केरल में ईडी टीम पर हमला: पिनाराई विजयन के घर छापेमारी के दौरान भड़के समर्थक

केरल में पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के आवास पर छापेमारी के दौरान सीपीआईएम समर्थकों ने ईडी टीम पर हमला किया। यह कार्रवाई सीएमआरएल-एक्सालॉजिक मनी लॉन्ड्रिंग मामले में की गई है।

May 27, 2026 - 18:35
 0  5
केरल में ईडी टीम पर हमला: पिनाराई विजयन के घर छापेमारी के दौरान भड़के समर्थक

केरल में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम पर उस समय हमला हुआ जब वे पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के आवास पर छापेमारी करने पहुंचे थे। तिरुवनंतपुरम जिले के बेकरी जंक्शन पर स्थिति उस समय तनावपूर्ण हो गई जब सीपीआई (एम) के समर्थकों ने केंद्रीय जांच एजेंसी के अधिकारियों को अपना निशाना बनाया। प्रदर्शनकारियों ने न केवल अधिकारियों का रास्ता रोका बल्कि ईडी के वाहन पर ईंट और पत्थरों से हमला भी किया और इस हिंसक झड़प के दौरान ईडी अधिकारियों की गाड़ी के शीशे टूट गए। बेकरी जंक्शन पर पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच काफी देर तक भीषण झड़प चलती रही, जिससे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।

छापेमारी का मुख्य कारण और घटनाक्रम

यह पूरी कार्रवाई सीएमआरएल-एक्सालॉजिक वित्तीय लेनदेन मामले से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग जांच के तहत की गई थी। ईडी की टीम ने केरल के विभिन्न हिस्सों जैसे कन्नूर, एर्नाकुलम, तिरुवनंतपुरम और पड़ोसी राज्य कर्नाटक के बेंगलुरु में करीब 10 अलग-अलग ठिकानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया। प्रदर्शनकारियों ने विपक्षी नेता पिनाराई विजयन और पूर्व मंत्री एवं विधायक मोहम्मद रियास के घरों पर हो रही इस छापेमारी का कड़ा विरोध किया। कोझिकोड के कोट्टुली स्थित मोहम्मद रियास के घर पर भी पुलिस और सीपीएम कार्यकर्ताओं के बीच तीखी नोकझोंक हुई, जिसे बाद में वरिष्ठ नेताओं के हस्तक्षेप के बाद शांत कराया गया। इस बीच ईडी की तलाशी करीब 8 घंटे तक जारी रही।

सीएमआरएल मामले का इतिहास और वित्तीय अनियमितताएं

कोचीन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड (सीएमआरएल) से जुड़ा यह मामला सबसे पहले साल 2019 में चर्चा में आया था। उस समय आयकर विभाग ने कंपनी के ठिकानों पर छापेमारी की थी, जिसमें करीब 130 करोड़ रुपये के फर्जी खर्चों का पता चला था। इसके बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच सीरियस फ्रॉड इन्वेस्टिगेशन ऑफिस (एसएफआईओ) को सौंप दी गई थी और एसएफआईओ की जांच में और भी चौंकाने वाले खुलासे हुए। जांच एजेंसी ने दावा किया कि कंपनी ने पिछले 15 साल की अवधि में करीब 182 करोड़ रुपये के फर्जी नकद खर्च दिखाए हैं।

एन. ससीधरन कार्ता और उनके बेटे सारन कार्ता को साल 2015-16 से 2022-23 के बीच वेतन और अन्य भुगतानों के रूप में करीब 30 करोड़ 63 लाख रुपये दिए गए। हैरानी की बात यह रही कि इस दौरान कंपनी ने अपने शेयरधारकों को कोई लाभांश (डिविडेंड) नहीं दिया। ईडी का आरोप है कि कंपनी में फर्जी खर्च दिखाकर करोड़ों रुपये की हेराफेरी की गई है।

वीणा विजयन और एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस की भूमिका

प्रवर्तन निदेशालय की जांच के केंद्र में पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन की बेटी वीणा विजयन की कंपनी एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड भी है और ईडी के अनुसार, वीणा विजयन की कंपनी को सीएमआरएल की ओर से आईटी कंसल्टेंसी सेवाओं के नाम पर करीब 2 करोड़ 78 लाख रुपये का भुगतान किया गया था। इसके अलावा, जांच में यह तथ्य भी सामने आया कि सीएमआरएल से जुड़ी एक अन्य कंपनी ने एक्सालॉजिक को 50 लाख रुपये का ऋण भी प्रदान किया था।

कानूनी लड़ाई और वर्तमान स्थिति

सीएमआरएल ने ईडी की इस जांच को रोकने के लिए केरल हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। कंपनी की दलील थी कि बिना किसी आधारभूत अपराध के ईडी जांच शुरू नहीं कर सकती। हालांकि, 26 मई 2026 को केरल हाईकोर्ट ने कंपनी की इस याचिका को खारिज कर दिया और स्पष्ट किया कि ईडी की जांच पूरी तरह से कानून के दायरे में है। इस अदालती फैसले के बाद ही ईडी ने अपना तलाशी अभियान तेज किया।

ईडी के अधिकारियों ने बताया कि जिस समय वीणा विजयन के आवास पर तलाशी ली जा रही थी, वहां उनके पिता पिनाराई विजयन भी मौजूद थे। यह तलाशी अभियान करीब 8 घंटे तक चला। इस दौरान जांच टीम को निवेश और बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) से संबंधित कई महत्वपूर्ण दस्तावेज मिले हैं। फिलहाल ईडी इन दस्तावेजों की बारीकी से जांच कर रही है ताकि मनी लॉन्ड्रिंग के पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जा सके।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow