राजस्थान निकाय चुनाव: 309 निकायों में 9 और 11 सितंबर को मतदान, कार्यक्रम घोषित

राजस्थान राज्य निर्वाचन आयोग ने 309 शहरी निकायों में चुनाव की घोषणा की। 9 और 11 सितंबर को मतदान होगा और 14 सितंबर को नतीजे आएंगे। आचार संहिता लागू।

Aug 19, 2026 - 19:35
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राजस्थान निकाय चुनाव: 309 निकायों में 9 और 11 सितंबर को मतदान, कार्यक्रम घोषित

राजस्थान के शहरी निकायों में चुनाव का इंतजार कर रहे नागरिकों और राजनीतिक दलों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। राज्य निर्वाचन आयोग ने बुधवार को प्रदेश के 309 शहरी निकायों में चुनाव कराने के कार्यक्रम की आधिकारिक घोषणा कर दी है। राज्य निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंह ने इस संबंध में विस्तृत जानकारी साझा करते हुए बताया कि मतदान की प्रक्रिया को दो चरणों में संपन्न किया जाएगा। आयोग द्वारा निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, पहले चरण का मतदान 9 सितंबर को होगा, जबकि दूसरे चरण के लिए 11 सितंबर की तारीख तय की गई है। इन चुनावों के परिणामों की घोषणा 14 सितंबर को मतगणना के पश्चात की जाएगी। चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के साथ ही संबंधित सभी 309 नगरीय निकाय क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है।

चुनाव अधिसूचना और नामांकन की समयसीमा

निर्वाचन आयोग द्वारा जारी कार्यक्रम के मुताबिक, इन चुनावों के लिए आधिकारिक अधिसूचना 27 अगस्त को जारी की जाएगी। अधिसूचना जारी होने के साथ ही नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया भी शुरू हो जाएगी। चुनाव लड़ने के इच्छुक प्रत्याशी 31 अगस्त तक अपना नामांकन पत्र दाखिल कर सकेंगे। इसके बाद, 1 सितंबर को नामांकन पत्रों की जांच की जाएगी ताकि उनकी वैधता सुनिश्चित की जा सके। जो प्रत्याशी अपना नाम वापस लेना चाहते हैं, वे 3 सितंबर तक ऐसा कर सकते हैं। इस प्रक्रिया के पूरा होने के बाद ही चुनावी मैदान की अंतिम तस्वीर साफ होगी और 9 व 11 सितंबर को मतदान कराया जाएगा।

निकायों का विवरण और पदों की संख्या

प्रदेश के जिन 309 शहरी निकायों में चुनाव होने जा रहे हैं, उनमें 10 नगर निगम, 51 नगर परिषद और 248 नगरपालिकाएं शामिल हैं। इन सभी निकायों को मिलाकर कुल 10,245 पार्षद पदों के लिए मतदान होगा। चुनाव कार्यक्रम घोषित होते ही इन क्षेत्रों में राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। संभावित उम्मीदवार अब टिकट पाने के लिए अपनी-अपनी पार्टियों में सक्रियता बढ़ाएंगे। आयोग ने स्पष्ट किया है कि चुनाव प्रक्रिया को पूरी पारदर्शिता और सुरक्षा के साथ संपन्न कराने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।

वार्डों में आरक्षण की स्थिति

चुनाव से पहले ही नगरीय निकायों में वार्डों और विभिन्न पदों के लिए आरक्षण की प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया जा चुका है। कुल 10,245 वार्डों में से 3,356 वार्ड महिलाओं के लिए आरक्षित किए गए हैं। अन्य श्रेणियों की बात करें तो 1,933 वार्ड ओबीसी वर्ग के लिए, 1,794 वार्ड एससी वर्ग के लिए और 395 वार्ड एसटी वर्ग के लिए आरक्षित रखे गए हैं। इनके अलावा, 6,123 वार्डों को अनारक्षित श्रेणी में रखा गया है। यह आरक्षण व्यवस्था सुनिश्चित करती है कि समाज के सभी वर्गों को स्थानीय सरकार में उचित प्रतिनिधित्व प्राप्त हो सके।

निकाय प्रमुखों और उपाध्यक्षों का निर्वाचन

पार्षदों के चुनाव के बाद, निकाय प्रमुखों के चयन की प्रक्रिया शुरू होगी। नगर निगमों में मेयर (महापौर) तथा नगर परिषद एवं नगरपालिकाओं में सभापति और अध्यक्ष के चुनाव 21 सितंबर को कराए जाएंगे। इसके अगले दिन, यानी 22 सितंबर को उपाध्यक्ष पदों के लिए निर्वाचन होगा। इसी दिन नगर निगम, नगर परिषद और नगरपालिकाओं की साधारण सभा की बैठकें भी आयोजित की जाएंगी, जिनमें डिप्टी मेयर, उपसभापति और नगरपालिका उपाध्यक्ष के निर्वाचन की प्रक्रिया को पूर्ण किया जाएगा।

आचार संहिता के नियम और विकास कार्य

चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के साथ ही सभी 309 नगरीय निकाय क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता प्रभावी हो गई है। इसके नियमों के तहत, चुनाव की पूरी अवधि के दौरान सरकार या निकाय प्रशासन द्वारा किसी भी नए विकास कार्य की घोषणा नहीं की जा सकेगी और न ही नए वर्क ऑर्डर जारी किए जा सकेंगे। हालांकि, राज्य निर्वाचन आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि जो विकास कार्य पहले से स्वीकृत हैं और वर्तमान में चल रहे हैं, वे निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार जारी रह सकेंगे। आचार संहिता का मुख्य उद्देश्य चुनाव को निष्पक्ष और बिना किसी बाहरी प्रभाव के संपन्न कराना है। अब सभी की निगाहें 9 और 11 सितंबर के मतदान और उसके बाद 14 सितंबर को आने वाले नतीजों पर टिकी हैं।

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