IND vs JAP: पहले हुई अंपायर से लड़ाई फिर मिली जीत, भारत-जापान मैच में दिखा हाई-वोल्टेज ड्रामा

भारत और जापान के बीच 75 साल के राजनयिक संबंधों पर हुए मैच में टीम इंडिया ने 2 रन से जीत दर्ज की। मैच में अंपायर के फैसले पर श्रेयस अय्यर की बहस चर्चा में रही।

Sep 22, 2026 - 18:35
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IND vs JAP: पहले हुई अंपायर से लड़ाई फिर मिली जीत, भारत-जापान मैच में दिखा हाई-वोल्टेज ड्रामा

भारत और जापान के बीच खेले गए क्रिकेट मैच में जो कुछ भी हुआ, वह बेहद रोचक और नाटकीय रहा और खेल के मैदान पर अक्सर कहा जाता है कि जीत के लिए साम, दाम, दंड और भेद सब आजमाना पड़ता है, और जापान के खिलाफ इस मुकाबले में भारतीय टीम कुछ ऐसा ही करती नजर आई। यह मुकाबला केवल एक खेल नहीं था, बल्कि भारत और जापान के बीच कूटनीतिक रिश्तों के 75 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित एक ऐतिहासिक अवसर था। इस रोमांचक मैच का अंत जितना सुखद रहा, उतना ही यह विवादों और हाई-वोल्टेज ड्रामे से भरा रहा।

मैच का स्वरूप और कूटनीतिक महत्व

यह विशेष मुकाबला भारत और जापान के बीच मित्रता और कूटनीतिक संबंधों की 75वीं वर्षगांठ के अवसर पर खेला जा रहा था। मैच को रोमांचक बनाने के लिए इसे 5 ओवर के संक्षिप्त फॉर्मेट में रखा गया था। पिच के मिजाज से लेकर खिलाड़ियों के प्रदर्शन तक, हर चीज ने इस मैच को यादगार बनाने में अपनी भूमिका निभाई और भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए जापान के सामने 5 ओवर में 33 रन का लक्ष्य रखा था। हालांकि लक्ष्य छोटा लग रहा था, लेकिन 5 ओवर के खेल में यह काफी चुनौतीपूर्ण साबित हुआ। अंत में भारतीय टीम ने इस मैच को केवल 2 रन के अंतर से अपने नाम किया, लेकिन इस जीत तक पहुंचने का रास्ता आसान नहीं था।

अंतिम ओवर का रोमांच और अंपायर से बहस

मैच का असली रोमांच जापान की पारी के आखिरी ओवर में देखने को मिला। जब जापान की टीम लक्ष्य का पीछा कर रही थी, तब भारतीय स्पिनर अक्षर पटेल आखिरी ओवर डालने के लिए आए। इस ओवर की तीसरी गेंद पर विवाद की स्थिति पैदा हो गई और अंपायर क्रिस थर्गेट ने अक्षर पटेल की तीसरी गेंद को वाइड करार दिया। पहली बार जब ऐसा हुआ तो खिलाड़ियों ने ज्यादा प्रतिक्रिया नहीं दी, लेकिन जब अक्षर ने फिर से तीसरी गेंद फेंकी और अंपायर ने उसे दोबारा वाइड दे दिया, तो मैदान पर तनाव बढ़ गया। अक्षर पटेल और विकेट के पीछे खड़े संजू सैमसन इस फैसले से बिल्कुल खुश नहीं थे। अक्षर ने तुरंत अपनी नाराजगी जाहिर की और अंपायर क्रिस थर्गेट से इस बारे में बात की।

कप्तान श्रेयस अय्यर का हस्तक्षेप

अपने खिलाड़ियों को अंपायर के फैसले से नाराज और परेशान देखकर भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने मोर्चा संभाला। श्रेयस अय्यर स्क्वॉयर लेग पर खड़े अंपायर क्रिस ब्राउन के पास पहुंचे और उनसे लंबी बहस की। अय्यर का तर्क था कि गेंद वाइड नहीं थी। श्रेयस अय्यर के कड़े विरोध और आवाज उठाने के बाद, क्रिस ब्राउन ने बाकी अंपायरों से सलाह-मशविरा किया। शुरुआत में तो ऑन-फील्ड अंपायर अपने वाइड के फैसले पर अडिग नजर आए, लेकिन फिर अचानक एक बड़ा बदलाव देखने को मिला। अंपायरों ने अपना फैसला पलट दिया और जिस गेंद को पहले वाइड दिया गया था, उसे लीगल डिलीवरी यानी वैध गेंद करार दिया गया।

मैच का निर्णायक मोड़ और परिणाम

अंपायर के इस फैसले को पलटने से मैच की पूरी तस्वीर बदल गई। जिस समय यह घटना घटी, उस वक्त जापान को जीत के लिए 4 गेंदों में 6 रन की जरूरत थी। अगर अंपायर का वाइड का फैसला बरकरार रहता, तो जापान को 4 गेंदों में 5 रन बनाने होते और उन्हें एक अतिरिक्त गेंद भी मिलती। अंपायर के फैसला बदलने से जापान के खाते से वह एक रन भी कम हो गया और उन्हें अतिरिक्त गेंद का मौका भी नहीं मिला। इस नाटकीय घटनाक्रम के बाद जापान की टीम दबाव में आ गई और नतीजा यह हुआ कि 5 ओवर में 33 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए जापान की टीम केवल 30 रन ही बना सकी। इस तरह भारतीय टीम ने कड़ी मशक्कत और अंपायर के साथ हुए उस हाई-वोल्टेज ड्रामे के बाद 2 रन से जीत हासिल की।

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