सत्य निकेतन पीजी हादसा: सुप्रीम कोर्ट में दोपहर 2 बजे होगी बड़ी सुनवाई
सत्य निकेतन पीजी बिल्डिंग हादसे पर सुप्रीम कोर्ट में दोपहर 2 बजे सुनवाई होगी। एमिकस क्यूरी ने दिल्ली के सभी पीजी के ऑडिट की मांग की है।
दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में एक पीजी बिल्डिंग के ढहने का दुखद मामला अब देश की सर्वोच्च अदालत, सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया है और इस हादसे में सात लोगों की जान चली गई और कई अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए, जिसके बाद कोर्ट ने इस पर कड़ा संज्ञान लिया है। कोर्ट द्वारा नियुक्त एमिकस क्यूरी ने अपनी स्टेटस रिपोर्ट दाखिल कर दी है, जिसमें राजधानी के सभी पीजी हॉस्टलों के तत्काल सुरक्षा ऑडिट और गहन निरीक्षण की सिफारिश की गई है।
दोपहर 2 बजे सुप्रीम कोर्ट में होगी सुनवाई
इस महत्वपूर्ण मामले पर सुप्रीम कोर्ट आज दोपहर 2 बजे सुनवाई कर सकता है। एमिकस क्यूरी और वरिष्ठ वकील अजीत कुमार सिन्हा ने कोर्ट में रिपोर्ट पेश करते हुए हादसे की विस्तृत जानकारी दी है। वह कोर्ट से इस मामले पर जल्द से जल्द सुनवाई करने की मांग करेंगे ताकि दिल्ली में रह रहे हजारों छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। रिपोर्ट में इस बात पर जोर दिया गया है कि राजधानी में चल रहे पीजी और हॉस्टलों की सुरक्षा स्थिति की जांच करना अब अनिवार्य हो गया है।
सत्य निकेतन हादसे का पूरा विवरण
कोर्ट में दाखिल की गई रिपोर्ट के अनुसार, 6 सितंबर को दोपहर करीब 1:30 बजे सत्य निकेतन के पी-14 स्थित एक इमारत ढह गई थी। इस इमारत की संरचना में बेसमेंट के अलावा चार मंजिलें शामिल थीं और इस पूरी इमारत का उपयोग छात्रों के लिए 'Hostel Daze' नाम से एक बॉयज पीजी के तौर पर किया जा रहा था। हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसमें अब तक 7 लोगों की मौत हो चुकी है। राहत और बचाव कार्य के दौरान कम से कम 12 लोगों को मलबे से सुरक्षित बाहर निकाला गया है, जिनमें से कई गंभीर रूप से घायल हैं।
सुरक्षा ऑडिट और निरीक्षण की मांग
एमिकस क्यूरी की रिपोर्ट में दिल्ली के कॉलेजों और विश्वविद्यालयों के आसपास चल रहे सभी पीजी और निजी हॉस्टलों का एक निश्चित समय सीमा के भीतर सुरक्षा ऑडिट कराने की जरूरत बताई गई है।
सत्य निकेतन में बार-बार हो रहे हादसे
रिपोर्ट में इस बात पर गहरी चिंता जताई गई है कि सत्य निकेतन जैसे इलाकों में ऐसी घटनाएं बार-बार हो रही हैं। दिल्ली यूनिवर्सिटी के साउथ कैंपस के पास स्थित होने के कारण सत्य निकेतन छात्रों के रहने का एक बहुत बड़ा केंद्र बन चुका है। यहां बड़ी संख्या में पीजी, प्राइवेट हॉस्टल, मेस और अन्य व्यावसायिक संस्थान चल रहे हैं और रिपोर्ट में अप्रैल 2022 के एक पुराने हादसे का भी जिक्र किया गया है, जब इसी इलाके में एक बिल्डिंग गिरने से 2 लोगों की मौत हो गई थी और 4 लोग घायल हुए थे। बार-बार होने वाली ये घटनाएं खतरनाक इमारतों की पहचान और नियमों को लागू करने वाली व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं।
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