राघव चड्ढा बने दिल्ली के वोटर: AAP ने बताया अवैध एंट्री और चुनाव आयोग पर साधा निशाना

बीजेपी सांसद राघव चड्ढा अब दिल्ली के राजिंदर नगर के वोटर बन गए हैं। आम आदमी पार्टी ने इसे नियमों का उल्लंघन बताते हुए चुनाव आयोग की प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं।

Sep 9, 2026 - 09:35
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राघव चड्ढा बने दिल्ली के वोटर: AAP ने बताया अवैध एंट्री और चुनाव आयोग पर साधा निशाना

एक महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रम में भारतीय जनता पार्टी के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा अब दिल्ली के मतदाता बन गए हैं। पंजाब की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से नाम हटाए जाने के कुछ ही दिनों बाद उनका नाम दिल्ली की मतदाता सूची में जुड़ गया है। राजधानी दिल्ली में इस समय विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का कार्य चल रहा है जिसके तहत वोटर लिस्ट को अपडेट किया जा रहा है। इसी प्रक्रिया के अंतर्गत राघव चड्ढा का नाम दिल्ली के राजिंदर नगर विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में शामिल किया गया है। राघव चड्ढा इससे पहले पंजाब के पंजीकृत मतदाता थे और वहां से उनका नाम हटने के बाद अब वे दिल्ली की राजनीति में मतदाता के तौर पर सक्रिय हो गए हैं।

पंजाब से दिल्ली तक का सफर और विवाद

राघव चड्ढा पहले पंजाब के मतदाता थे। कुछ दिन पहले ही उन्होंने पंजाब की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से अपना नाम हटाए जाने और उसके आगे 'शिफ्टेड' लिखे जाने पर आम आदमी पार्टी पर तीखा हमला बोला था और उन्होंने पंजाब सरकार पर राजनीतिक बदले की भावना से काम करने का आरोप लगाया था। चड्ढा का कहना था कि यह कोई सामान्य मानवीय चूक नहीं है बल्कि आम आदमी पार्टी छोड़ने के बाद उन्हें और उनके परिवार को एक सोची-समझी राजनीतिक साजिश के तहत निशाना बनाया जा रहा है। हालांकि अब दिल्ली की वोटर लिस्ट में उनका नाम जुड़ने के बाद आम आदमी पार्टी ने ही उन पर और चुनाव आयोग पर सवाल उठा दिए हैं।

आम आदमी पार्टी के गंभीर आरोप

दिल्ली की वोटर लिस्ट में राघव चड्ढा का नाम शामिल होने पर आम आदमी पार्टी ने कड़ी आपत्ति जताई है और पार्टी ने चुनाव आयोग से इस संबंध में स्पष्टीकरण की मांग की है। मंगलवार 8 सितंबर को आम आदमी पार्टी के नेताओं ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की और इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया। पार्टी का तर्क है कि 3 सितंबर को राघव चड्ढा ने खुद आरोप लगाया था कि पंजाब से उनका वोट कटवा दिया गया है और महज चार दिन बाद 7 सितंबर को चुनाव आयोग ने दिल्ली की वोटर लिस्ट में उनका नाम जोड़ दिया। पार्टी ने सवाल उठाया कि आखिर 7 सितंबर को राघव चड्ढा का नाम किस नियम और किस विशेष प्रक्रिया के तहत इतनी जल्दी दिल्ली की मतदाता सूची में शामिल कर लिया गया।

प्रक्रिया के उल्लंघन का दावा

आम आदमी पार्टी के नेताओं का आरोप है कि राजिंदर नगर विधानसभा क्षेत्र की वोटर लिस्ट में राघव चड्ढा का नाम तय कानूनी प्रक्रिया का पालन किए बिना जोड़ा गया है। दिल्ली आप के अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि संबंधित मतदान केंद्र की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में 31 अगस्त तक कुल 746 मतदाता दर्ज थे। लेकिन इसके बाद राघव चड्ढा का नाम 747 वें मतदाता के रूप में सूची में दिखाई देने लगा। सौरभ भारद्वाज ने सवाल किया कि जब ड्राफ्ट सूची में केवल 746 मतदाता ही थे तो यह अतिरिक्त नाम अचानक कैसे जुड़ गया। उन्होंने चुनाव आयोग से मांग की है कि इस पूरी प्रक्रिया से जुड़ी जानकारी को सार्वजनिक किया जाए। भारद्वाज के अनुसार सूची में सुनील चड्ढा के पुत्र राघव चड्ढा का नाम दर्ज है जिनकी उम्र 37 साल बताई गई है।

