राजस्थान के कोटा में बड़ा हादसा, दुर्गा विसर्जन के दौरान कोटड़ी नहर में पलटी नाव और चार लोग बहे

राजस्थान के कोटा में कोटड़ी नहर में दुर्गा विसर्जन के दौरान नाव पलटने से चार लोग बहे। एसडीआरएफ और गोताखोर टीम का रेस्क्यू ऑपरेशन जारी। जानिए पूरी खबर।

Oct 20, 2026 - 22:35
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राजस्थान के कोटा में बड़ा हादसा, दुर्गा विसर्जन के दौरान कोटड़ी नहर में पलटी नाव और चार लोग बहे

राजस्थान के कोटा शहर से एक बड़ी और दुखद खबर सामने आई है जहाँ दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान एक बड़ा हादसा हो गया है। कोटा शहर में दुर्गा विसर्जन के दौरान कोटड़ी नहर में नाव अचानक पलट गई जिसके कारण चार लोग पानी के तेज बहाव में बह गए और इस गंभीर दुर्घटना की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया और तुरंत राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए मौके पर नगर निगम की गोताखोर टीम, एसडीआरएफ और सिविल डिफेंस की विशेष टीमें तुरंत तैनात की गईं जो लगातार लापता लोगों की तलाश में जुटी हुई हैं और यह पूरी घटना कोटा के नाग-नागिन मंदिर के पास स्थित कोटड़ी नहर की है जहाँ मंगलवार शाम को विसर्जन के लिए यह नाव निकली थी।

प्राप्त जानकारी के अनुसार यह हादसा मंगलवार शाम को करीब पांच बजकर तीस मिनट पर हुआ। इस दौरान कुल सात लोग नाव पर सवार होकर दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के लिए नहर के बीच गए थे। जैसे ही वे विसर्जन की प्रक्रिया में आगे बढ़ रहे थे, अचानक नाव का संतुलन पूरी तरह से बिगड़ गया और वह असंतुलित होकर पलट गई। नाव के पलटते ही उसमें सवार सभी लोग पानी के तेज बहाव में गिर गए। हादसे के तुरंत बाद मौके पर भारी अफरा-तफरी मच गई और आसपास मौजूद स्थानीय लोगों ने अपनी जान की परवाह किए बिना तत्काल बचाव की कोशिश शुरू कर दी। स्थानीय लोगों की मुस्तैदी के कारण तीन लोगों को तो सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, लेकिन दुर्भाग्यवश चार अन्य लोग पानी के तेज बहाव में लापता हो गए और उनकी तलाश अभी भी जारी है।

इस भीषण हादसे की खबर मिलते ही देश और क्षेत्र के बड़े नेताओं ने गहरी संवेदना व्यक्त की है और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कोटा में हुए इस नाव हादसे पर गहरा दुख जताया है। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने जिला प्रशासन को पूरी तत्परता और मुस्तैदी से काम करने के निर्देश दिए हैं ताकि लापता लोगों को जल्द से जल्द ढूंढा जा सके। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि नाव पलटते ही चीख-पुकार मच गई थी और पानी में गिरे लोगों को बचाने के लिए आसपास के लोग तुरंत दौड़े। स्थानीय लोगों के साहसिक प्रयासों से तीन लोगों की जान बचा ली गई, जबकि चार लोग पानी के अंदर लापता हो गए। घटना की सूचना मिलते ही नगर निगम की विशेष गोताखोर टीम, एसडीआरएफ और सिविल डिफेंस की टीमें बिना किसी देरी के घटनास्थल पर पहुंच गईं और युद्धस्तर पर लापता लोगों की तलाश का अभियान शुरू कर दिया।

