राजस्थान विधानसभा के बाहर कांग्रेस का हल्ला बोल, स्कूलों की बदहाली पर पैदल मार्च

राजस्थान विधानसभा सत्र के पहले दिन कांग्रेस विधायकों ने स्कूलों की बदहाली और मीडिया पर प्रतिबंध के खिलाफ जयपुर में पैदल मार्च निकाला और धरना दिया।

Aug 20, 2026 - 23:35
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राजस्थान विधानसभा के बाहर कांग्रेस का हल्ला बोल, स्कूलों की बदहाली पर पैदल मार्च

राजस्थान विधानसभा के मानसून सत्र का आगाज आज भारी हंगामे के साथ हुआ। सत्र शुरू होने से पहले ही मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था और सरकारी स्कूलों की बदहाली को लेकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली के नेतृत्व में कांग्रेस विधायकों ने राजधानी जयपुर की सड़कों पर एक विशाल पैदल मार्च निकाला और यह विरोध प्रदर्शन मुख्य रूप से स्कूलों की जर्जर स्थिति और हाल ही में स्कूलों में मीडिया व आम जनता के प्रवेश पर लगाई गई रोक के खिलाफ था। इस आंदोलन के जरिए कांग्रेस ने संकेत दे दिए हैं कि इस बार का सत्र सरकार के लिए चुनौतीपूर्ण रहने वाला है।

त्रिमूर्ति सर्किल से विधानसभा तक पैदल मार्च

विरोध प्रदर्शन की शुरुआत जयपुर के त्रिमूर्ति सर्किल से हुई, जहां कांग्रेस विधायक और भारी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता एकत्रित हुए। सरकार के निर्णयों के प्रति अपना कड़ा विरोध दर्ज कराने के लिए सभी विधायकों ने अपनी बाजू पर काली पट्टी बांधी हुई थी। त्रिमूर्ति सर्किल से शुरू होकर यह पैदल मार्च अंबेडकर सर्किल, रामबाग सर्किल और अमर जवान ज्योति होते हुए विधानसभा तक पहुंचा। लगभग 3 किलोमीटर लंबे इस मार्च के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। हालांकि, इस महत्वपूर्ण प्रदर्शन में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट शामिल नहीं हुए, जो चर्चा का विषय बना रहा।

जब कांग्रेस विधायक पैदल मार्च करते हुए विधानसभा के पश्चिमी द्वार पर पहुंचे, तो वहां तैनात सुरक्षा कर्मियों के साथ उनकी तीखी नोक-झोंक हुई। विधायक इसी द्वार से विधानसभा के अंदर प्रवेश करना चाहते थे, लेकिन सुरक्षा कर्मियों ने गेट बंद कर दिए। इसके विरोध में सभी विधायक पश्चिमी द्वार के बाहर ही धरने पर बैठ गए। मीडिया से बातचीत करते हुए नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार स्कूलों की बदहाली को छिपाना चाहती है और इसीलिए मीडिया के प्रवेश पर पाबंदी लगाई गई है। उन्होंने कहा कि विपक्ष सरकार की इन कमियों को जनता के सामने लाकर रहेगा।

शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल और आंकड़े

टीकाराम जूली ने कहा कि कांग्रेस सदन के अंदर और बाहर दोनों जगह इस मुद्दे पर सरकार को घेरेगी। उन्होंने घोषणा की कि पार्टी के सदस्य प्रदेश के हर स्कूल में जाएंगे और वहां की बुनियादी सुविधाओं की कमी को उजागर करेंगे। भाजपा पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि आगामी निकाय और पंचायत चुनावों में जनता भाजपा को करारा जवाब देगी। जूली ने भाजपा को "रणछोड़ दास" की संज्ञा देते हुए कहा कि सरकार सदन में चर्चा से भागना चाहती है। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा केवल हिंदू-मुस्लिम के मुद्दों पर राजनीति करती है, जबकि कांग्रेस विकास और शिक्षा जैसे वास्तविक मुद्दों पर चुनाव लड़ेगी।

पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की जयंती का उल्लेख करते हुए जूली ने कहा कि उन्होंने ही देश में नवोदय विद्यालयों की शुरुआत की थी, जिससे लाखों बच्चों का भविष्य संवरा। उन्होंने शिक्षा का अधिकार कानून का श्रेय भी कांग्रेस को दिया। जूली ने आरोप लगाया कि भाजपा ने शिक्षा के क्षेत्र में कोई निवेश नहीं किया है। उन्होंने कहा कि जितना चंदा आरएसएस को दिया जाता है, अगर उसका कुछ हिस्सा भी स्कूलों के विकास में लगाया जाता, तो आज सरकारी स्कूलों की हालत इतनी खराब नहीं होती। उन्होंने भाजपा के उस वादे की भी याद दिलाई जिसमें पहले ही साल में सभी रिक्त पद भरने की बात कही गई थी।

जर्जर स्कूल और शिक्षकों की कमी का संकट

नेता प्रतिपक्ष ने प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था से जुड़े कुछ चौंकाने वाले आंकड़े पेश किए, जो इस प्रकार हैं:

  • प्रदेश के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों के 150000 पद वर्तमान में खाली पड़े हैं।
  • राज्य के 3768 स्कूल भवन पूरी तरह से जर्जर और असुरक्षित स्थिति में हैं।
  • लगभग 85000 स्कूल के कमरे क्षतिग्रस्त हैं, जिससे छात्रों को बैठने में परेशानी होती है।
  • प्रदेश के 72000 स्कूल ऐसे हैं जो केवल एक शिक्षक के भरोसे संचालित हो रहे हैं।

जूली ने इन आंकड़ों को बेहद गंभीर बताते हुए कहा कि यह बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। उन्होंने कहा कि भाजपा के पाप का घड़ा भर गया है और जनता ऐसे दमनकारी आदेशों को स्वीकार नहीं करेगी। इस पैदल मार्च के कारण जयपुर के प्रमुख मार्गों पर यातायात व्यवस्था काफी प्रभावित हुई। त्रिमूर्ति सर्किल, अंबेडकर सर्किल और रामबाग सर्किल पर पुलिस को यातायात रोकना पड़ा, जिससे सुबह के समय दफ्तर जाने वाले आम लोगों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।

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