प्रियंका गांधी ने पेपर लीक पर सरकार को घेरा, स्पीकर से कहा आप नाराज हो रहे हैं मुस्करा लीजिए

प्रियंका गांधी वाड्रा ने लोकसभा में पेपर लीक के मुद्दे पर सरकार पर हमला बोला, छात्रों पर बल प्रयोग और शिक्षा मंत्री की नियुक्ति पर सवाल उठाए।

Jul 28, 2026 - 22:35
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कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने मंगलवार को लोकसभा में 'पब्लिक एग्जामिनेशन संशोधन बिल' पर बहस के दौरान केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने दिल्ली में NEET पेपर लीक के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर सुरक्षा बलों द्वारा की गई कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए। प्रियंका गांधी ने सदन में सरकार को घेरते हुए कहा कि देश की शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा प्रणाली पूरी तरह से चरमरा गई है और युवाओं का भरोसा सरकार से टूट चुका है।

शिक्षा प्रणाली के भगवाकरण और केंद्रीकरण का आरोप

संसद में चर्चा के दौरान प्रियंका गांधी ने आरोप लगाया कि सरकार ने RSS प्रचारकों को भरकर हमारे शिक्षा सिस्टम को खोखला कर दिया है। उन्होंने कहा कि NTA को ज़बरदस्ती लाने और सिस्टम को सेंट्रलाइज़ करने से मामले और अधिक उलझ गए हैं। प्रियंका ने बजट का मुद्दा उठाते हुए कहा कि देश के कुल बजट में शिक्षा बजट का हिस्सा हर साल बढ़ने के बजाय असल में घट रहा है। उन्होंने दावा किया कि शिक्षा व्यवस्था में गंभीर कमियां आ गई हैं और परीक्षा व्यवस्था पूरी तरह विफल हो गई है।

10 साल में 152 बार पेपर लीक का दावा

परीक्षाओं में होने वाली गड़बड़ियों पर निशाना साधते हुए प्रियंका गांधी ने कहा कि पिछले 10 साल में 152 बार पेपर लीक हुए हैं। उन्होंने बताया कि इन घटनाओं से करोड़ों छात्र प्रभावित हुए हैं, लेकिन समस्या के इतने बड़े पैमाने पर होने के बावजूद पेपर लीक माफ़िया के एक भी सदस्य को अब तक सज़ा नहीं मिली है और उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि वह परीक्षा में गड़बड़ी के लिए ज़िम्मेदार लोगों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने में पूरी तरह नाकाम रही है।

छात्रों पर बल प्रयोग पर तीखे सवाल

दिल्ली में 20 जुलाई को हुए पेपर लीक विरोधी प्रदर्शनों का ज़िक्र करते हुए प्रियंका गांधी ने सरकार से पूछा कि सुरक्षा बलों ने छात्रों के खिलाफ आंसू गैस के गोले और पैलेट गन का इस्तेमाल क्यों किया। उन्होंने सवाल किया, "देश के युवाओं पर पैलेट गन और AK-47 का इस्तेमाल करने की क्या ज़रूरत थी? क्या वे आतंकवादी थे? पैलेट गन इस्तेमाल करने का आदेश किसने दिया? क्या प्रधानमंत्री थे? क्या गृह मंत्री थे? " उन्होंने कहा कि यह सिर्फ कांग्रेस पार्टी की बात नहीं है, बल्कि पूरा देश इस पर जवाब मांग रहा है।

शिक्षा मंत्री की नियुक्ति पर हंगामा

सदन में उस समय जोरदार हंगामा मच गया जब प्रियंका गांधी ने प्रह्लाद जोशी को नया शिक्षा मंत्री बनाए जाने की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी ने ऐसे व्यक्ति को शिक्षा मंत्री चुना है जिसने गर्भवती महिला के साथ बलात्कार के दोषियों की रिहाई पर सहमति और खुशी ज़ाहिर की थी। उनकी इस टिप्पणी पर सत्ता पक्ष ने कड़ी आपत्ति जताई। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने इसे "चरित्र हनन" करार दिया और मांग की कि इन बयानों को सदन की कार्यवाही से हटा दिया जाए और प्रियंका गांधी को इसके लिए माफ़ी मांगनी चाहिए।

स्पीकर से संवाद और प्रधानमंत्री को सलाह

" इसके बाद उन्होंने बिल की कमियों पर बात करते हुए कहा कि इसमें पेपर लीक रोकने के लिए कोई ठोस उपाय नहीं हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री को सलाह दी कि उन्हें अपने सलाहकारों को बदलने की ज़रूरत है क्योंकि वे असलियत से कट चुके हैं। प्रियंका ने कहा कि राधाकृष्णन कमेटी की सिफ़ारिशें आज तक लागू नहीं हुई हैं और फ़ास्ट-ट्रैक अदालतों का रिकॉर्ड भी खराब है। उन्होंने अंत में कहा कि अगर प्रधानमंत्री Gen Z का भरोसा जीतना चाहते हैं, तो उन्हें कैमरे का एंगल नहीं, बल्कि अपने दिल का एंगल बदलने की ज़रूरत है।

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