ऑपरेशन सिंदूर के शहीदों की जानकारी नहीं छिपाई गई: रक्षा मंत्रालय ने विपक्ष के आरोपों पर दिया जवाब
रक्षा मंत्रालय ने ऑपरेशन सिंदूर के 6 शहीदों पर विपक्ष के आरोपों को नकारा। मंत्रालय ने कहा कि 2025 में ही शहीदों को सम्मान और मान्यता दी जा चुकी है।
रक्षा मंत्रालय ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान छह जवानों के सर्वोच्च बलिदान को लेकर चल रहे विवाद पर अपनी स्थिति पूरी तरह स्पष्ट कर दी है। मंत्रालय ने कड़े शब्दों में कहा है कि इन वीर जवानों की शहादत के बारे में कोई भी जानकारी न तो जनता से और न ही संसद से छिपाई गई है। यह स्पष्टीकरण उन राजनीतिक आरोपों के बाद आया है जिनमें सरकार पर पारदर्शिता की कमी और देश को गुमराह करने के आरोप लगाए गए थे। मंत्रालय ने इस मुद्दे पर पैदा हुए विवाद को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए सभी से तथ्यों की जांच करने की अपील की है।
विपक्ष के आरोपों की पृष्ठभूमि और विवाद
यह विवाद तब शुरू हुआ जब कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट साझा की। इस पोस्ट में उन्होंने सरकार पर ऑपरेशन सिंदूर के दौरान 6 सैन्यकर्मियों के बलिदान को छिपाने का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का संसद में दिया गया एक पुराना वीडियो भी साझा किया और दावा किया कि या तो मंत्री को उस समय इन 6 सैनिकों की शहादत के बारे में जानकारी नहीं थी या उन्होंने जानबूझकर संसद को गुमराह करने का फैसला किया। विपक्ष का तर्क था कि इन शहीदों की जानकारी हाल ही में सामने आई है, जो सरकार की मंशा पर सवाल उठाता है।
रक्षा मंत्रालय का आधिकारिक पक्ष और समयरेखा
रक्षा मंत्रालय ने एक विस्तृत प्रेस विज्ञप्ति जारी कर इन दावों को पूरी तरह से गलत और निराधार बताया है। मंत्रालय के अनुसार, ऑपरेशन सिंदूर के 6 बहादुर जवानों की शहादत को हाल ही में पहली बार मान्यता दिए जाने का दावा पूरी तरह गलत है।
- 11 मई 2025 को आयोजित एक आधिकारिक प्रेस ब्रीफिंग में तत्कालीन डीजीएमओ ने इन वीर जवानों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की थी और उनके योगदान को रेखांकित किया था।
- इन शहीदों को उनकी वीरता के लिए पुरस्कार भी प्रदान किए गए थे, जिसकी आधिकारिक जानकारी अगस्त 2025 में सार्वजनिक रूप से साझा की गई थी।
- भारतीय सेना के आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से भी समय-समय पर इन 6 जवानों के बलिदान को याद किया गया और उन्हें राष्ट्र की ओर से श्रद्धांजलि दी गई।
नेशनल वॉर मेमोरियल और निर्धारित प्रक्रिया
मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि नेशनल वॉर मेमोरियल पर शहीदों के नाम अंकित करने की एक बहुत ही व्यवस्थित और निर्धारित प्रक्रिया होती है। ऑपरेशन सिंदूर के इन 6 जवानों के मामले में भी उस प्रक्रिया का पूरी तरह से पालन किया गया है और उनके नाम मेमोरियल पर सम्मानपूर्वक दर्ज कर दिए गए हैं। मंत्रालय ने कहा कि इस तरह के संवेदनशील मुद्दों पर अपुष्ट जानकारी प्रसारित करना सेना के मनोबल को प्रभावित कर सकता है, इसलिए ऐसी गतिविधियों से बचना चाहिए।
रक्षा मंत्री के भाषण पर स्पष्टीकरण
रक्षा मंत्रालय ने बिना किसी का नाम लिए यह भी स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया पर कुछ पोस्ट के जरिए पिछले साल 28 जुलाई को संसद में दिए गए रक्षा मंत्री के भाषण को गलत तरीके से पेश करने की कोशिश की जा रही है। मंत्रालय के अनुसार, भाषण के एक छोटे और अलग-थलग हिस्से को चुनकर यह दिखाने का प्रयास किया गया कि रक्षा मंत्री ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान किसी भी सैनिक के हताहत न होने का दावा किया था। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि यह पूरी तरह से भ्रामक है और मंत्री के बयान को उसके वास्तविक संदर्भ से काटकर पेश किया गया है, जबकि सरकार ने हमेशा इन 6 शहीदों के सम्मान को सर्वोपरि रखा है।
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