रांची छात्र आंदोलन: सोरेन सरकार बातचीत के लिए तैयार, आज दोपहर 2 बजे बुलाई बैठक
झारखंड सरकार ने जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षा विवाद को सुलझाने के लिए आंदोलनकारी छात्रों को आज दोपहर 2 बजे बातचीत के लिए बुलाया है।
रांची में चल रहे छात्र आंदोलन के बीच एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार आंदोलनकारी छात्रों के साथ बातचीत की मेज पर बैठने के लिए तैयार हो गई है। राज्य सरकार की ओर से इस दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है, जिसका उद्देश्य छात्रों की समस्याओं का समाधान निकालना है। सरकार ने आंदोलनरत छात्रों को सोमवार दोपहर 2 बजे बातचीत के लिए आमंत्रित किया है। यह घटनाक्रम ऐसे समय में आया है जब छात्र अपनी मांगों को लेकर लगातार मुखर हैं और पूरे राज्य में विरोध प्रदर्शनों का दौर जारी है।
बातचीत का आधिकारिक प्रस्ताव
छात्रों को बातचीत का यह प्रस्ताव अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) और एडीएम (लॉ एंड ऑर्डर) के माध्यम से दिया गया है और प्रशासन की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, राज्य सरकार छात्रों के साथ संवाद के जरिए मौजूदा गतिरोध को समाप्त करना चाहती है। प्रस्ताव में स्पष्ट किया गया है कि आंदोलनकारी छात्रों को 17 अगस्त 2026 को दोपहर 2 बजे बैठक के लिए बुलाया गया है। सरकार ने छात्रों को यह विकल्प भी दिया है कि वे अपने विधिक सलाहकारों के साथ इस बातचीत में शामिल हो सकते हैं। विधिक सलाहकारों की मौजूदगी से यह उम्मीद जताई जा रही है कि परीक्षाओं से जुड़े कानूनी और तकनीकी पहलुओं पर विस्तार से चर्चा हो सकेगी।
आंदोलन का मुख्य कारण और रविवार का प्रदर्शन
झारखंड में छात्र मुख्य रूप से जेपीएससी (JPSC) और जेएसएससी (JSSC) परीक्षाओं में हुई कथित गड़बड़ी के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। छात्रों का आरोप है कि इन परीक्षाओं की प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी है। इसी विरोध के क्रम में रविवार को छात्रों ने रांची में जोरदार प्रदर्शन किया और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का पुतला फूंका। छात्रों का गुस्सा केवल राज्य सरकार तक सीमित नहीं रहा; उन्होंने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव का भी पुतला दहन किया। रविवार को यह प्रदर्शन पूरे झारखंड में देखा गया, जिससे प्रशासन पर दबाव बढ़ गया है।
20 अगस्त को सीएम आवास घेराव का ऐलान
रविवार को हुए व्यापक प्रदर्शन के बाद छात्र संगठनों ने अपने आंदोलन को और तेज करने की घोषणा की थी। छात्रों ने ऐलान किया था कि वे 20 अगस्त को मुख्यमंत्री आवास का घेराव करेंगे। इस बड़े ऐलान के कुछ ही देर बाद सरकार की ओर से बातचीत का प्रस्ताव सामने आया। सोमवार दोपहर 2 बजे का समय तय किया गया है ताकि 20 अगस्त के प्रस्तावित घेराव से पहले छात्रों की शिकायतों को सुना जा सके और किसी ठोस नतीजे पर पहुंचा जा सके।
छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो के साथ विवाद
इस पूरे आंदोलन के दौरान छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो एक प्रमुख चेहरा बनकर उभरे हैं और वर्तमान में देवेंद्र नाथ महतो अस्पताल में भर्ती हैं और वहां अनशन पर बैठे हैं। उन्होंने एक वीडियो जारी कर गंभीर आरोप लगाए हैं कि अस्पताल में उनके साथ मारपीट और धक्का-मुक्की की गई। देवेंद्र ने यह भी आरोप लगाया कि 15 अगस्त यानी स्वतंत्रता दिवस के दिन उन्हें झंडा फहराने से रोका गया और उनके साथ मारपीट की गई। इस खबर के फैलने के बाद आंदोलनकारी छात्रों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। छात्र अब अपने नेता के लिए न्याय की मांग कर रहे हैं, जिसने इस पूरे मामले को और अधिक संवेदनशील बना दिया है।
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