चोर कोतवाल को डांटे: डोटासरा का किरोड़ी लाल मीणा पर पलटवार, जांच की चुनौती

पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा ने मंत्री किरोड़ी लाल मीणा को बीज निगम में 2 करोड़ 43 लाख रुपये के रिश्वतकांड पर जांच की चुनौती दी है।

Jun 24, 2026 - 22:35
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चोर कोतवाल को डांटे: डोटासरा का किरोड़ी लाल मीणा पर पलटवार, जांच की चुनौती

राजस्थान की राजनीति में इन दिनों जुबानी जंग अपने चरम पर है। कैबिनेट मंत्री किरोड़ी लाल मीणा द्वारा लगाए गए आरोपों पर पलटवार करते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने बुधवार को तीखा हमला बोला है और डोटासरा ने कहा कि मंत्री जी को दूसरों पर आरोप लगाने के बजाय अपने विभाग में हो रही गड़बड़ियों की जांच के लिए मुख्यमंत्री को पत्र लिखना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह किसी भी प्रकार की जांच के लिए पूरी तरह तैयार हैं और आरपीएससी इस मामले में पहले ही स्पष्टीकरण दे चुका है। डोटासरा ने किरोड़ी लाल मीणा पर तंज कसते हुए कहा कि आप मुख्यमंत्री को ही धमका रहे हैं, जो आपकी कमजोरी को दर्शाता है।

बीज निगम रिश्वतकांड और भ्रष्टाचार के आरोप

डोटासरा ने किरोड़ी लाल मीणा के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि चोर कोतवाल को डांटे, यह बात किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं की जा सकती। उन्होंने बीज निगम में हुए रिश्वतकांड का जिक्र करते हुए कहा कि मंत्री जी ने खुद स्वीकार किया है कि उन्हें इनपुट देने वाले लोग उनके पीछे से चोरी कर रहे थे। इस मामले में 2 करोड़ 43 लाख रुपये पकड़े गए हैं। डोटासरा ने जोर देकर कहा कि यह पैसा उनकी ही सरकार ने पकड़ा है, मैंने नहीं। उन्होंने सवाल उठाया कि जब इतनी बड़ी राशि पकड़ी गई है, तो इसकी गहराई से जांच क्यों नहीं होनी चाहिए? उन्होंने आरोप लगाया कि मंत्री द्वारा मारे गए 1200 के लगभग छापों में जुगल किशोर और अन्य डिपो सदस्य शामिल थे, और इसकी जांच होनी चाहिए कि छापे की आड़ में किससे कितना रुपया लिया गया।

500 करोड़ का खेला और ईडी की कार्रवाई पर सवाल

पीसीसी चीफ ने बीज और खाद के कारोबार में 500 करोड़ रुपये के बड़े खेल का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मंत्री जी की जिम्मेदारी बनती है कि उनके ऊपर कोई आरोप न लगे, इसलिए उन्हें खुद आगे बढ़कर मुख्यमंत्री से जांच की मांग करनी चाहिए थी। डोटासरा ने सवाल किया कि जब हमारे यहां ईडी की रेड कराई जा रही थी, तो 2 करोड़ 43 लाख रुपये पकड़े जाने के बाद मंत्री जी के विभाग में ईडी की कार्रवाई क्यों नहीं होनी चाहिए? उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के इतने बड़े मामले सामने आने के बाद भी मंत्री जी की चुप्पी कई सवाल खड़े करती है।

सीकर एफआईआर और जुगल किशोर का कनेक्शन

डोटासरा ने सीकर में संदीप और रोहिताश्व के खिलाफ दर्ज हुई एफआईआर का भी जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि इन दोनों ने मंत्री जी के नाम से ओएसडी बनकर पैसे मांगे थे। डोटासरा के अनुसार, जब ये दोनों सीकर में थे, तब जुगल किशोर भी उनके साथ था, जो बाद में रंगे हाथों पकड़ा गया। उन्होंने दावा किया कि जुगल किशोर थाने में भी साथ गया था और वह 2 दिन तक वहां होटल में रुका था। जुगल किशोर ने एसपी ऑफिस जाकर यह भी कहा था कि उसने मंत्री जी से फोन करवा दिया है और एफआईआर दर्ज हो जाएगी। डोटासरा ने कहा कि सरकार जिस भी एजेंसी से चाहे जांच करा सकती है, उन्हें इसमें कोई आपत्ति नहीं है।

परिवार पर आरोप और ओबीसी नियमों पर स्पष्टीकरण

अपने परिवार और बच्चों पर लगे आरोपों का जवाब देते हुए डोटासरा ने कहा कि 2021 में आरपीएससी ने सरकार को इस संबंध में स्पष्टीकरण दे दिया है। उन्होंने बताया कि 1999 से लेकर अब तक ओबीसी का वही नियम लागू है जो भारत सरकार और राजस्थान सरकार ने तय किया है। उन्होंने कहा कि अगर किसी ने गलत सर्टिफिकेट या गलत तरीके से नौकरी ली है, तो सरकार उसकी जांच करे। डोटासरा ने आरोप लगाया कि मंत्री जी 5 साल बाद यह राग इसलिए अलाप रहे हैं क्योंकि उन्होंने इसे व्यक्तिगत ले लिया है। उन्होंने अंत में कहा कि मंत्री जी मुख्यमंत्री को लक्ष्मण रेखा न लांघने की धमकी दे रहे हैं, जो उनकी हताशा को दिखाता है।

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