यूपी में बीजेपी जीती तो फिर नहीं होंगे चुनाव, अखिलेश यादव का बड़ा दावा
अखिलेश यादव ने दावा किया कि यूपी में बीजेपी की जीत के बाद चुनाव बंद हो सकते हैं। उन्होंने राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में एसआईटी जांच पर भी सवाल उठाए।
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला है और आजमगढ़ में पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने एक बड़ा और चौंकाने वाला दावा किया। अखिलेश यादव ने कहा कि यदि आने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों में बीजेपी फिर से जीत दर्ज करती है, तो भविष्य में देश या प्रदेश में चुनाव नहीं होंगे और उन्होंने स्पष्ट किया कि वह जनता को डरा नहीं रहे हैं, बल्कि यह एक चेतावनी है जिसे वह पहले भी कई बार दोहरा चुके हैं। उन्होंने बंगाल के चुनाव का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां बीजेपी ने किस तरह से चुनाव लड़ा और जीत दर्ज करने की कोशिश की थी, वह सबके सामने है।
सत्ता परिवर्तन और जनता का मूड
अखिलेश यादव ने कहा कि उत्तर प्रदेश की जनता अब सत्ता में बदलाव लाने का पूरा मन बना चुकी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि बीजेपी को अपने इतने लंबे कार्यकाल का हिसाब देना ही होगा और जनता अब रोजगार, आरक्षण और विकास जैसे बुनियादी मुद्दों पर सरकार के कामकाज का कड़ा मूल्यांकन करने के लिए तैयार बैठी है। सपा अध्यक्ष के अनुसार, उत्तर प्रदेश की जनता बीजेपी को सत्ता से बेदखल करने के लिए पूरी तरह तैयार है और उन्होंने यह भी कहा कि बीजेपी को अब उसी राज्य में अपने कार्यों का जवाब देना होगा, जहां से उसने अपनी मुख्य राजनीतिक यात्रा की शुरुआत की थी और केंद्र की सत्ता तक पहुंची थी।
PDA सरकार और सामाजिक न्याय का संकल्प
अपनी पार्टी की रणनीति पर चर्चा करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी ‘PDA सरकार’ (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) और सामाजिक न्याय के एजेंडे के साथ जनता के बीच जा रही है। उन्होंने कहा कि सपा राज्य को समृद्धि की ओर ले जाने और हर वर्ग को उसका हक दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। उनके अनुसार, वर्तमान सरकार ने सामाजिक न्याय के सिद्धांतों की अनदेखी की है, जिसका जवाब जनता आगामी चुनावों में वोट के जरिए देगी। उन्होंने विश्वास जताया कि पीडीए का गठबंधन ही प्रदेश में अगली सरकार बनाएगा और लोकतंत्र की रक्षा करेगा।
राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर सरकार को घेरा
अखिलेश यादव ने अयोध्या स्थित राम मंदिर में चढ़ावे के कथित गबन के मामले को लेकर भी योगी सरकार पर कड़े सवाल दागे। उन्होंने कहा कि अयोध्या करोड़ों लोगों की अटूट आस्था का केंद्र है और वहां से इस तरह की खबरें आना बेहद दुखद है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब इस मामले में जानकारी सामने आई, तो सरकार को विशेष जांच दल (SIT) का गठन क्यों करना पड़ा? उन्होंने आगे पूछा कि एसआईटी की रिपोर्ट आखिर किसे सौंपी गई और उस रिपोर्ट के आधार पर अब तक क्या ठोस कार्रवाई की गई है। अखिलेश यादव ने इस पूरी घटना को बेहद निंदनीय बताते हुए कहा कि इससे पूरे देश के श्रद्धालुओं में भारी आक्रोश व्याप्त है।
डिंपल यादव ने एसआईटी जांच पर उठाए सवाल
इस बीच, मैनपुरी से समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव ने भी राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में चल रही एसआईटी जांच की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने एसआईटी पर अविश्वास जताते हुए आरोप लगाया कि दान का यह कथित गबन कोई हालिया मामला नहीं है, बल्कि यह पिछले कई वर्षों से लगातार चल रहा था। डिंपल यादव ने कहा कि प्राण प्रतिष्ठा समारोह के बाद बहुत बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने मंदिर में दान दिया था, लेकिन वहां कई वर्षों से भारी वित्तीय अनियमितताएं हो रही थीं। उन्होंने कहा कि इस गबन की वास्तविक राशि का सटीक अनुमान लगाना भी फिलहाल बहुत मुश्किल है।
स्वतंत्र जांच की मांग
डिंपल यादव ने आगे कहा कि अयोध्या में जमीन के सौदों में अनियमितताओं के आरोप पहले भी लग चुके हैं। इन पुराने आरोपों को देखते हुए, चढ़ावा चोरी के इस पूरे मामले की केवल एसआईटी द्वारा की गई जांच पर्याप्त नहीं है। उन्होंने इस मामले में कहीं अधिक व्यापक और पूरी तरह से स्वतंत्र जांच की आवश्यकता पर बल दिया। समाजवादी पार्टी के नेताओं का कहना है कि श्रद्धालुओं की गाढ़ी कमाई और आस्था के पैसे में हेराफेरी करने वालों का चेहरा बेनकाब होना चाहिए और सरकार को इस पर श्वेत पत्र जारी करना चाहिए।
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