नेपाल में सैलाब का कहर: 105 भारतीय पर्यटक लापता, हेल्पलाइन नंबर जारी
नेपाल के रसुवा में आई अचानक बाढ़ में 105 भारतीय पर्यटकों समेत 291 विदेशी लापता हैं। 16 लोगों की मौत हुई है। सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं।
नेपाल में बुधवार की सुबह तिब्बत की ओर से आई अचानक बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है, जिसमें कम से कम 105 भारतीय पर्यटकों के लापता होने की खबर है। इस प्राकृतिक आपदा ने नेपाल के रसुवा इलाके को सबसे ज्यादा प्रभावित किया है। नेपाल टूरिज्म बोर्ड के आंकड़ों के अनुसार, इस सैलाब के बाद कुल 291 विदेशी नागरिक लापता हैं, जिनमें भारतीय पर्यटकों की संख्या सबसे अधिक है। अब तक इस हादसे में 16 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। प्रशासन को डर है कि लापता लोगों की संख्या को देखते हुए हताहतों का आंकड़ा और बढ़ सकता है।
लापता यात्रियों और पर्यटकों का विवरण
नेपाल टूरिज्म बोर्ड ने जानकारी दी है कि बुधवार की सुबह करीब 8 बजकर 30 मिनट पर रसुवा की भोटे कोशी नदी में अचानक जलस्तर बढ़ने से फ्लैश फ्लड की स्थिति पैदा हो गई। पर्यटन और यात्रा कंपनियों से प्राप्त शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक, प्रभावित इलाकों से कुल 384 यात्री लापता हैं। इन 384 लोगों में 291 विदेशी पर्यटक और 93 नेपाली नागरिक शामिल हैं। नेपाल टूरिज्म बोर्ड, टूरिस्ट पुलिस और पर्यटन क्षेत्र से जुड़े अन्य संगठन उन सभी लोगों की सुरक्षा स्थिति जानने और उनका पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं जो उस समय प्रभावित क्षेत्रों में मौजूद थे। ट्रैवल एजेंसियों, गाइडों, स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों के साथ मिलकर इन आंकड़ों की गहन जांच और पुष्टि की जा रही है।
रसुवा में तबाही का मंजर और भारी नुकसान
भोटे कोशी नदी में आए इस उफान ने रसुवा जिले के टिमुरे और स्याब्रुबेसी इलाकों में भारी तबाही मचाई है और बाढ़ के तेज बहाव में कई घर और स्थानीय बाजार पूरी तरह जमींदोज हो गए हैं। सुरक्षा व्यवस्था को भी बड़ा झटका लगा है क्योंकि तीन पुलिस चौकियां पानी में पूरी तरह बह गई हैं। सड़कों पर खड़ी गाड़ियां और अन्य सामान तिनके की तरह पानी के साथ बह गए। बुनियादी ढांचे को हुए नुकसान की बात करें तो एक महत्वपूर्ण पुल टूट गया है और रसुवा में स्थित एक हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट भी बाढ़ की भेंट चढ़ गया है और रसुवा जिले में अब तक 8 लोगों की मौत की खबर मिल चुकी है। इसके अलावा, 32 पुलिसकर्मी और 25 से ज्यादा श्रद्धालु भी लापता बताए जा रहे हैं। कस्टम ऑफिस के 14 कर्मचारियों से भी संपर्क नहीं हो पा रहा है। रसुवा के पास स्थित नुवाकोट में त्रिशूली नदी के किनारे से तीन शव बरामद किए गए हैं, जिससे स्थिति की गंभीरता का पता चलता है।
सरकार की कार्रवाई और सेना का रेस्क्यू ऑपरेशन
इस भीषण आपदा के बाद नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने स्थिति की समीक्षा के लिए एक आपातकालीन बैठक बुलाई है। राहत और बचाव कार्यों में तेजी लाने के लिए नेपाल सेना को तैनात किया गया है। सेना ने त्रिशूली नदी और आसपास के प्रभावित क्षेत्रों में सर्च ऑपरेशन के लिए अपने MI-17 हेलीकॉप्टर भेजे हैं। इन हेलीकॉप्टरों के साथ इमरजेंसी मेडिकल रेस्क्यू टीम को भी रवाना किया गया है ताकि घायलों को तुरंत उपचार मिल सके। रसुवा और उसके आसपास के जिलों में नेपाल सेना, आर्म्ड पुलिस फोर्स और नेपाल पुलिस के जवानों को मुस्तैद किया गया है। नेपाल इलेक्ट्रिसिटी अथॉरिटी के मुताबिक, बाढ़ के कारण छह बड़े हाइड्रो प्रोजेक्ट और ट्रांसमिशन लाइनों को भारी क्षति पहुंची है। सुरक्षा कारणों से नेपाल के कई प्रमुख राजमार्गों को भी यातायात के लिए बंद कर दिया गया है।
मदद के लिए जारी किए गए हेल्पलाइन नंबर
लापता लोगों के परिजनों की सहायता और जानकारी साझा करने के लिए नेपाल सरकार और भारतीय दूतावास ने हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। नेपाल टूरिज्म बोर्ड के टोल-फ्री इमरजेंसी नंबर 1234, हॉटलाइन नंबर 1144 और टूरिस्ट पुलिस के नंबर 9851289445 पर संपर्क किया जा सकता है। इसके साथ ही, नेपाल में स्थित भारतीय दूतावास ने भी भारतीय नागरिकों की मदद के लिए विशेष नंबर जारी किए हैं। भारतीय नागरिक या उनके परिजन +977 985 131 6807 और +977 970 910 7500 पर कॉल करके जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक नंबरों से मिली जानकारी पर ही भरोसा करें और किसी भी लापता व्यक्ति के बारे में सूचना मिलने पर तुरंत सूचित करें।
What's Your Reaction?