श्रेयस अय्यर की बढ़ी मुश्किलें: कप्तानी में फ्लॉप और बल्लेबाजी में भी सैकड़ों सवाल
श्रेयस अय्यर की कप्तानी में टीम इंडिया को 5 मैचों में एक भी जीत नहीं मिली है। कप्तानी और बल्लेबाजी में खराब प्रदर्शन के कारण उन पर टीम से बाहर होने का खतरा मंडरा रहा है।
श्रेयस अय्यर के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का मौजूदा दौर काफी चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा है, जहां उन्हें दोहरी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। एक तरफ जहां उन्हें टीम इंडिया की कप्तानी की जिम्मेदारी सौंपी गई थी, वहीं दूसरी ओर मैदान पर इसके नतीजे उम्मीद के मुताबिक नहीं रहे हैं। श्रेयस अय्यर अपनी कप्तानी में टीम इंडिया को जीत दिलाने में तो नाकाम रहे ही हैं, साथ ही उनके बल्ले से भी रन नहीं निकल रहे हैं और उन्होंने अपनी कप्तानी में खेली गई पिछली पांच पारियों में से केवल एक ही बार 50 का आंकड़ा पार किया है, जिसके बाद उनकी बल्लेबाजी और नेतृत्व क्षमता दोनों पर सैकड़ों सवाल खड़े हो गए हैं।
कप्तानी का रिकॉर्ड और आलोचकों के निशाने पर अय्यर
श्रेयस अय्यर की कप्तानी को लेकर क्रिकेट जगत में काफी चर्चा हो रही है और अब तक उनकी कप्तानी में टीम इंडिया ने पांच टी20 इंटरनेशनल मैच खेल लिए हैं, लेकिन हैरानी की बात यह है कि एक भी मैच में टीम को जीत नसीब नहीं हुई है। इन पांच मैचों में से चार में हार का सामना करना पड़ा है, जबकि एक मैच बेनतीजा रहा। लगातार मिल रही हार के बाद अब श्रेयस आलोचकों के सीधे निशाने पर आ गए हैं। इस बीच न केवल उनकी कप्तानी की रणनीतियों पर सवाल उठ रहे हैं, बल्कि बल्लेबाजी में भी उनका वह पुराना जलवा गायब दिख रहा है जिसकी उनसे उम्मीद की जा रही थी। उनका बल्ला पूरी तरह से खामोश है और ऐसे में उन्हें अपनी जगह बचाने के लिए अब दोहरी मेहनत करनी होगी।
आयरलैंड सीरीज से शुरू हुई थी कप्तानी की मुश्किल राह
श्रेयस अय्यर की कप्तानी का सिलसिला आयरलैंड के खिलाफ दो मैचों की टी20 सीरीज से शुरू हुआ था। आयरलैंड जैसी टीम को अक्सर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कमजोर माना जाता है, लेकिन श्रेयस के लिए यह सीरीज व्यक्तिगत रूप से बेहद खराब रही। अपनी कप्तानी के पहले ही मैच में श्रेयस केवल 3 रन बनाकर आउट हो गए थे। इसके बाद उसी सीरीज के दूसरे मैच में भी उनकी किस्मत नहीं बदली और उनके बल्ले से केवल 2 रन निकले। स्रोत के अनुसार, आयरलैंड जैसी टीम के खिलाफ भी श्रेयस दो मैचों में कुल 13 ही रन बना सके, जो उनके जैसे अनुभवी खिलाड़ी के लिए काफी निराशाजनक आंकड़े हैं।
इंग्लैंड के खिलाफ एकमात्र अर्धशतक और फिर फ्लॉप शो
आयरलैंड के बाद टीम इंडिया ने इंग्लैंड का दौरा किया। इंग्लैंड के खिलाफ श्रेयस अय्यर ने 68 रनों की एक अच्छी और जुझारू पारी खेली थी। इस मैच में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 189 रनों का एक मजबूत स्कोर खड़ा किया था। हालांकि, श्रेयस की कप्तानी में किस्मत ने साथ नहीं दिया और इससे पहले कि इंग्लैंड की बल्लेबाजी शुरू हो पाती, भारी बारिश आ गई और मैच को रद करना पड़ा। इस एक पारी को छोड़ दिया जाए तो बाकी मैचों में उनका प्रदर्शन फिर से गिर गया। इसी सीरीज के दूसरे मैच में वे 37 रन बना सके और तीसरे मैच में केवल 5 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। यानी पिछले पांच मैचों में कप्तानी करते हुए श्रेयस के नाम सिर्फ एक अर्धशतक दर्ज है, जबकि बाकी मैचों में वे सस्ते में आउट होते रहे।
अफगानिस्तान के खिलाफ वनडे सीरीज में भी रहे नाकाम
श्रेयस अय्यर की खराब फॉर्म का सिलसिला सिर्फ कप्तानी तक ही सीमित नहीं रहा है। इससे पहले उन्हें अफगानिस्तान के खिलाफ वनडे सीरीज में भी खेलने का मौका मिला था, जहां वे शुभमन गिल की कप्तानी में खेल रहे थे। उस सीरीज के पहले मैच में वे केवल 12 रन बना सके थे। दूसरे मैच में उनके बल्ले से 26 रन निकले और तीसरे मैच में वे 20 रन बनाकर नाबाद रहे। यानी उन तीन मैचों की वनडे सीरीज में भी वे एक भी अर्धशतक नहीं लगा पाए थे। गौर करने वाली बात यह है कि उस सीरीज में श्रेयस कप्तान नहीं थे, फिर भी उनके बल्ले से रनों का सूखा खत्म नहीं हुआ था।
टीम को जीत दिलाना और खुद रन बनाना है बड़ी चुनौती
अब श्रेयस अय्यर के सामने सबसे बड़ी जिम्मेदारी न केवल टीम को जीत की राह पर वापस लाने की है, बल्कि खुद के बल्ले से रन बनाने की भी है और भारतीय क्रिकेट में प्रतिस्पर्धा इतनी कड़ी है कि कप्तानी भी आपकी जगह सुरक्षित नहीं रख सकती। उदाहरण के तौर पर सूर्यकुमार यादव ने अपनी टीम को टी20 विश्व कप का खिताब जिताया था, लेकिन इसके बावजूद उन्हें टीम से इसलिए बाहर होना पड़ा क्योंकि वे रन नहीं बना पा रहे थे। श्रेयस को इस बात का गंभीरता से ख्याल रखना होगा। अगर वे जल्द ही फॉर्म में नहीं लौटते हैं, तो जिस तरह से वे पहले टीम से तीन साल तक बाहर रहे थे, वैसा फिर से होने की पूरी संभावना है।
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