जयपुर हवेली खजाना चोरी: ठेकेदार और मजदूर गिरफ्तार, 66 किलो 400 ग्राम चांदी बरामद
जयपुर पुलिस ने त्रिपोलिया बाजार की एक पुरानी हवेली से चोरी हुए खजाने के मामले में ठेकेदार और मजदूरों को गिरफ्तार कर 66 किलो 400 ग्राम चांदी बरामद की है।
जयपुर के माणकचौक थाना पुलिस ने त्रिपोलिया बाजार स्थित विद्याधर का रास्ता की एक पुरानी हवेली से निकले खजाने की चोरी के मामले में बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने इस मामले में हवेली तोड़ने वाले ठेकेदार और मजदूरों सहित कुल 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इन आरोपियों ने हवेली की खुदाई के दौरान मिली चांदी की सिल्लियों और सिक्कों को मालिक को सौंपने के बजाय आपस में बांट लिया था। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 66 किलो 400 ग्राम चांदी बरामद की है। इस पूरी साजिश का पर्दाफाश तब हुआ जब इन मजदूरों और ठेकेदार की जीवनशैली अचानक बदल गई, जिससे लोगों को उन पर शक होने लगा।
हवेली के विध्वंस के दौरान मिला था खजाना
यह पूरा मामला विद्याधर का रास्ता स्थित भवन नंबर 630 से जुड़ा है, जो बापू नगर निवासी राहुल सेठी की पुश्तैनी हवेली है। राहुल सेठी ने इस पुरानी हवेली को तोड़कर वहां नया भवन बनाने के लिए डिवाइन-1 एलएलपी नाम की फर्म के साथ एग्रीमेंट किया था। इस फर्म ने हवेली को तोड़ने का काम ठेकेदार महेश मल्होत्रा उर्फ छोटू को सौंपा था। अनुबंध की शर्तों के अनुसार, यदि हवेली तोड़ने या खुदाई के दौरान कोई भी मूल्यवान वस्तु या खजाना मिलता है, तो उसे अनिवार्य रूप से हवेली के मालिक को सौंपना था। लेकिन जब खुदाई के दौरान भारी मात्रा में सोना और चांदी निकला, तो आरोपियों की नीयत डोल गई और उन्होंने इसे छिपा लिया।
क्या-क्या मिला था खुदाई में
राहुल सेठी द्वारा 15 जुलाई को माणकचौक थाने में दर्ज कराई गई रिपोर्ट के अनुसार, हवेली तोड़ते समय मजदूरों को 15 चांदी की सिल्लियां मिली थीं। इसके अलावा, वहां से सोने के सिक्कों से भरे 14-15 स्वर्ण कलश और लगभग 10000 चांदी के सिक्के भी बरामद हुए थे। ठेकेदार महेश मल्होत्रा ने चांदी की सिल्लियां अपने पास रख लीं और चांदी के सिक्कों को मजदूरों के बीच बांट दिया। आरोपियों ने इस बेशकीमती खजाने की जानकारी न तो मालिक को दी और न ही पुलिस को। खजाना हाथ लगते ही आरोपियों ने महंगे शौक पाल लिए और उनकी लाइफस्टाइल पूरी तरह बदल गई, जिससे पुलिस को उन पर कार्रवाई करने का ठोस आधार मिला।
पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारियां
डीसीपी करण शर्मा ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने विशेष टीम का गठन किया था। जांच के बाद पुलिस ने मंडी खटीकान निवासी महेश मल्होत्रा उर्फ छोटू, खंडी खटीकान निवासी जगदीश राजोरिया, ओमप्रकाश खिंची उर्फ पप्पू, रजनी मल्होत्रा और लक्ष्मी नारायणपुरी निवासी अनुज अरोड़ा को गिरफ्तार किया है और पुलिस ने इन आरोपियों की निशानदेही पर अब तक 66 किलो 400 ग्राम चांदी बरामद कर ली है। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से कड़ाई से पूछताछ कर रही है ताकि सोने के सिक्कों और स्वर्ण कलशों के बारे में जानकारी जुटाई जा सके, जिनका जिक्र शिकायत में किया गया था।
जांच का दायरा और आगामी कार्रवाई
माणकचौक थाना पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या आरोपियों ने बरामद खजाने का कोई हिस्सा बाजार में बेच दिया है या किसी अन्य स्थान पर छिपाया है। पुलिस उन लोगों की भी तलाश कर रही है जिन्होंने इस चोरी के माल को ठिकाने लगाने में आरोपियों की मदद की होगी। जयपुर के पुराने इलाकों में स्थित पुश्तैनी हवेलियों में अक्सर इस तरह के खजाने मिलने की खबरें आती रहती हैं, लेकिन यह मामला ठेकेदार और मजदूरों की मिलीभगत के कारण चर्चा का विषय बना हुआ है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि इस मामले में शामिल किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और पूरी बरामदगी के प्रयास जारी हैं।
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