जयपुर में नई इलेक्ट्रिक बस में फंसी 30 यात्रियों की जान, पैनिक बटन दबने से मचा हड़कंप
जयपुर में पैनिक बटन दबने से नई इलेक्ट्रिक बस के गेट लॉक हो गए और 30 यात्री फंस गए। ड्राइवर हेमंत ने सूझबूझ दिखाते हुए सभी को सुरक्षित बाहर निकाला।
राजस्थान की राजधानी जयपुर में हाल ही में शुरू की गई इलेक्ट्रिक सिटी बस सेवा मंगलवार को एक बड़े हादसे का गवाह बनते-बनते रह गई। टोंक रोड पर सफर कर रही एक नई इलेक्ट्रिक बस अचानक बीच रास्ते में बंद हो गई, जिसके कारण बस के भीतर सवार करीब 25 से 30 यात्रियों की जान आफत में फंस गई। बस के रुकते ही उसके सभी गेट ऑटोमैटिक तरीके से लॉक हो गए और एक तेज सायरन बजने लगा। इस अचानक पैदा हुई स्थिति से बस के अंदर मौजूद यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। गेट बंद होने के कारण बस के भीतर हवा की कमी होने लगी और यात्रियों को घुटन महसूस होने लगी, जिससे वहां चीख-पुकार की स्थिति बन गई। हालांकि, बस ड्राइवर की सूझबूझ के कारण एक बड़ी अनहोनी टल गई और सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
कुंभा मार्ग के पास हुआ तकनीकी हादसा
यह पूरी घटना मंगलवार सुबह करीब 10:30 बजे कुंभा मार्ग के पास की है। जब बस अचानक रुकी और उसके गेट लॉक हो गए, तो शुरुआत में ड्राइवर को भी यह समझ नहीं आया कि आखिर बस में किस तरह की तकनीकी खराबी आई है। काफी देर तक प्रयास करने के बाद, ड्राइवर ने अपनी तरफ का गेट खोलने में सफलता हासिल की और फिर एक-एक करके सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला। यात्रियों के बाहर निकलने के बाद मौके पर तकनीकी टीम और मैकेनिकों को बुलाया गया। मैकेनिकों ने बस की जांच की और तकनीकी समस्या को ठीक किया, जिसके बाद करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद बस को दोबारा गंतव्य के लिए रवाना किया जा सका। इस दौरान टोंक रोड पर यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
पैनिक एसओएस बटन दबने से हुई समस्या
शुरुआती जांच और तकनीकी मुआयने में यह बात सामने आई है कि बस में लगा पैनिक एसओएस बटन दब जाने के कारण यह पूरी स्थिति पैदा हुई थी। आपको बता दें कि नई इलेक्ट्रिक बसों में यात्रियों की सुरक्षा के लिए यह विशेष बटन लगाया जाता है। जैसे ही यह बटन एक्टिव होता है, बस का इमरजेंसी सिस्टम पूरी तरह से सक्रिय हो जाता है। इसके सक्रिय होते ही सुरक्षा के लिहाज से बस के गेट अपने आप लॉक हो जाते हैं और एक तेज सायरन बजने लगता है ताकि आसपास के लोगों को खतरे का संकेत मिल सके। इस मामले में भी संभवतः किसी यात्री द्वारा गलती से या जानबूझकर यह बटन दबा दिया गया था, जिससे बस का ऑटोमैटिक सुरक्षा तंत्र सक्रिय हो गया और बस वहीं थम गई।
ड्राइवर हेमंत ने बताया आंखों देखा हाल
बस के ड्राइवर हेमंत ने घटना के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि संभवतः किसी यात्री ने पैनिक बटन दबा दिया था, जिसके कारण बस का सुरक्षा तंत्र सक्रिय हो गया। उन्होंने बताया कि जब बस के अंदर यात्रियों की घुटन बढ़ने लगी और स्थिति बिगड़ने लगी, तब उन्होंने अपने पास मौजूद इमरजेंसी सिस्टम का इस्तेमाल किया और गेट खोलकर यात्रियों को बाहर निकाला। हेमंत ने एक महत्वपूर्ण बात यह भी कही कि उन्हें बस चलाने के लिए ट्रेनिंग तो दी गई थी, लेकिन पैनिक बटन के एक्टिव होने की स्थिति में उसे कैसे हैंडल करना है या उस समय क्या कदम उठाने हैं, इसकी कोई विस्तृत जानकारी या विशेष ट्रेनिंग नहीं दी गई थी। ड्राइवर की इसी सूझबूझ ने यात्रियों को समय रहते बाहर निकालने में मदद की।
जयपुर और भीलवाड़ा में नई बसों का संचालन
राज्य सरकार ने प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना के अंतर्गत हाल ही में राजस्थान के दो प्रमुख शहरों में नई इलेक्ट्रिक बसों का संचालन शुरू किया है। इसके तहत जयपुर में 29 और भीलवाड़ा में 18 नई इलेक्ट्रिक बसें सड़कों पर उतारी गई हैं। मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने शनिवार 20 जून को जयपुर में इन बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। इसी कार्यक्रम के दौरान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए भीलवाड़ा में भी 18 इलेक्ट्रिक बसों का शुभारंभ किया गया था। इन बसों का उद्देश्य शहर में प्रदूषण कम करना और यात्रियों को आधुनिक सुविधाएं प्रदान करना है। हालांकि, इस तरह की तकनीकी घटनाओं ने भविष्य के लिए बेहतर स्टाफ ट्रेनिंग और सुरक्षा प्रोटोकॉल की आवश्यकता पर जोर दिया है।
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