इस भीषण दुर्घटना की खौफनाक सच्चाई सामने आने लगी। खोजबीन के दौरान पुष्टि हुई कि हेलिकॉप्टर क्रैश हो चुका है और इस हादसे में कोई भी जीवित नहीं बच पाया है।

दुर्घटनाग्रस्त हेलिकॉप्टर और उसमें सवार लोगों की जानकारी

प्राप्त विवरण के अनुसार, यह दुर्घटनाग्रस्त हेलिकॉप्टर ट्रांस भारत कंपनी का था, जिसका रजिस्ट्रेशन नंबर VT-HCX बताया जा रहा है। बद्रीनाथ धाम की यात्रा से लौट रहे इस विमान में कुल छह लोग सवार थे, जिनमें एक अनुभवी पायलट के अलावा पांच अन्य यात्री अपनी यात्रा पूरी कर रहे थे। विमान यात्रा कर रहे इन पांच यात्रियों की पहचान भी सार्वजनिक कर दी गई है। एस. नागाराजा शामिल हैं। इन सभी यात्रियों की इस हृदयविदारक हादसे में मौत हो गई है। इस अचानक हुए बड़े नुकसान से मृतकों के परिवारों में कोहराम मच गया है और पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई है। पर्वतीय क्षेत्रों की दुर्गम यात्रा के दौरान इस तरह के हादसों ने तीर्थयात्रियों और पर्यटकों के मन में एक गहरा डर और चिंता पैदा कर दी है.

प्रशासनिक अमला और एसडीआरएफ द्वारा रेस्क्यू अभियान

घटना की सूचना मिलते ही उत्तराखंड का पूरा प्रशासनिक अमला हरकत में आ गया और फौरन राहत एवं बचाव टीमों को मौके के लिए रवाना कर दिया गया। चमोली के अपर जिलाधिकारी विवेक प्रकाश ने मीडिया और जनता को जानकारी देते हुए बताया था कि क्षेत्र में हेलिकॉप्टर के दुर्घटनाग्रस्त होने की सूचना मिलते ही युद्ध स्तर पर रेस्क्यू अभियान शुरू कर दिया गया था। दुर्गम पहाड़ी इलाका होने के कारण बचाव कर्मियों को घटनास्थल तक पहुंचने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा, इसके बावजूद आपदा प्रबंधन विभाग और राज्य आपदा मोचन बल यानी एसडीआरएफ की टीमों ने मौके पर पहुंचकर मोर्चा संभाल लिया। जिला प्रशासन, आपदा प्रबंधन विभाग और एसडीआरएफ द्वारा संयुक्त रूप से चलाए जा रहे इस रेस्क्यू ऑपरेशन का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि यदि कोई हताहत या संभावित घायल व्यक्ति हो, तो उसे तुरंत सहायता पहुंचाई जा सके।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जताया गहरा शोक

इस भीषण और दुर्भाग्यपूर्ण हादसे पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गहरा दुख और संवेदना व्यक्त की है। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर अपने आधिकारिक अकाउंट के जरिए इस दुखद घटना की जानकारी साझा की और लिखा कि चाई गांव, जोशीमठ के निकट हेलिकॉप्टर क्रैश होने की अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण सूचना प्राप्त हुई है। उन्होंने अपने संदेश में यह भी स्पष्ट किया कि जिला प्रशासन, आपदा प्रबंधन विभाग और एसडीआरएफ की टीमें लगातार संयुक्त रूप से रेस्क्यू ऑपरेशन को अंजाम दे रही हैं। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि वह स्वयं इस पूरे घटनाक्रम की निरंतर और बारीकी से निगरानी कर रहे हैं और हालांकि शुरुआती रिपोर्टों में सभी छह लोगों के मारे जाने की पुष्टि हो चुकी है, लेकिन प्रशासन किसी भी प्रकार की अनहोनी से निपटने के लिए पूरी तरह मुस्तैद रहा। मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिए थे कि यदि कोई भी व्यक्ति गंभीर रूप से घायल अवस्था में मिलता है, तो उसे तत्काल एयरलिफ्ट करके बेहतर उपचार के लिए किसी उच्च श्रेणी के हायर सेंटर पहुंचाया जाए, ताकि जानमाल के नुकसान को न्यूनतम किया जा सके। इस संपूर्ण घटनाक्रम ने एक बार फिर उत्तराखंड में चार धाम यात्रा के दौरान हवाई सेवाओं की निगरानी और सुरक्षा मानकों की समीक्षा करने की आवश्यकता को रेखांकित कर दिया है।

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