बचाव अभियान को तेज और प्रभावी बनाने के लिए एसडीआरएफ के करीब पंद्रह से सत्रह प्रशिक्षित जवान बचाव दल के साथ इस रेस्क्यू ऑपरेशन में पूरी तरह से जुटे हुए हैं। इसके अलावा नहर में पानी के तेज बहाव को नियंत्रित करने और कम करने के लिए प्रशासन द्वारा पानी की आवक को भी तत्काल प्रभाव से बंद करवा दिया गया है ताकि गोताखोरों और बचाव टीमों को रेस्क्यू करने में कोई बाधा उत्पन्न न हो। इस दुखद हादसे की जानकारी मिलते ही राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने भी कड़ा संज्ञान लिया और जिला प्रशासन को तत्काल राहत एवं बचाव कार्य पूरी गति से शुरू करने के सख्त निर्देश जारी किए। शिक्षा मंत्री के निर्देशों के बाद प्रशासनिक अमला पूरी तरह से सक्रिय हो गया।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिला कलेक्टर पीयूष समारिया और कोटा की सिटी एसपी तेजस्विनी गौतम स्वयं तुरंत घटनास्थल पर पहुंच गईं। इन दोनों वरिष्ठ अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर चल रहे रेस्क्यू ऑपरेशन का जायजा लिया और बचाव टीमों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। मीडिया से बातचीत करते हुए सिटी एसपी तेजस्विनी गौतम ने पूरी घटना की जानकारी देते हुए बताया कि नाव में कुल सात लोग सवार थे और दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के पावन अवसर पर यह नाव असंतुलित होकर पलट गई थी। उन्होंने पुष्टि की कि तीन लोग सुरक्षित बाहर निकल आए हैं, जबकि चार लोगों के पानी में फंसे होने की गंभीर सूचना है। सिटी एसपी ने यह भी बताया कि एसडीआरएफ, सिविल डिफेंस, नगर निगम की गोताखोर टीम और जिला प्रशासन की संयुक्त मदद से लापता लोगों की तलाश युद्धस्तर पर की जा रही है और प्रशासन की पहली प्राथमिकता इस रेस्क्यू ऑपरेशन को जल्द से जल्द पूरा करना है। नहर में हुए इस भयानक हादसे के बाद घटनास्थल पर भारी संख्या में स्थानीय लोगों की भीड़ जमा हो गई, जिसे नियंत्रित करने के लिए पुलिस बल को भी तैनात किया गया और बचाव दल पूरी मुस्तैदी से लापता लोगों की तलाश में जुटे हुए हैं।

इस दुर्घटना से जुड़ी विस्तृत जानकारी सामने आने पर पता चला कि विज्ञान नगर के संजय नगर इलाके से कुल छह बच्चे दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के लिए इस नहर पर पहुंचे थे। विसर्जन के दौरान ये सभी बच्चे नाव में सवार हुए थे, तभी बीच पानी में अचानक नाव पलट गई। सामने आई जानकारी के अनुसार इस हादसे में केशु, गोलू, सुरेश और राहुल के पानी में डूबने की आशंका है और वे लापता बताए जा रहे हैं। वहीं दूसरी ओर, इसी नाव पर सवार माला कंवर और दीपक को स्थानीय लोगों की मदद से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। एसडीआरएफ, नगर निगम की रेस्क्यू टीम और पेशेवर गोताखोर लगातार बच्चों की तलाश में पानी के हर कोने को खंगाल रहे हैं। इस हृदयविदारक घटना के बाद लापता बच्चों के परिजनों का रो-रोकर बेहद बुरा हाल है और वे अपने बच्चों की सलामती की दुआ कर रहे हैं। जिला प्रशासन की कड़ी निगरानी में यह तलाश और बचाव अभियान लगातार जारी है।

उल्लेखनीय है कि इस प्रकार की दुर्घटनाएं पहले भी सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाती रही हैं। इससे पहले वैशाली में गांधी सेतु के पास भी ग्यारह लोगों से भरी एक नाव पलटी थी, जिसमें एक व्यक्ति की दर्दनाक मौत हो गई थी और एक अन्य व्यक्ति लापता हो गया था। कोटा की इस घटना ने एक बार फिर जल स्रोतों के पास और धार्मिक आयोजनों के दौरान सुरक्षा मानकों के पालन की अनिवार्यता को रेखांकित किया है। प्रशासन के तमाम आला अधिकारी मौके पर मौजूद हैं और हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं कि लापता लोगों को जल्द से जल्द सुरक्षित बाहर निकाला जा सके।

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