समय रैना और शेरोन वर्मा के बिहारी-कश्मीरी जोक्स पर भड़के कैलाश खेर, बोले तमीज में रहना चाहिए

गायक कैलाश खेर ने इंडियाज गॉट लेटेंट 2 में बिहार और कश्मीर पर किए गए जोक्स पर नाराजगी जताई और समय रैना व शेरोन वर्मा को तमीज में रहने की सलाह दी।

Sep 7, 2026 - 08:35
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समय रैना और शेरोन वर्मा के बिहारी-कश्मीरी जोक्स पर भड़के कैलाश खेर, बोले तमीज में रहना चाहिए

मशहूर गायक कैलाश खेर ने स्टैंड-अप कॉमेडी शो 'इंडियाज गॉट लेटेंट 2' में बिहार और कश्मीर से जुड़े जोक्स को लेकर पैदा हुए विवाद पर अपनी कड़ी नाराजगी व्यक्त की है। यह विवाद शो के होस्ट समय रैना और कॉमेडियन शेरोन वर्मा के बीच हुई एक बातचीत के बाद शुरू हुआ, जिसमें क्षेत्रीय पहचान और रूढ़िवादी सोच पर कटाक्ष किए गए थे। कैलाश खेर ने इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए लोगों से जागरूकता और तहजीब बरतने की अपील की है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि कलाकारों को चैतन्य और तमीज में रहना चाहिए और अपनी सीमाओं का सम्मान करना चाहिए।

कैलाश खेर ने दी तमीज और चैतन्य में रहने की सलाह

ANI से बातचीत के दौरान कैलाश खेर से उन जोक्स के बारे में पूछा गया जिनमें कश्मीरी पंडितों और बिहारियों का मजाक उड़ाया गया था और इस पर अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए खेर ने कहा कि संगीत और कला केवल मनोरंजन नहीं बल्कि एक प्रकार का अनुशासन है। उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति के जीवन की धुन सही नहीं है, तो वह दूसरों का मजाक उड़ाने लगता है। कैलाश खेर के अनुसार, इंसान को चैतन्य में रहना चाहिए और तमीज से पेश आना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि अगर हर कोई तमीज से बात करे, तो सबको पता होता है कि कैसे जीना है, कैसे हंसना है और कैसे किसी का दिल जीतना है। उन्होंने गलत व्यवहार की निंदा करते हुए अच्छे से रहने की सलाह दी।

इंडियाज गॉट लेटेंट सीजन 2 का पूरा विवाद

यह पूरा विवाद 'इंडियाज गॉट लेटेंट' के सीजन 2 के एक एपिसोड से शुरू हुआ। इस एपिसोड में पहले सीजन की कंटेस्टेंट रह चुकीं शेरोन वर्मा पैनलिस्ट के तौर पर शामिल हुई थीं। उनके साथ पैनल में समय रैना, ओरी, निशांत सूरी और अर्चना पूरन सिंह भी मौजूद थे। शो के दौरान समय रैना ने शेरोन वर्मा के बिहारी मूल और काम की तलाश में पलायन करने वाली रूढ़िवादी सोच पर मजाक किया। इसके जवाब में शेरोन वर्मा ने समय की कश्मीरी पहचान और नशा करने की आदतों पर कटाक्ष किया। शेरोन ने यह भी कहा कि उन्होंने कम से कम अपनी मर्जी से अपना राज्य छोड़ा था। हालांकि यह बातचीत शो के रोस्टिंग फॉर्मेट का हिस्सा लग रही थी, लेकिन सोशल मीडिया पर इसे लेकर तीखी बहस छिड़ गई है।

राजनीतिक प्रतिक्रिया और आलोचना

इस विवाद ने राजनीतिक मोड़ भी ले लिया है। शिवसेना नेता आनंद दुबे ने समय रैना की कॉमेडी की आलोचना करते हुए कहा कि कॉमेडियन को अपने एक्ट में जाति, राज्य या धर्म जैसे संवेदनशील विषयों को शामिल करने से बचना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस तरह के मजाक से जनभावनाएं आहत होती हैं। गौरतलब है कि इसी एपिसोड के दौरान अर्चना पूरन सिंह के पति और बच्चों को भी रोस्ट किया गया था। सोशल मीडिया पर चल रही इस बड़ी बहस और आलोचनाओं के बावजूद, समय रैना और शेरोन वर्मा ने अभी तक इस विवाद पर अपनी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।

लोकप्रियता और आलोचना पर कैलाश खेर के विचार

कैलाश खेर ने अपने करियर और शोहरत के सफर के बारे में बात करते हुए कहा कि उन्होंने हमेशा तमीज से पेश आने की कोशिश की है। उन्होंने स्वीकार किया कि जब कोई व्यक्ति लोकप्रिय होता है, तो उसके साथ आलोचना, जलन और दुश्मनी भी आती है। उन्होंने कहा कि जब आपके आलोचक और नफरत करने वाले लोग पैदा होने लगें, तब आपको एहसास होता है कि आप जीवन में कितनी दूर आ गए हैं और हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सफलता का मतलब यह नहीं है कि आप दूसरों की भावनाओं का अनादर करें। कैलाश खेर का यह बयान ऐसे समय में आया है जब डिजिटल प्लेटफॉर्म पर कॉमेडी की सीमाओं को लेकर लगातार सवाल उठाए जा रहे हैं।

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