कृष्णा डिफेंस शेयर: 1 लाख का निवेश बना 24 लाख, 56 रुपये से 1342 पर पहुंचा भाव
कृष्णा डिफेंस एंड अलाइड इंडस्ट्रीज के शेयर ने 56 रुपये से 1342 रुपये तक का सफर तय किया है। जानें कैसे 1 लाख का निवेश 24 लाख बना और कंपनी के भविष्य के प्लान क्या हैं।
शेयर बाजार में अगर सही कंपनी में धैर्य के साथ पैसा लगाया जाए, तो भारी मुनाफा कमाना नामुमकिन नहीं है। हाल के वर्षों में भारतीय शेयर बाजार में डिफेंस सेक्टर यानी रक्षा क्षेत्र की कंपनियों ने निवेशकों को बेहतरीन रिटर्न दिया है। इन्हीं कंपनियों में से एक चमकता हुआ नाम है कृष्णा डिफेंस एंड अलाइड इंडस्ट्रीज, जिसने अपने निवेशकों को जबरदस्त कमाई कराई है। बीते कुछ ही सालों में इस कंपनी का शेयर महज 56 रुपये से उड़ान भरकर 1342 रुपये के स्तर तक पहुंच गया है। अगर किसी व्यक्ति ने इस शेयर में 1 लाख रुपये लगाए होते, तो आज उसकी वह निवेश राशि 24 लाख रुपये के करीब पहुंच चुकी होती। दमदार मुनाफे, मजबूत ऑर्डर बुक और भविष्य के बड़े प्लान के चलते यह कंपनी बाजार में निवेशकों के रडार पर बनी हुई है।
1 लाख का निवेश बन गया 24 लाख
शेयर बाजार के आंकड़ों पर नजर डालें तो इस स्टॉक की रफ्तार हैरान करने वाली है। 15 जुलाई 2022 को इस शेयर का भाव मात्र 56 रुपये के आसपास था। वहीं, 25 जून 2026 को यह शेयर 1341 रुपये 70 पैसे के जबरदस्त स्तर तक पहुंच गया। इस छोटी सी अवधि में शेयर ने करीब 2296 दशमलव 43 प्रतिशत का बंपर रिटर्न दिया है। यानी जिस निवेशक ने सही समय पर 1 लाख रुपये का दांव खेला, उसकी रकम आज बढ़कर 23 दशमलव 96 लाख रुपये हो चुकी है। सिर्फ लंबी अवधि में ही नहीं, बल्कि पिछले एक साल में भी इस शेयर ने करीब 43 प्रतिशत का शानदार रिटर्न देकर निवेशकों का भरोसा कायम रखा है।
आखिर करती क्या है ये कंपनी
किसी भी कंपनी में निवेश करने से पहले उसका बिजनेस मॉडल समझना जरूरी है। कृष्णा डिफेंस मुख्य रूप से भारतीय सेना और नौसेना के लिए बेहद महत्वपूर्ण डिफेंस उपकरण और सिस्टम बनाती है। इसके प्रोडक्ट पोर्टफोलियो में रक्षा और एयरोस्पेस उत्पादों के साथ-साथ नौसेना सिस्टम, बख्तरबंद गाड़ियों यानी आर्मर्ड व्हीकल के पार्ट्स और जहाज निर्माण के हिस्से शामिल हैं। इसके अलावा कंपनी डेयरी उपकरण भी बनाती है। इसकी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स गुजरात के हलोल और कलोल में स्थित हैं, जबकि रिसर्च और विकास यानी आर एंड डी का सारा काम बेंगलुरु स्थित केंद्र से होता है। यह कंपनी आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत स्वदेशी रक्षा उत्पादन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
बड़े प्रोजेक्ट से मिली नई उड़ान
वित्त वर्ष 2025-26 कंपनी के लिए एक बड़ा गेमचेंजर साबित हुआ है। इस दौरान कंपनी ने न सिर्फ अपनी उत्पादन क्षमता बढ़ाई, बल्कि कई नई सेवाएं भी शुरू कीं। सबसे बड़ी उपलब्धि यह रही कि कृष्णा डिफेंस ने भारत का सबसे बड़ा नेवल ग्रेड ऑटोनोमस अंडरवाटर व्हीकल यानी एयूवी बनाने का काम शुरू कर दिया है। इसके लिए कंपनी ने सीएसआईआर-एनआईओ गोवा से खास तकनीक हासिल की है, जिससे पानी के भीतर इस्तेमाल होने वाले रक्षा तंत्र में कंपनी की पकड़ मजबूत हुई है और साथ ही, इसे ब्यूरो वेरिटास का सर्टिफिकेशन भी मिला है, जो कमर्शियल शिपबिल्डिंग के क्षेत्र में कंपनी के लिए कमाई के नए रास्ते खोल सकता है।
ऑर्डर बुक से मजबूत हुई वित्तीय सेहत
कंपनी की बैलेंस शीट और तिमाही नतीजे भी इसकी सफलता की गवाही दे रहे हैं। 31 मार्च 2026 तक कंपनी के पास 103 करोड़ 40 लाख रुपये के पक्के ऑर्डर थे, जबकि 221 करोड़ रुपये के टेंडर पाइपलाइन में हैं। वित्तीय मोर्चे पर, वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू यानी राजस्व पिछले साल के 46 करोड़ रुपये से बढ़कर 65 करोड़ रुपये हो गया। वहीं, नेट प्रॉफिट भी 7 करोड़ रुपये से दोगुना होकर 14 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। कंपनी का कर्ज न के बराबर है और इसका डेट-टू-इक्विटी रेशियो 0 दशमलव 01 है, जो इसे एक सुरक्षित दांव बनाता है। अब कंपनी अगले तीन से पांच सालों में 30 प्रतिशत से अधिक की विकास दर यानी सीएजीआर का लक्ष्य लेकर चल रही है।
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