जोधपुर: मथानिया में विधायक सियोल के आरओ चैंबर जाने पर हंगामा, दिव्या मदेरणा का धरना
जोधपुर के मथानिया में नामांकन के दौरान विधायक सियोल के आरओ चैंबर जाने पर विवाद। दिव्या मदेरणा ने लगाया पक्षपात का आरोप और दिया धरना।
जोधपुर जिले के मथानिया नगर पालिका चुनाव में नामांकन के अंतिम दिन राजनीतिक पारा उस समय चढ़ गया जब ओसियां विधायक भैराराम सियोल के रिटर्निंग अधिकारी (आरओ) के चैंबर में जाने को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया और इस घटना के बाद पूर्व विधायक दिव्या मदेरणा ने चुनाव की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल उठाए और प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। दिव्या मदेरणा का आरोप है कि विधायक सियोल नामांकन का समय समाप्त होने के बाद आरओ चैंबर में घुसे, जो कि नियमों का सीधा उल्लंघन है। इस मुद्दे को लेकर दिव्या मदेरणा अपने समर्थकों के साथ धरने पर बैठ गईं और अधिकारियों को जमकर खरी-खोटी सुनाई।
विवाद की मुख्य वजह
मथानिया में सोमवार को नामांकन प्रक्रिया का समय समाप्त होते-होते माहौल तनावपूर्ण हो गया। दिव्या मदेरणा ने आरोप लगाया कि उन्हें सूचना मिली थी कि स्थानीय विधायक भैराराम सियोल अपने समर्थकों के साथ दोपहर 3 बजे के बाद रिटर्निंग अधिकारी के चैंबर में दाखिल हुए हैं। नियमानुसार, 3 बजे के बाद आरओ चैंबर में किसी भी बाहरी व्यक्ति का प्रवेश वर्जित होता है। मदेरणा ने दावा किया कि जिस समय विधायक अंदर थे, उस दौरान कांग्रेस के 3 उम्मीदवार वहां खड़े थे, जिन्हें पुलिस ने धक्के देकर बाहर निकाल दिया। उन्होंने पुलिस पर कार्यकर्ताओं के साथ बदतमीजी करने का भी आरोप लगाया और इसे सत्ता का दुरुपयोग करार दिया।
प्रशासनिक अधिकारियों से तीखी बहस
धरने के दौरान दिव्या मदेरणा ने चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े किए। उन्होंने बताया कि कांग्रेस कार्यकर्ता अजीत कच्छवाह ने पुलिस से पूछा था कि अंदर जाने वाले लोग क्या सरकारी कर्मचारी हैं और मदेरणा ने खुद आरओ पंकज जैन को फोन किया और पूछा कि विधायक उनके कक्ष में कैसे गए। " इस पर मदेरणा ने कड़ी आपत्ति जताते हुए पूछा कि क्या विधायक वहां चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने आए थे। उन्होंने स्पष्ट रूप से पूछा कि क्या 3 बजे के बाद किसी का नामांकन भरा जा सकता है या किसी को अंदर जाने की अनुमति है, लेकिन उन्हें आरओ की ओर से कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला।
सीआई और आरओ को दी चेतावनी
विरोध प्रदर्शन के दौरान दिव्या मदेरणा आरओ पंकज जैन के कक्ष में पहुंचीं और उनसे विधायक को अनुमति देने पर जवाब मांगा। जब जैन ने कहा कि उन्होंने किसी को बाहर नहीं निकाला, तो कार्यकर्ताओं ने बताया कि यह काम पुलिस ने किया है। इसी बीच मथानिया सीआई तुलसी वहां पहुंचीं, जिन्हें दिव्या मदेरणा ने कड़े शब्दों में चेतावनी दी। मदेरणा ने कहा कि "मैडम, आप 2 दिन पहले ही यहां आई हैं। आपके विधायक ने आपकी पोस्टिंग के लिए सीएमओ में बहुत हाथ-पैर जोड़े हैं। अगर थाने में कोई गड़बड़ी हुई तो मैं डीजीपी से बात करूंगी। " इसके बाद दिव्या वहां से चली गईं लेकिन उनका विरोध जारी रहा।
विधायक सियोल का पलटवार
दूसरी ओर, ओसियां विधायक भैराराम सियोल ने इन सभी आरोपों को निराधार बताया। सियोल ने स्पष्ट किया कि वे केवल यह पूछने गए थे कि कितने फॉर्म आए हैं और क्या सब कुछ शांतिपूर्ण चल रहा है। उन्होंने कहा कि वे पूछताछ के तुरंत बाद बाहर आ गए थे। सियोल ने दिव्या मदेरणा पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने मथानिया और तिंवरी नगर पालिका चुनाव में कांग्रेस के मूल कार्यकर्ताओं के टिकट काट दिए हैं, जिससे पार्टी के भीतर भारी रोष है। सियोल के अनुसार, दिव्या इस आंतरिक कलह से ध्यान भटकाने के लिए यह सब नाटक कर रही हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि दिव्या को रात भर धरना देना चाहिए ताकि उनकी प्रैक्टिस हो जाए, क्योंकि कांग्रेस ने कभी संघर्ष नहीं किया बल्कि सिर्फ सत्ता का सुख भोगा है। विधायक ने दावा किया कि दोनों नगर पालिकाओं में हार निश्चित देखकर दिव्या बौखला गई हैं।
What's Your Reaction?