जयपुर में श्री राजपूत करणी सेना की रैली पर पुलिस का लाठीचार्ज और वाटर कैनन
जयपुर में श्री राजपूत करणी सेना की रैली पर पुलिस ने लाठीचार्ज और वाटर कैनन का प्रयोग किया। महिपाल सिंह मकराना के नेतृत्व में हो रहे प्रदर्शन में कई घायल हुए।
राजस्थान की राजधानी जयपुर में श्री राजपूत करणी सेना के कार्यकर्ताओं पर पुलिस द्वारा लाठीचार्ज और वाटर कैनन के इस्तेमाल से स्थिति तनावपूर्ण हो गई। यह घटना उस समय हुई जब करणी सेना के कार्यकर्ता यूजीसी रोल बैक और सवर्ण समाज की विभिन्न मांगों को लेकर एक विशाल रैली निकाल रहे थे और प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हुई इस भिड़ंत में कई लोगों के घायल होने की खबर है, जिसके बाद प्रदर्शनकारी सड़क पर ही धरने पर बैठ गए।
डीसीपी के साथ धक्का-मुक्की और वाटर कैनन का प्रयोग
रैली के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तीखी झड़प देखने को मिली। इस दौरान प्रदर्शनकारियों की डीसीपी वेस्ट प्रशांत किरण के साथ भी धक्का-मुक्की हुई। भीड़ को अनियंत्रित होता देख पुलिस ने वाटर कैनन का सहारा लिया और पानी की बौछारें छोड़ीं। स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि कुछ प्रदर्शनकारियों ने वाटर कैनन वैन के भीतर घुसने का भी प्रयास किया और इसी गहमागहमी के बीच वहां से गुजर रही एक एंबुलेंस भीड़ में फंस गई, जिसे प्रदर्शन कर रहे लोगों ने रास्ता देकर सुरक्षित बाहर निकाला।
रैली का मार्ग और बैरिकेड्स तोड़ने की घटना
श्री राजपूत करणी सेना के अध्यक्ष महिपाल सिंह मकराना के नेतृत्व में यह रैली रावण गेट (कालवाड़ रोड) से शुरू होकर कलेक्ट्रेट सर्किल तक जानी थी। पुलिस ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे और कालवाड़ पुलिया पर भारी बैरिकेडिंग की थी। हालांकि, प्रदर्शनकारी इन बैरिकेड्स को हटाकर आगे बढ़ गए। इसके बाद चौमूं पुलिया पर भी कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच जमकर धक्का-मुक्की हुई। पुलिस ने बार-बार भीड़ को रोकने की कोशिश की, लेकिन कार्यकर्ता अपनी मांगों को लेकर आगे बढ़ते रहे।
बीजेपी कार्यालय की ओर कूच और लाठीचार्ज
तय कार्यक्रम के अनुसार प्रदर्शनकारियों को कलेक्ट्रेट पर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपना था, लेकिन किसी कारणवश यह संभव नहीं हो सका और इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने अपना रुख बदला और वे बीजेपी कार्यालय की ओर बढ़ने लगे। पुलिस ने उन्हें खासाकोठी पुलिया के नीचे रोकने का प्रयास किया। जब भीड़ ने आगे बढ़ने की कोशिश की, तो पुलिस ने उन्हें तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज कर दिया। इस लाठीचार्ज के बावजूद भीड़ आगे बढ़ती रही, जिससे माहौल और अधिक गरमा गया।
महिपाल सिंह मकराना का बयान और घायलों की स्थिति
लाठीचार्ज के दौरान कई प्रदर्शनकारियों को चोटें आईं, जिनमें से कुछ के सिर में गंभीर चोट लगने की बात सामने आई है। घटना के दौरान एक पुलिसकर्मी महिपाल सिंह मकराना को कॉलर से पकड़कर ले जाता हुआ भी दिखाई दिया। इस कार्रवाई पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए महिपाल सिंह मकराना ने कहा कि उन्होंने 800 किलोमीटर की यात्रा पूरी तरह से अहिंसात्मक तरीके से की थी। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने उनकी बहन-बेटियों पर वाटर कैनन चलाई और उन पर डंडे बरसाए और मकराना ने बताया कि पुलिस की इस कार्रवाई में उनके एक साथी का पैर टूट गया है। उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस ने पहले उन्हें जाने देने का वादा किया था, लेकिन बाद में बल प्रयोग किया। लाठीचार्ज के विरोध में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता खासाकोठी पुलिया के नीचे सड़क पर ही धरने पर बैठ गए और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।
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