चुनाव अधिकारियों का स्पष्टीकरण

इन आरोपों के बीच चुनाव अधिकारियों ने अपनी सफाई पेश की है। अधिकारियों का कहना है कि दिल्ली की वोटर लिस्ट में अपडेट की सामान्य प्रक्रिया के माध्यम से ही राघव चड्ढा का नाम जोड़ा गया है। उनका नाम अब पंजाब की वोटर लिस्ट से पूरी तरह हट चुका है जहां से उनकी पिछली पार्टी आम आदमी पार्टी ने उन्हें राज्यसभा भेजा था। दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय के एक अधिकारी ने जानकारी दी कि मंगलवार तक दिल्ली की 70 विधानसभा सीटों में नाम शामिल करने के लिए कुल 700 फॉर्म-6 को निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों (ईआरओ) ने अपनी मंजूरी दी थी। राघव चड्ढा का नाम भी इन्हीं स्वीकृत किए गए आवेदनों की सूची में शामिल है।

वोटर लिस्ट पुनरीक्षण की समयसीमा

निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) तैयार करने के लिए दिल्ली की वोटर लिस्ट को 16 जून को फ्रीज कर दिया गया था और यह स्थिति 31 अगस्त तक बनी रही। इसके बाद 31 अगस्त को ड्राफ्ट वोटर लिस्ट का प्रकाशन किया गया। इस पूरी अवधि के दौरान नए मतदाताओं द्वारा लगभग 214000 फॉर्म-6 जमा किए गए थे। इसके अतिरिक्त आपत्तियों और दावों की अवधि के दौरान 7 सितंबर तक आठ दिनों में 25011 और फॉर्म-6 प्राप्त हुए हैं। इन सभी आवेदनों पर विचार करने के बाद 4 नवंबर को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी। निर्वाचन कार्यालय ने स्पष्ट किया कि SIR से पहले और दावे-आपत्तियों के दौरान जमा किए गए फॉर्म-6, फॉर्म-7 और फॉर्म-8 पर प्रक्रिया निरंतर जारी है और नियमों के तहत ही नाम जोड़ने या हटाने का काम किया जा रहा है।

फर्जीवाड़े के आरोप और 'दीमक' वाला वीडियो

आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा ने इस मामले में और भी कड़े आरोप लगाए हैं और उन्होंने कहा कि बीजेपी ने चुनाव आयोग का दुरुपयोग कर फर्जीवाड़े के जरिए राघव चड्ढा को दिल्ली का वोटर बनाया है। ढांडा ने कहा कि 31 अगस्त के ड्राफ्ट रोल में राजिंदर नगर के बूथ पर 746 वोट थे लेकिन बाद में 767वां वोट राघव चड्ढा का जोड़ दिया गया जो तकनीकी रूप से संभव नहीं था। उन्होंने 3 सितंबर के राघव चड्ढा के उस पोस्ट को भी याद दिलाया जिसमें उन्होंने खुद को पंजाब का वोटर बताया था। अनुराग ढांडा ने मीडिया को एक वीडियो भी दिखाया जिसमें मोहाली के उस फ्लैट नंबर 103 की स्थिति दिखाई गई है जहां राघव चड्ढा के रहने का दावा किया गया था। ढांडा ने तंज कसते हुए कहा कि उस फ्लैट में राघव चड्ढा नहीं बल्कि दीमक रह रही थी। उन्होंने सवाल किया कि अगर राघव चड्ढा 3 सितंबर तक पंजाब के वोटर होने का दावा कर रहे थे तो इतनी जल्दी दिल्ली में उनका वोट कैसे बन गया और क्या उनका एपिक नंबर भी वही है जो पंजाब में था।

लोकतंत्र और SIR प्रक्रिया पर सवाल

अनुराग ढांडा ने आरोप लगाया कि SIR की प्रक्रिया में बीजेपी की मनमानी चल रही है। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया में बिना किसी ठोस नियम के जिसका चाहा नाम जोड़ दिया जाता है और जिसका चाहा काट दिया जाता है। उन्होंने इसे लोकतंत्र को खत्म करने का एक प्रयास बताया। ढांडा ने कहा कि राघव चड्ढा ने खुद दावा किया था कि उनका वोटर आईडी पंजाब के मोहाली में रजिस्टर्ड है और वहां की सरकार ने बदले की राजनीति के तहत उनका नाम 'शिफ्टेड' दिखा दिया है और अब आम आदमी पार्टी इस पूरे मामले को लेकर चुनाव आयोग को घेर रही है और राघव चड्ढा की दिल्ली में एंट्री को अवैध बता रही है।

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